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दिल से दिल तक, सीआईडी जैसे सीरियल में किया काम:थियेटर नहीं किया पर एक्टिंग मेरी दुनिया, बोकारो से मुंबई का सफर नहीं रहा आसान

2 महीने पहलेलेखक: संजय सिन्हा
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दिल से दिल तक, देवों के देव महादेव, तुझ संग प्रीत लगाई सजना, देवी, नागिन 1 जैसे सीरियल में अहम किरदार निभाने वाली पूजा शर्मा झारखंड के बोकारो जिले के फुसरो की रहनेवाली हैं। उन्होंने सीआईडी, आहट, सावधान इंडिया में भी काम किया है। कई टीवी एड में भी वो दिखती हैं। कई बड़ी कंपनियों के लिए उन्होंने एड किए हैं। जल्द ही वो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी दिखेंगी। बोकारो से मुंबई तक का सफर तय करने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की।

भास्कर वुमन से खास बातचीत में पूजा शर्मा कहती हैं बोकारो के फुसरो में मेरा घर है। हालांकि मूल रूप से बिहार के जहानाबाद की हूं। मेरे पापा कामेश्वर शर्मा ने फुसरो में ही बिजनेस सेटल किया। मैं जब दो वर्ष की थी तभी उनका निधन हो गया था। पापा बहुत उदार किस्म के व्यक्ति थे। उनके स्वभाव में ही मदद करना था। घर के लोग बताते हैं कि पापा ने स्कूल बनाकर डोनेट किया था। जितना कमाते थे, उसका एक हिस्सा दान कर देते थे।

परिवार के सदस्यों के साथ पूजा
परिवार के सदस्यों के साथ पूजा

हम सात भाई-बहन रहे हैं। एक दीदी पिछले साल गुजर गईं थीं। मेरे तीन भाई पुष्कर, दिनकर और मधुकर हैं। मैं दिनकर भैया के काफी करीब हूं। मुझे याद है जब मैं बोर्डिंग स्कूल में थी तब वहां से भैया को चिट्‌ठी लिखा करती थी। आज मुंबई में रहकर भी अपने भतीजे-भतीजियों के बहुत करीब हूं।

बचपन से ही सिंगिंग-डांसिंग का शौक था

आर्ट के प्रति लगाव तो बचपन से ही था। पढ़ाई-लिखाई में बहुत मन नहीं लगता था। लेकिन सिंगिंग, डांसिंग का शौक था। स्कूल में जो भी फंक्शन होते थे, उसमें भाग लेती थी। ड्रामा भी करती थी। एक बार स्कूल में सीता का रोल प्ले किया था। आर्ट के प्रति झुकाव को मेरी फैमिली जानती थी। उन्होंने मुझे हमेशा सपोर्ट किया। हालांकि जब करिअर बनाने की बात हुई तब नहीं सोचा था कि एक्टिंग करनी है।

मैं शुरू से बोर्डिंग स्कूल में रही। चौथी कक्षा तक की पढ़ाई गिरिडीह से हुई। 9वीं-10वीं डीएवी धोरी से और 11वीं-12वीं की पढ़ाई बोकारो से की। 12वीं के बाद कुछ तय नहीं था कि क्या करना है। आगे सिंपल ग्रेजुएशन करूं या फिर कुछ और।

तब एयर होस्टेस को मैंने अपना करिअर बनाने का प्लान किया। किंग फिशर के लिए अप्लाई किया, लेकिन सेलेक्ट नहीं हो पाई। फिर जेट एयरवेज के लिए अप्लाई किया। यहां हरेक स्टेप को मैंने क्लियर किया। सेलेक्ट होने के बाद मुझे ट्रेनिंंग के लिए मुंबई भेजा गया।

मशहूर एक्टर एम नासर के साथ पूजा शर्मा
मशहूर एक्टर एम नासर के साथ पूजा शर्मा

मैं भी कभी ऑडिशन दूंगी

2007-08 की बात है। पास में ही स्टार प्लस का ऑफिस था। मैं तब दूर से ही ऑफिस को देखा करती थी। तब अपनी फ्रेंड्स से कहती थी, एक दिन मैं भी एक्टिंग की दुनिया में जाऊंगी।

वो पल भी आ गया

मैं एक कॉफी कैफे में बैठी थी। वहां किसी टीवी सीरियल के लिए ऑडिशन चल रहा था। तब कास्टिंग डायरेक्टर की नजर मुझ पर पड़ी। वो आए और कहा कि हमें एक फ्रेश चेहरे की जरूरत है। क्या आपको एक्टिंग का शौक है। क्या आप ऑडिशन देंगी। मैंने हां कर दिया। फिर तो ऑडिशन भी क्लियर किया और इस तरह एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा।

