पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX61305.950.94 %
  • NIFTY18338.550.97 %
  • GOLD(MCX 10 GM)478990 %
  • SILVER(MCX 1 KG)629570 %

महिलाओं से दरिंदगी:क्या भारत में रेप होने का कोई वक्त है ?

एक महीने पहलेलेखक: सुनाक्षी गुप्ता
  • कॉपी लिंक
  • रात से ज्यादा दिन में खुद को असुरक्षित मानती हैं महिलाएं, फिर आखिर क्यों अंधेरा होते ही महिलाओं को घर में रहने की दी जाती है नसीहत ?

ऑफिस से 7 बजे तक घर वापस आ जाना, वरना काम करने की जरूरत नहीं... लड़कियां रात में पार्टी करने घर से निकलती हैं इसलिए रेप होते हैं..... लड़की हो, रात में अकेले कैसे बाहर जाओगी? भाई या पापा को साथ लेकर जाना…… भारत में एक लड़की के लिए रात को सीधे खतरे से जोड़ दिया जाता है और इसे लेकर नसीहतें भी मिलती हैं। हालत ये है कि लड़कियों की जिंदगी से रोज का आधा दिन लगभग गायब रहता है, क्यों? क्योंकि उस समय हल्का या गहरा अंधेरा छाया रहता है। तो क्या यह मान लें कि लड़की दिन में निकले तो सेफ है या फिर भारत में रेप का कोई वक्त तय है?

मैसूर में कुछ दिन पहले एक मेडिकल की छात्रा अपने दोस्त के साथ चामुंडी पहाड़ियों की ओर जा रही थी कि रास्ते में चार लोगों ने उसका रास्ता रोक मारपीट के बाद सामूहिक दुष्कर्म कर वीडियो बनाया। इस घटना के बाद एक ओर पूरे देश में आक्रोश का माहौल है, वहीं दूसरी ओर कर्नाटक महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष मंजुला मानसा ने रेप पीड़िता के खिलाफ बयान दिया कि 'दुष्कर्म पीड़िता की भी कुछ जिम्मेदारी होनी चाहिए, उसे रात में इतनी सुनसान जगह पर क्यों आना पड़ा? वह मैनेजमेंट ग्रेजुएट है’ वे बलात्कारियों को लताड़ने की बजाए, पीड़िता को ही रात में बाहर न निकलने की नसीहत देने लगी। ये टिप्पणी देशभर में बहस का मुद्दा बन गई है।

दिन हो या रात हर 16 मिनट में होता है रेप
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की क्राइम इन इंडिया 2019 रिपोर्ट की माने तो भारत में एक वर्ष में 32033 रेप के मामले दर्ज किए गए। इस हिसाब से एक दिन में 88 मामले और हर 16 मिनट में एक बच्ची, लड़की और महिला दुष्कर्म का शिकार होती है। तो जाहिर सी बात है कि ये 16 मिनट दिन के किसी भी घंटे में शामिल हो सकते हैं। यानी लड़की, सुरक्षित तो दिन के उजाले में भी नहीं है।

रात से ज्यादा दिन में खुद को अनसेफ मानती हैं महिलाएं
भारत में महिलाएं किस समय सुरक्षित हैं, यह कहना तो मुश्किल है, लेकिन किस समय खुद को सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करती हैं, इसका खुलासा भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट में किया गया है। भारतीय स्त्री शक्ति संस्था द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में दुष्कर्म, छेड़खानी व अन्य महिला अपराध मामलों से जुड़ी 161 पीड़िताओं के बीच सर्वे किया गया। उनसे पूछा गया कि आप दिन के किस समय खुद को सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करती हैं। यहां 71 फीसद महिलाओं ने माना कि वह सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच खुद को सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करती हैं, जबकि 29 फीसद महिलाएं रात 8 बजे से सुबह 7 बजे के वक्त को असुरक्षित मानती हैं। बता दें कि इस सर्वे में महिलाओं को दो श्रेणियों में बांटा गया था, एक उस शहर की महिलाएं जहां ज्यादा अपराध के मामले दर्ज हैं, और दूसरा वो जहां केस कम हैं। मार्च 2017 में जारी हुई रिपोर्ट ( Tackling Violence Against Women) में महिला अपराध से जुड़े मामलों की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों के बीच भी सर्वे किया गया। जिसमें महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं के समय पर बात की गई।

इन्होंने महिलाओं को ही ठहराया दुष्कर्म के लिए जिम्मेदार
देश के ऐसे कई राजनेता और अधिकारी हैं जो महिला अपराध के खिलाफ आवाज उठाना तो दूर की बात बल्कि ऐसे बयान देते हैं जिससे दुष्कर्म जैसे घिनौना अपराध करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिले। महिलाओं को नसीहत दी जाती है कि वह रात में घर से बाहर न निकले जबकि 10 में से 6 से रेप की घटनाएं दिन के उजाले में होती हैं। देश में महिला सुरक्षा की दिशा में काम करने और पुरुषों को सभ्य बनाने के बजाए महिलाओं को पिंजरे में बंद रखने की नसीहतें दी जाती है।

प्रमोद सावंत
गोवा गैंगरेप मामले में गोवा के मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जब 14 साल के बच्चे पूरी रात समुद्र तट पर रहते हैं, तो माता-पिता को सोचने की जरूरत है, सिर्फ इसलिए कि बच्चे नहीं सुनते हैं, हम सरकार और पुलिस पर जिम्मेदारी नहीं डाल सकते’ सीएम को इस टिप्पणी को ट्रोल किया गया था।

