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पैंडमिक प्रेम:बंदिशों में पनपा और परवान चढ़ा प्रेम, आज मिलिए उन कपल्स से जिनका लॉकडाउन में मुकम्मल हुआ प्यार

नई दिल्लीएक महीने पहले
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कोरोना संकट का वो सबसे बुरा और खौफनाक वक्त, जब पूरी दुनिया अपनी और अपनों की जान बचाने के लिए घरों में कैद हो गई थी। न लोग बाहर जा सकते थे और न बाहर से कोई आकर मिल सकता था। महामारी के उस काले साये में भी कई खुशनसीब लोगों का प्रेम पनपा और परवान चढ़ा, जिनकी कहानियां सुनकर आपको एक बार फिर यकीन हो जाएगा कि प्रेम का अंकुर तो कभी भी कहीं भी फूट सकता है। प्यार कब बंदिशों को मानता है। दैनिक भास्कर डिजीटल की रिपोर्टर दीप्ति मिश्रा ने ऐसे ही चार कपल्स से बात की है, जिन्हें लॉकडाउन में अपना हमसफर मिल गया ...

1. जान बचाने में जुटी मेजर पर आया प्रोड्यूसर का दिल

भारतीय सेना की मेजर निहारिता और प्रोड्यूसर नितीश खरबंदा उन कपल्स में से एक हैं, ​जिन्हें लॉकडाउन में एक-दूसरे से प्यार का एहसास हुआ। फाइनली इस साल 27 फरवरी को दोनों परिणय सूत्र में बंध गए।

नितीश खरबंदा बताते हैं कि लॉकडाउन से कुछ रोज पहले ही हमारी एक ऑनलाइन पोर्टल पर मेजर निहारिता से बातचीत हुई। निहारिता भारतीय सेना में डॉक्टर हैं। वे छुट्टी पर आने वाली थी। इसी दौरान हम लोगों को मिलना था, लेकिन तभी लॉकडाउन लग गया और निहारिता की छुट्टियां कैंसिल हो गईं। साथ ही कोविड ड्यूटी भी लगा दी गई। हम दोनों बातें करने लगे, जब निहारिता को टाइम मिलता तो वीडियो कॉल भी कर लेता। संक्रमण का डर और सैकड़ों किलोमीटर की दूरी ने हमें एक-दूसरे के लिए फिक्रमंद बना दिया। तब हमें अहसास हुआ कि हम एक-दूसरे से प्यार करते हैं। हमें एक-दूसरे का साथ पसंद है।

दिल्ली के रहने वाले नितीश बताते हैं कि जब पहली बार लागू लॉकडाउन में ढील मिली, तब निहारिता अपने परिवार के पास नोएडा आई। उन दिनों दिल्ली और नोएडा जाना बिल्कुल वैसा था, जैसे भारत से पाकिस्तान जाना हो। इतनी पांबदियां थी कि मेरा जाना मुश्किल था। मैं निहारिता से मिलने नहीं जा सकता था, लेकिन उसे आने जाने की अनुमति थी। इसलिए वो मुझसे मिलने दिल्ली आती थी। दूरी और पाबंदियों में पास आने की कशिश बढ़ती गई। निहारिता बहुत केयरिंग, लविंग, समझदार, सुलझी हुई और साहसी है। उसकी ये सारी बातों ने मुझे प्रभावित किया। आज हम साथ हैं और बहुत खुश हैं। मुझे प्राउड है कि मैं मेजर निहारिता का पति हूं। अभी भी वो ड्यूटी पर होती है, तो मेरे मन में डर लगा रहता है, लेकिन वो चुटकियों में उस डर को काफूर कर देती है।

नितीश और निहारिता
नितीश और निहारिता

2. यूएस और इंडिया के बीच के टाइम डिफरेंस ने बना दी हमारी जोड़ी
दिल्ली निवासी ईशा कपूर एचआर प्रोफेशनल हैं। ईशा भी उन कपल्स में से एक हैं, जिनका प्यार लॉकडाउन में परवान चढ़ा। अमेरिका में कोरोना ने दस्तक दे दी थी, जिसके चलते छह साल बाद पेशे से इंजीनियर राहुल कपूर जोकि अब ईशा के ​पति हैं, स्वदेश लौटे। इसी दौरान एक मैट्रीमोनियल साइट पर दोनों की बातचीत शुरू हुई थी। दोनों को बातचीत कर लगा कि वे एक-दूसरे के लिए परफेक्ट हैं, फिर क्या था। 26 अप्रैल, 2020 यानी सबसे सख्त लॉकडाउन में दोनों ने शादी कर ली।

