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PM का जन्मदिन:नरेंद्र मोदी के सात साल के शासन में इन महिलाओं ने बदली सरकार की सूरत

नई दिल्ली2 महीने पहलेलेखक: दिनेश मिश्र
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  • 1996 में केंद्रीय कैबिनेट में सिर्फ 3 फीसदी महिलाएं
  • 2015 की कैबिनेट में 18 फीसदी महिलाएं
  • 2021 में महिलाओं की कुल भागीदारी 14 फीसदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज जन्मदिन है। इस मौके पर भास्कर उनके सात साल के कार्यकाल के दौरान मंत्री रहीं उन महिलाओं के बारे में बता रहा है जिन्होंने अपने काम से अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई। मोदी कैबिनेट में महिलाओं की भागीदारी अब तक की सरकारों में सबसे ज्यादा है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में सुषमा स्वराज, निर्मला सीतारमण, उमा भारती और मेनका गांधी जैसी शख्सियतें थीं, तो साल 2019 में दूसरी बार सत्ता में आने के बाद इस साल जुलाई में मंत्रिमंडल का दोबारा विस्तार हुआ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी के अलावा सात नई महिला मंत्री बनीं। इनमें अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल, शोभा करांदलाजे, मीनाक्षी लेखी, अन्नपूर्णा देवी, प्रतिमा भौमिक, डॉ भारती पवार, दर्शना जर्दोश हैं। 1996 में केंद्रीय कैबिनेट में सिर्फ 3 फीसदी महिलाएं हुआ करती थीं। 2015 में यह आंकड़ा 18 फीसदी हुआ और आज यह 14 फीसदी है।

सुषमा स्वराज: 5500 से ज्यादा लोगों की बचाई जान, एक ट्वीट पर मदद
मोदी के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री रहीं सुषमा ने कई ऐसे फैसले लिए जिसकी भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया मुरीद हुई। यमन में जब हूथी विद्रोहियों और सरकार के बीच जंग के दौरान वहां फंसे हजारों भारतीयों के लिए सुषमा ने ऑपरेशन राहत चलाया और 5500 से ज्‍यादा लोगों को बचाया गया, जिनमें 4640 भारतीय शामिल थे। इसी तरह उन्होंने दक्षिणी सूडान और लीबिया में भी लड़ाई के दौरान भारतीयों को सुरक्षित निकाला। उन्हीं की अगुवाई में विदेश मंत्रालय से आम आदमी भी ट्विटर के जरिये जुड़ा। उन्हें मददगार मंत्री भी कहा जाता था, जो ट्विटर पर महज एक ट्वीट पर किसी को मदद मुहैया कराती थीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीमारी के चलते चुनाव लड़ने से भी इनकार कर दिया था। बाद में उनका निधन हो गया।

स्वर्गीय सुषमा स्वराज ने अलग तरह से काम किया जिसको काफी सराहा गया।
स्वर्गीय सुषमा स्वराज ने अलग तरह से काम किया जिसको काफी सराहा गया।

निर्मला सीतारमण: कोरोना काल में आम आदमी को पैकेज से दी राहत
आंध्रप्रदेश की रहने वाली निर्मला सीतारमण मोदी के सात साल के कार्यकाल के दौरान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री स्वतंत्र प्रभार, रक्षा मंत्री, वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की राज्य मंत्री रहीं और अब वित्त मंत्री हैं। निर्मला ने 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी की प्रवक्ता रहते हुए ‘प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी’ संदेश का असरदार तरीके से प्रचार किया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जवानों के लिए अहम फैसले लिए। उन्होंने कोरोना काल के दौरान अपने राहत पैकेज से आम आदमी को राहत पहुंचाई है। इंदिरा गांधी के बाद निर्मला देश की दूसरी महिला हैं, जो रक्षा और वित्त मंत्री बनीं।

