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प्राइवेसी पर वार:ट्रोलिंग-ट्रोलिंग करे जमाना, हर हाल में महिलाओं को आफत की जड़ बताना

एक महीने पहलेलेखक: गीतांजली
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  • इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाली करीब तीन- चौथाई महिलाएं किसी न किसी किस्म के साइबर अपराध का शिकार
  • महिलाओं पर सोशल ट्रोलिंग को लेकर बीजेपी नेता मेनका गांधी ने उठाया कदम

बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा, करीना कपूर खान, स्वरा भास्कर, कंगना रनौत जैसी अभिनेत्रियां भी किसी ना किसी वजह से सोशल मीडिया ट्रोलिंग का शिकार हो चुकी हैं। इतनी बड़ी सेलीब्रेटीज होते हुए भी ये खुद को ट्रोलिंग से नहीं बचा पाईं, तो आम महिलाएं इससे अछूती कैसे रह सकती हैं?

सोशल मीडिया पर इन जोक्स का ट्रेंड हो रहा हावी

जोक्स का यह चलन अब वर्चुअल दुनिया में भी हावी हो चुका है। फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम जैसे कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं पर भद्दे कमेंट्स किए जाते हैं। उन पर बन रहे ये जोक खूब चाव से पढ़े और शेयर किए जाते हैं।

लॉकडाउन में महिलाओं पर जोक्स का सिलसिला ज्यादा ही देखने को मिला। इस दौरान व्हाट्सऐप ग्रुप पर पत्नियों पर भद्दे मजाक खूब शेयर किए गए। इन जोक्स में पति को बेचारा और पत्नी को पति को परेशान करने वाली मशीन बताया गया।

रिपोर्ट्स के आंकड़े हैरान करने वाले

एक रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाली लगभग तीन- चौथाई महिलाएं किसी न किसी किस्म के साइबर अपराध का शिकार हैं। महिलाओं से बिना पूछे सोशल प्लेटफॉर्मस पर कंमेट्स, भद्दे पोस्टर्स के जरिए जिस तरीके से उनकी इज्जत की धज्जियां उड़ाई जाती हैं, वो इनका अनचाहा शोषण ही तो है। ‘कॉम्बैटिंग ऑनलाइन वॉयलेंस अगेंस्ट वुमेन एंड गर्ल्स नाम की संस्था ने इस मामले में 86 देशों पर सर्वे किया। इस रिपोर्ट में यह बात निकल कर सामने आई कि ऐसे मामलों में केवल 26 फीसदी मामलों पर ही उपयुक्त कार्रवाई हो पाती है। सर्वे में यह भी सामने आया है कि भारत में केवल 35% महिलाओं ने इस तरीके की साइबर क्रिटिक्स की शिकायत की, जबकि 46.7% पीड़ित महिलाओं ने शिकायत ही नहीं की। वहीं 18.3% महिलाएं खुद ही इन मुद्दों को अपराध की श्रेणी में शामिल नहीं करतीं।

सोशल ट्रेंड में महिलाएं ही निशाने पर

अभी हाल के दिनों में एक्टर रणदीप सिंह हुड्डा का एक पुराना वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में वह UP की सीएम रहीं मायावती पर उनके लुक्स को लेकर फूहड़ता भरी टिप्पणी देते नजर आए। इस वीडियो पर मीडिया ने भी उन्हें जमकर ट्रोल किया। ‘सरबजीत’ फिल्म में उनकी को- एक्टर रहीं ऋचा चड्डा ने भी उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि रणदीप की यह टिप्पणी पूरी तरह से सेक्सिज्म और जातिगत है। यह महिलाओं के प्रति उनकी सोच को दर्शाता है।

सोशल ट्रोलिंग की शिकार अभिनेत्री अनुष्का शर्मा
सोशल ट्रोलिंग की शिकार अभिनेत्री अनुष्का शर्मा

वहीं, फेमस क्रिकेटर विराट कोहली की पत्नी और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा को भी आए दिन सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जाता रहा है। कोहली की हर अच्छी- बुरी परफॉरमेंस का ठिकरा उन्हीं पर फोड़ा जाता है। ऐसे में विराट कोहली ने भी अपने जबाब में #शेम लिख इस सोशल ट्रोलिंग के विरोध और पत्नी अनुष्का के सपोर्ट में अपनी आवाज उठाई है।