ईशा बताती हैं कि अमेरिका और इंडिया के टाइम डिफरेंस ने हमारी जोड़ी बना दी। मैं अपने काम को लेकर दिन भर व्यस्त रहती थी। जब रात में मैट्रीमोनियल साइट पर जाती, तो केवल राहुल ही ऑनलाइन नजर आते थे क्योंकि यूएस में उस वक्त दिन होता था। राहुल की आदत यूएस के समय पर जागने और सोने की थी।

ऑनलाइन बात कर कैसे फैसला ले लिया कि आपके लिए राहुल राइट पर्सन हैं? इसके जवाब में ईशा बताती हैं कि टेक्निकल पेशे में होने के बावजूद राहुल बहुत क्रिएटिव हैं। उन्हें खाना पकाने का बहुत शौक है। एक अच्छे डांसर हैं और बहुत ईमानदार हैं, उन्हें जो कहना होता है, उसे बेहद सपाट लहजे में कह देते हैं। घुमा फिराकर नहीं कहते। हर बात को बड़े ध्यान से सुनते हैं और चीजों को समझते हैं। ये सारी चीजें मुझे बेहद पसंद आई और मुझे लगा हम एक-दूसरे के लिए राइट हैं।

पति राहुल कपूर के साथ ईशा कपूर
पति राहुल कपूर के साथ ईशा कपूर

ईशा के मुताबिक, 13 अप्रैल को जब लॉकडाउन में ढील दी गई, तब हमने शादी का फैसला किया, लेकिन हमारे परिवार वाले शादी पोस्टपोन करना चाहते थे। उस वक्त राहुल ने कहा कि नहीं, अभी ही शादी करनी है। फिर क्या था शादी के लिए अनुमति ली गई और 26 अप्रैल की अनु​मति मिली। पंडित और मेड समेत कुल 11 लोग हमारी शादी में शामिल हुए। मैं डेस्टिनेशन वैडिंग करना चाहती थी, लेकिन लॉकडाउन में सारे प्लान धरे रह गए। राहुल के साथ होने का अहसास बहुत खूबसूरत है, जिसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती। बस जी सकती हूं। ईशा कहती हैं कि मैं शुक्रगुजार हूं लॉकडाउन की, जो हम दोनों पूरा डेढ़ साल सुकून से साथ रहने और अच्छी मेमोरी क्रिएट करने का मौका मिला।

3. जिस रिश्ते के लिए कर दी थी ना, लॉकडाउन में उसी से हो गया प्यार

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले पवन मिश्रा और उनकी पत्नी सुरुचि भी उन कपल्स में शामिल हैं, जिन्हें लॉकडाउन में अपना हमसफर मिल गया और अब दोनों ने जिंदगी के नए सफर के लिए खुशियों वाली रफ्तार पकड़ ली है।

पेशे से इंजीनियर प​वन मिश्रा ​बताते हैं कि सुरुचि को मेरी मां ने पसंद किया था। हमारी शादी की बातें चल रहीं थी, इसी दौरान मां ने दुनिया छोड़ दी। मां के न रहने के बाद दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को जोड़ने से इनकार कर दिया। मां के सामने जब हमारी शादी की बात चल रही थी, उस दौरान हम दोनों फोन पर कभी कभार बात कर लेते थे, लेकिन शादी के लिए मना होने के बाद हम दोनों ने बात करना बंद कर दिया।