स्मृति ईरानी: टीवी से शुरुआत, अब महिलाओं के विकास पर फोकस
कांग्रेस के गढ़ अमेठी लोकसभा क्षेत्र में 55,000 से ज़्यादा वोटों से राहुल गांधी को हराने वाली स्मृति ईरानी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की कमान संभाल रही हैं। वह मोदी सरकार के मंत्रिमंडल का अहम चेहरा हैं। पहले वह मानव संसाधन विकास मंत्री थीं और बाद में उनको कपड़ा मंत्रालय दिया गया था। टेलीविजन सीरियल से कॅरियर की शुरुआत करने वालीं स्मृति 2003 में भाजपा से जुड़ी थीं।

स्मृति ईरानी ने कई अहम मंत्रालय संभाले हैं।
स्मृति ईरानी ने कई अहम मंत्रालय संभाले हैं।

मीनाक्षी लेखी: मुखर वक्ता और सरकार की बनीं ढाल
नई दिल्ली से सांसद मीनाक्षी लेखी ने अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर मोदी कैबिनेट में जगह बनाई। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल करने वाली लेखी ने कई मोर्चों पर सरकार का बचाव किया और विरोधियों को चुप करा दिया। पेशे से वकील रहीं मीनाक्षी ने प्रवक्ता के तौर पर कई मंचों पर पार्टी का पक्ष भी रखा। फिलहाल, वह विदेश और संस्कृति मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं।

मीनाक्षी लेखी।
मीनाक्षी लेखी।

डॉ. भारती प्रवीण: डॉक्टरी करते करते अब राजनीति पर राज
महाराष्ट्र के डिंडोरी लोकसभा क्षेत्र से डॉ भारती प्रवीण पवार पहली बार लोकसभा पहुंची हैं। पहली बार में ही उन्हें कैबिनेट में मौका मिल गया। खास बात यह है कि उनके पास एमबीबीएस की डिग्री भी है।

प्रतिमा कौशिक: पूर्वोत्तर की अगुवाई कर रहीं और बन रहीं प्रतीक
प्रतिमा भौमिक को भी पहली बार में ही कैबिनेट में जगह मिली है। पश्चिम त्रिपुरा सीट से 2019 का लोकसभा चुनाव जीतने वाली प्रतिमा भौमिक ने विज्ञान में ग्रेजुएशन किया है। किसान परिवार से आने वाली प्रतिमा भौमिक के पिता एक स्कूल टीचर थे। वह प्रमुखता से पूर्वोत्तर से जुड़े मसलों पर राय देती रही हैं। मोदी सरकार का फोकस भी पूर्वाेत्तर पर है। ऐसे में वह प्रमुख चेहरा हैं।

शोभा करंदलाजे: आरएसएस से जुड़ीं और नहीं की शादी
मोदी सरकार की नई कैबिनेट में शोभा करंदलाजे भी हैं। कर्नाटक के उडुपी चिकमंगलूर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद शोभा ने आरएसएस से जुड़ी होने की वजह से विवाह नहीं किया। उन्होंने 2014 और 2019 दोनों ही लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज की और अपनी साख बढ़ाई।

अनुप्रिया समेत ये महिलाएं भी मोदी कैबिनेट में लगा रहीं चार चांद
यूपी के मिर्जापुर लोकसभा क्षेत्र से अपना दल की सांसद अनुप्रिया सिंह पटेल भी मोदी कैबिनेट में मंत्री हैं। पूर्वांचल में अपनी अच्छी खास साख बनाने वाली अनुप्रिया ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर काम किया है। उनकी छवि एक विकासशील नेता की रही है। वहीं, गुजरात के सूरत से सांसद दर्शना विक्रम जर्दोश भी मंत्री हैं। बतौर सांसद उनका यह तीसरा कार्यकाल है। झारखंड के कोडरमा से सांसद अन्नपूर्णा देवी भी मंत्री हैं। वह पहले राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की करीबी थीं। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गईं।

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