‘तुझ संग प्रीत लगाई सजना’ से ब्रेक

तुझ संग प्रीत लगाई सजना सीरियल से मुझे ब्रेक मिला। बाला जी टेलीफिल्म्स से मेरी शुरुआत हुई। इसमें मैंने पूजा बनर्जी की बहन का रोल किया था। मैंने पहली बार कैमरा फेस किया था, लेकिन मैंने खुद को धीरे-धीरे निखारा। सेट पर ही एक्टिंग की बारिकियां सीखीं। डायलॉग डिलिवरी कैसी हो, एक-एक शब्द का उच्चारण कैसा हो, सिचुएशन के अनुसार भाव-भंगिमाएं कैसी हो, सब सीखा।

डायरेक्टर बताते, को-एक्टर्स बताते कि एक्सप्रेशन ऐसा होना चाहिए, ऐसे संवाद बोलना है…मैं पूरे ध्यान से सीखती। इस तरह मेरा काम अच्छा होता चला गया।

मेहनत रंग लाई

कोई चीज आसानी से नहीं मिलती। मैंने भी खूब मेहनत की। दिनभर में तीन-चार ऑडिशन देती। तब नाश्ते का भी ध्यान नहीं रहता था। मुझे बस यही लगता था कि मुझे इस इंडस्ट्री में पांव जमाना है। मेरी मेहनत का परिणाम भी दिखने लगा।

एक के बाद एक कई सीरियल मिलते चले गए। रोल भी मुझे वैसे मिले जिन्हें मैं करना चाहती थी। स्टार प्लस, एनडीटीवी इमेजिन, लाइफ ओके, सोनी टीवी, कलर्स आदि कई चैनलों के प्रोजेक्ट मैंने किए। मेरे अंगने में मैंने चंदा का किरदार निभाया था। नागिन 1 में निभाई भूमिका को लोग अभी भी याद करते हैं। उस सीरियल की वजह से लोग मुझे पहचान जाते हैं।

एनडीटीवी इमेजिन पर देवी, जी टीवी पर सात फेरे, कलर्स का शो दिल से दिल तक सबमें अपने काम को मैंने इन्जॉय किया। देवों के देव महादेव में मैंने मां सरस्वती का रोल किया। तब इस सीरियल की टीआरपी सबसे अधिक थी।

टीवी सीरियल से लिया ब्रेक

दिल से दिल तक सीरियल में मैंने लास्ट काम किया है। इसके बाद मैंने सीरियल से ब्रेक लिया। मैंने सोचा कि अपने करिअर को आगे बढ़ाने के लिए फिल्मों, वेब सीरीज की ओर रुख करना होगा। इस बीच मैंने कई एड किए हैं। ये सभी बड़े ब्रांड के विज्ञापन हैं। इसने मुझे नई ऊर्जा दी है। आगे कई प्रोजेक्ट के लिए खुद को तैयार कर रहीं हूं।

मनोज वाजपेयी को मानती हूं गुरु

बेतिया से निकल कर मुंबई में अपनी कामयाबी का परचन लहराने वाले मनोज वाजपेयी जी को मैं अपना गुरु मानती हूं। उनकी एक्टिंग को देखती हूं, सीखती हूं। अगर कभी उनके साथ काम करना का मौका मिला तो यह मेरे सपनों के पूरे होने जैसा होगा।

न्यूकमर्स को मिलता है चांस

टीवी इंडस्ट्री न्यू कमर्स को हमेशा चांस देती है। आपमें टैलेंट तो आपको मौका जरूर मिलेगा। जब एक बार मौका मिल जाए तो फिर पीछे नहीं हटिए। ओटीटी प्लेटफॉर्म भी टीवी इंडस्ट्री जैसा ही है। यहां भी न्यूकमर्स को बहुत अवसर मिलते हैं।

मेहनत से सपने जरूर होंगे पूरे

बिहार, झारखंड, असम, छत्तीसगढ़, यूपी और दूसरे प्रदेशों से लोग मुंबई में एक्टिंग करिअर बनाने आते हैं। उनके सपने होते हैं। ये सपने तब पूरे होते हैं जब आप मेहनत करते हैं। मेरा यही कहना है कि आपकी तैयारी पूरी होनी चाहिए। जब सेट पर हों तो परिपक्व हों। एक्टिंग स्कूल ज्वाइन करिए, डायलॉग डिलीवरी पर फोकस करिए। सक्सेस जरूर मिलेगी।

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