पवन मिश्रा बताते हैं, "मैं अगस्त, 2020 में मुरादाबाद अपने मामा के घर गया। वहां कोविड की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई और मुझे क्वारंटीन कर दिया गया। उस वक्त मैंने सुरुचि को एक मैसेज किया और वहां से चैट पर हमारी बातें फिर से शुरू हो गईं। जब सुरुचि को पता ​चला कि मैं कोरोना संक्रमित हो गया हूं, तो वो मेरी फिक्र करने लगी। दवाई, खाना और बाकी चीजों के बारे में कॉल कर याद दिलाती और दिन में कई बार हालचाल पूछती। उस वक्त मैंने महसूस किया कि यही वो लड़की है, जिसके साथ मैं जिंदगी के सफर में आगे बढ़ना चाहता हूं। हालांकि, यह डगर इतनी आसान नहीं थी। घर वालों को मनाना बहुत मुश्किल काम था। खैर घर वाले मान गए और 11 दिसंबर, 2020 को हम दोनों परिणय सूत्र में बंध गए। आज हम दोनों साथ हैं और बेहद खुश हैं और मजे से अपनी गृहस्थी की गाड़ी चला रहे हैं।"

4. लॉकडाउन में पूरा हुआ 12 साल का इंतजार

झारखंड के धनबाद में रहने वाली नेहा कंचन और देवघर निवासी कुमार विकास की कहानी बाकी कपल्स से थोड़ी हट कर है। कोरोना की दूसरी लहर में जब सब कुछ बंद था। लोग डर के साये में जी रहे थे। देश में ऑक्सीजन की किल्लत थी, उस वक्त नेहा और विकास के प्यार को संजीवनी बूटी मिल गई।

दरअसल, नेहा और विकास दोनों स्कूल टाइम से एक-दूसरे को जानते हैं। पहले अच्छे दोस्त और फिर 12वीं कक्षा में पहुंचते-पहुंचते यह दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों का प्यार घर वालों के सपनों के आड़े आ गया। यही वजह थी कि 1-2 नहीं बल्कि करीब 12 साल बीत गए, तब जाकर घर वाले दोनों की शादी कराने को तैयार हुए। घर वालों के मानने पर ही शादी करनी है, नेहा और विकास की इस जिद ने उनकी शादी को मोस्ट अवेटेड बना दिया था। मोस्ट अवेटेड शादी की डेट नजदीक आते ही कोरोना की दूसरी लहर ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया।

कुमार विकास और नेहा
कुमार विकास और नेहा

एक निजी संस्थान में प्रोग्राम मैनेजर नेहा कंचन बताती हैं, 'मैं अपनी शादी को लेकर बहुत ही एक्साइटेड थी। ढेर सारी प्लानिंग की थी। जोर-शोर से तैयारियों में जुटी थी, लेकिन शादी से एक हफ्ते पहले मैं कोरोना पॉजिटिव हो गई। अच्छी बात ये थी कि शादी की खुशी में मैं तीन दिन में ही रिकवर हो गई, जिसकी डॉक्टर को भी उम्मीद नहीं थी। मैं शादी वाले दिन एकदम ठीक थी।

इतने लंबे इंतजार के बाद शादी होने के बारे में पूछे जाने पर नेहा बताती हैं कि मेरा सालों का सपना हकीकत में मेरे सामने था। उस अहसास को शब्दों में बयां नहीं कर सकती। मैं बहुत खुश थी। मैंने हर एक रस्म को एंजॉय किया। घर वाले साथ थे, जो लोग शादी में नहीं थे, उन्होंने भी वर्चुअली आशीर्वाद दिया।

एक निजी संस्थान में करिकुलम कंटेंट हेड के तौर पर सेवा देने वाले कुमार विकास बताते हैं कि घर वालों को मनाना आसान नहीं था। जब घर वाले माने तो कोविड आ गया, लेकिन लॉकडाउन या ऐसी कोई सिचुएशन मुझे उसके साथ शादी करने से नहीं रोक सकती। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद हम दोनों को घर वालों का साथ और आशीर्वाद भी मिल गया। नेहा से शादी के बाद जिंदगी के बारे में पूछ जाने पर विकास बताते हैं कि नेहा ​के बिना में अपनी जिंदगी की कल्पना भी नहीं कर सकता। उसके बिना मैं अधूरा हूं। जिंदगी के हर लम्हे में उसके साथ रहना चाहता हूं।