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हौसलों से भरी तरक्की की उड़ान:कोई अमिताभ बच्चन-शिल्पा शेट्टी संग कर चुकी हैं काम, तो किसी के गीतों पर झूमता है पूरा राजस्थान

नई दिल्ली7 महीने पहलेलेखक: पारुल रांझा
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आज दुनियाभर में भारत की पहचान युवाओं का देश होने की है। बदलते परिवेश में युवा विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के आयाम छू रहे हैं। मेहनत, जज्बा और जोश के साथ उन्नति की तरफ बढ़ रही नई पीढ़ी के लिए कई युवा मिसाल बनकर उभरे हैं। वे सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि स्पोर्ट्स से लेकर एक्टिंग में भी अपनी बादशाहत कायम करने में जुटे हैं। आज राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर ऐसे ही होनहारों से मुलाकात करा रही हैं दैनिक भास्कर वुमन टीम।

अमिताभ बच्चन-शिल्पा शेट्टी संग काम कर चुकी है नितांशी
मुंबई की नितांशी गोयल की अभिनय क्षमता व डायलॉग बोलने का अंदाज देख लोग दांतों तले अंगुली दबा लेते है। यही वजह है कि महज 15 साल की नितांशी छोटी सी उम्र में ही अमिताभ बच्चन, शिल्पा शेट्टी, ऋतिक रोशन, महेंद्र सिंह धोनी, पीवी सिंधु, अदिति राव समेत कई फेमस एक्टर्स संग काम कर चुकी है। उन्हें न्यूजमेकर्स अचीवर्स अवार्ड्स 2018 और सिनेमा जगत अवार्ड्स 2018 में बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट अवॉर्ड, मिस पैंटलून जूनियर फैशन आइकॉन 2015 और रयान स्टार अवार्ड से भी नवाजा गया था।

बेटी का बॉलीवुड में एक्टिंग करने का सपना
नितांशी की मां राशि गोयल बताती हैं कि बेटी का सपना बॉलीवुड में फेमस एक्ट्रेस बनने का है। वह हमेशा अपनी एक्टिंग स्किल्स को इंप्रूव करने पर फोकस करती है। नितांशी कैमरा फेस करते ही एक्सप्रेशन एकदम बदल लेती है। इसी क्वालिटी के चलते ही सबकी फेवरेट बन गई है। वह कई फिल्मों व टीवी विज्ञापनों में भी अपनी अदाकारी से लोगों का दिल जीत चुकी है।

आकांक्षा के गीतों पर झूमता है राजस्थान
राजस्थान की आकांक्षा शर्मा न केवल एक अच्छी सिंगर बल्कि एक प्रतिभाशाली संगीतकार भी हैं। सोहणा सोहणा इतना भी कैसे तू सोहणा....तेरे इश्क में जोगी होना मेनू जोगी होना... उनका ये गाना आज भी लोगों की जुबान पर छाए रहता है। शादी में जरूर आना, गोल्ड, अंधाधुन फिल्म में उनके कई गाने खूब वायरल हुए। वहीं, आकांक्षा के कई राजस्थानी लोक गीत जैसे घूमरदार लहंगा, थाने काजळियो बणां ल्युं, काजलियो रिटर्नस भी लोगों को खूब पसंद आए।

मुश्किलों से लड़कर बनी लाखों की प्रेरणा
आकांक्षा शर्मा बताती हैं, मुझे 9 साल की उम्र से ही सिंगिंग का ऐसा भूत सवार हुआ कि ऑडिशन देने के लिए कई बार अकेले ही मुंबई पहुंच गई। ऑडिशन से कई बार बाहर हुई। पर मुझे पता था कि कामयाबी पाने के लिए आत्मविश्वास जरूरी है इसलिए कभी म्यूजिक प्रैक्टिस नहीं छोड़ी।

पहली बार जी म्यूजिक ने मेरी आवाज को मौका दिया। इसके बाद मेरा करियर शुरू हुआ। अब तक अरिजीत सिंह, जुबिन नौटियाल, जावेद अली, आयुष्मान खुराना जैसे नामी सिंगर्स के साथ अपनी आवाज शेयर कर चुकी हूं।

पीएम मोदी ने की चिराग की वेबसाइट की तारीफ
उत्तर प्रदेश के चिराग भंसाली को इनोवेशन के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2021 से सम्मानित किया जा चुका है। चिराग ने चाइनीज एप पर सरकार के बैन के बाद स्वदेशी टेक नामक एक वेबसाइट बनाई। जहां एक ही प्लेटफार्म पर इंडियन यूजर्स के लिए चीन के हर प्रतिबंधित एप का विकल्प मौजूद है। इसी वेबसाइट की तारीफ पीएम मोदी ने भी की। बता दें कि चिराग कई राष्ट्रीय स्तर की क्विज प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल कर चुके हैं। वे टीसीएस आईटी विज के विजेता भी रहे थे।

महज 12 की उम्र में यूट्यूब से सीखी कोडिंग
चिराग बताते हैं, 12 साल की उम्र में ही यूट्यूब के जरिये कोडिंग करना सीखा था। वे डिजाइनरों के लिए उपकरण उपलब्ध करवाने वाली वेबसाइट भी बना चुके हैं। एक ऐसी एप पर काम कर रहें हैं, जिसमें फोटो के जरिये आंखों की बीमारी का पता लगाया जा सकें, ताकि लोग आसानी से उपचार के लिए डॉक्टर के पास जा सकें। उनका मानना है कि जीवन में हमेशा पॉजिटिव सोच रखनी चाहिए। निगेटिविटी से कभी कुछ हासिल नहीं होता है।

गली के गेंदबाज ने छूआ आसमान
गली-मोहल्ले से क्रिकेट की शुरुआत करने वाले ऑलराउंडर शिवम मावी कई बार अपने प्रदर्शन से लोगों का दिल जीत चुके हैं। वे युवाओं के लिए प्रेरणा से कम नहीं। युवा क्रिकेटर शिवम भले ही मैदान में 145 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं, लेकिन वे स्वभाव से बेहद शांत है। जिस घर में स्पोर्ट्स को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था, वहां से संघर्ष करते हुए शिवम आज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुके हैं।

बचपन से ही क्रिकेट में थी दिलचस्पी

शिवम मावी बताते हैं, उन्हें बचपन से ही खेलकूद में बड़ी दिलचस्पी थी। क्रिकेट सबसे ज्यादा पसंद था। पिता चाहते थे कि वे डॉक्टर या इंजीनियर बने। लेकिन क्रिकेटर बनने का सपना पूरा करने के लिए घर की गलियों और आस-पास के ग्राउंड में क्रिकेट खेला करते थे। अंडर-19 इंडिया टीम में चयन के बाद उनका कॉन्फिडेंस बढ़ गया। मुंबई में इंग्लैड के खिलाफ खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने वर्ल्ड-कप टीम के लिए उनका नाम फाइनल किया।

पिता पंकज मावी ने बताया कि क्रिकेट में जब बेटा बेहतर प्रदर्शन करता गया तो विश्वास जगा कि वह आगे भी अच्छा करेगा। फिर हमने उस पर समय देना शुरू कर दिया। आज परिवार संग टीवी पर बेटे को मैच खेलते देख बेहद खुशी होती है।