पिछले दिनों एक फोटो वायरल हुई जिसमें एक न्यूली मैरिड कपल को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया गया। लोगों ने उन पर भद्दे कमेंट्स किए। उन्होंने कहा दुनिया कोरोना से परेशान है और चाचा नई फॉरचुनर ले आए हैं। यहां वधु ‘मर्सिडीज और फॉरचुनर’ नाम से संबोधित हो रही है। ऐसी कई टिप्पणियां सोशल साइट्स पर भरी पड़ी हैं जिनमें महिलाओं की तुलना वस्तुओं, जानवरों और भी कई नामों से की गई है। इन सबका निशाना केवल महिलाएं ही हैं।

प्रोफेसर डॉ. अशोक श्रीवास्तव
प्रोफेसर डॉ. अशोक श्रीवास्तव

सोशल मीडिया पर महिलाओं पर बनते इन भद्दे जोक्स को लेकर भास्कर वुमन ने बात की काशी विद्यापीठ के सोशोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अशोक श्रीवास्तव से-

डॉ. श्रीवास्तव कहते हैं कि हमारे देश में तेजी से कल्चरल चेंज हो रहा है, जिसका हम पर अच्छा और बुरा दोनों तरह प्रभाव पड़ रहा है। जहां तक बात डिजिटल दुनिया की है तो यह जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ उसे उतना ही जटिल भी बना रहा है। शुरूआत के दिनों में यह सोशल मीडिया कुछ सीमित लोगों के पास ही थी, पर जिस तरीके से इसने अपना रूप बदला है, अब यह हर हाथ की शोभा है। सोशल मीडिया ने पर्सनल अटैक को भी बढ़ावा दिया है। अब लोग इसका इस्तेमाल सुविधा के साथ-साथ मनोरंजन के लिए भी करने लगे हैं। हमारे समाज की पुरानी परंपरा रही है कि महिलाएं हमेशा से पुरुषों द्वारा एक साधन की तरह उपयोग में लाई गई हैं जिसका हम जब, जैसे चाहे इस्तेमाल कर सकते हैं। यही मानसिकता अब सोशल मीडिया पर भी फल-फूल रही है जिसका नतीजा है कि महिलाएं यहां भी इंटरटेनमेंट की तरह इस्तेमाल की जा रही हैं। उन पर लगातार भद्दे कमेंट्स किए जाते हैं। अश्लील पोस्टर्स, वाडियोज की इंटरनेट पर भरमार है। ज्यादातर पोस्टर और कमेंट्स का केंद्र महिलाएं ही होती हैं।

विडंबना यह है कि महिलाएं भी महिलाओं पर कमेंट्स करने से बाज नहीं आतीं। चाहे वह पर्सनल लाइफ की बात हो या पब्लिक स्पेस एक दूसरे को नकारने का एक भी मौका महिलाएं आपस में नहीं छोड़तीं। उन्हें इन चीजों से खुद भी ऊपर उठना होगा। जेनरेशन गैप की वजह से आज की पीढ़ी पहले की पीढ़ी को दकियानूसी ख्याल का समझ रही है, लेकिन सच्चाई यह भी है कि वह रोज बदलते इस नए ट्रेंड को आसानी से अपना भी नहीं पा रही है। इन दो पीढ़ियों के आपसी संघर्ष की वजह से समाज का नैतिक मूल्य गिर रहा है। सबसे पहले तो सोशल मीडिया के लिमिट को तय करना होगा। उस पर क्या, कैसे और कितना परोसा जाए इसकी एक रेगुलर कंट्रोल बॉडी बनानी होगी, जो इन पर परोसे जाने वाले कंटेट की हर वक्त जांच कर सके। साथ ही महिलाओं को खुद आगे आकर सोशल मीडिया पर बढ़ते कमेंट्स के चलन को रोकना होगा, इसका खुलकर विरोध करना होगा। तब कहीं जाकर इस बदलते दौर के निगेटिव साइड को रोका जा सकेगा।

मेनका गांधी
मेनका गांधी

महिलाओं पर सोशल ट्रोलिंग को लेकर ‘मेनका गांधी’ का उठाया बड़ा कदम

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता ‘मेनका गांधी’ ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के साथ होने वाली ट्रोलिंग को रोकने के लिए एंटी ट्रोलिंग मुहिम की घोषणा की। इसके तहत सोशल मीडिया पर महिलाओं के साथ हो रही ट्रोलिंग और ब्लैकमेलिंग करने वालों की जांच होगी। इस सिस्टम के जरिए महिलाएं भद्दे कमेंट्स, गाली-गलौज, प्रताड़ना के लिए शिकायत कर सकेंगी। इस ट्रोलिंग को लेकर कंट्रोलिंग की अभी तक की कोई सुविधा नहीं है, ऐसे में महिलाओं के लिए मेनका गांधी ने जो कदम उठाया है वह काबिलेतारीफ है।

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