मीना कुमारी
यूपी राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना कुमारी ने लड़कियों को लेकर ऐसी टिप्पणी की है जिस पर काफी हंगामा हुआ। मीना कुमारी ने कहा है कि 'लड़कियां घंटों मोबाइल पर बात करती हैं, बेटियों को मोबाइल नहीं देना चाहिए। लड़कियां अगर बिगड़ गई तो उसके लिए उनकी मां पूरी तरह जिम्मेदार हैं'

दिल दहलाते ऐसे 10 रेप केस, जिन्हें न दिन की रोशनी रोक सकी, न रात का अंधेरा

मंदिर रेप केस
दिन - 1 अगस्त 2021
घटना का समय - शाम करीब 5ः30 बजे
दिल्ली कैंट इलाके में 9 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या का मामला हाल ही में सामने आया। बच्ची शाम के वक्त श्मशान में लगे वॉटर कूलर से पानी भरने गई थी, जहां एक मंदिर के पुजारी सहित चार लोगों ने नन्हीं-सी जान की आबरू को नोंचा और उसे दर्दनाक मौत देकर इंसानियत को ही शर्मसार कर दिया। उस बच्ची का कसूर बस इतना भर था कि वो तपती गर्मी में प्यास बुझाने के लिए पानी तलाश रही थी।

हाथरस रेप केस
दिन - 14 सितंबर, 2020
समय - सुबह
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में दबंगई का शिकार हुई 19 वर्ष की दलित लड़की की घटना को कौन भूल सकता है। 14 सितंबर की सुबह खेत में चारा काट रही एक लड़की को गांव के दबंग परिवार के लड़के उसकी मां के सामने ही जबरदस्ती उठा ले जाते हैं। चार लोग दुष्कर्म कर उसे ऐसी हालत में छोड़ जाते हैं कि उसे 9 दिन तक अस्पताल में होश तक नहीं आता। जिंदगी और मौत के बीच झूलती वो लड़की 29 सितंबर को अंतिम सांस लेती है। घटना के बाद पूरे देश का गुस्सा फूटता है, इंसाफ की मांग उठती है, लेकिन वो बेटी हमेशा के लिए खो जाती है।

निर्भया रेप केस
दिन - 16 दिसंबर, 2012
समय - रात करीब 9ः30 बजे
16 दिसंबर को भारत में महिला सुरक्षा के इतिहास में काला दिन माना गया है। यह हमें हर साल उस भयावह घटना की याद दिलाता है जो सिर्फ एक लड़की के साथ नहीं हुई, बल्कि जिसे देख पूरे देश की नजरें शर्म से झुक गई। दिल्ली के मुनरिका बस स्टैंड से एक प्राइवेट बस में 23 वर्ष की लड़की के साथ 6 लोग दुष्कर्म करते है। वे यहीं नहीं रुकते, बल्कि उसके अंदर लोहे की रॉड घुसाकर प्राइवेट पार्ट को बाहर निकालते हैं। इंसान की शक्ल में दरिंदे उसे चलती बस से फेंक देते है। अंत में लड़की की दर्दनाक मौत होती है। देशभर में लड़कियां प्रोटेस्ट करती हैं। महिला सुरक्षा के लिए आवाज उठाई जाती है, तभी लड़की का कसूर बताया जाता है कि वह रात को फिल्म देखने गई थी।

गोवा रेप केस
दिन - 24 जुलाई, 2021
समय - रात (तड़के) करीब 3 बजे
गोवा की राजधानी पणजी से 30 किलोमीटर दूर कोलवा समुद्र तट के पास दो नाबालिग लड़कियों के साथ चार लोगों ने गैंगरेप किया, जिसमें एक राज्य सरकार का कर्मचारी भी शामिल था। यह लड़कियां अपने दोस्तों के साथ इस समुद्र तट पर आई हुई थी, उनके साथ मौजूद तीन लड़कों को पीटने के बाद दोषियों ने नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म कर वीडियो बनाया और बच्चियों को ब्लैकमेल किया। इसके बाद गोवा के सीएम ने पीड़ितों के माता-पिता के ऊपर ही सवाल उठा दिए, जिसे सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया।

कठुआ रेप केस
दिन - 10 जनवरी, 2018
समय - दोपहर करीब 12ः30 बजे
जम्मू कश्मीर के कठुआ इलाके में एक आठ वर्ष की बकरवाल लड़की दोपहर में अपने घोड़ों को चराने ले जाती है, लेकिन कभी घर वापस नहीं आती। बच्ची को नशीली दवाइयां खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया था और एक हफ्ते बाद बदहाल हालत में उसे जंगल की झाड़ियों में फेंक दिया गया। इस घटना को आठ लोगों ने अंजाम दिया, जिनमें एक पुजारी भी शामिल था। घटना के बाद राजनीति से लेकर बॉलीवुड तक महिला सुरक्षा की आवाज उठी थी।

हैदराबाद रेप केस
दिन - 27 नवंबर, 2019
समय - रात करीब 10 बजे
26 वर्षीय पशु चिकित्सक अपने स्कूटर से घर लौट रही थी, टोल प्लाजा पर स्कूटर खराब हुआ और मदद करने के नाम पर चार लोगों ने झाड़ियों में ले जाकर महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म किया, दरिंदे यहां नहीं रुके और डॉक्टर को जिंदा ही जलाकर शव को दूसरी जगह फेंक दिया। इस घटना को अंजाम देने वाले चारों दोषी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए थे। लड़की की गलती बस इतनी थी कि वो काम से देर से घर लौट रही थी और मदद करने वालों का भरोसा किया।

बदायूं रेप केस
दिन - 26 मई, 2014
समय - शाम करीब 7 बजे
उत्तर प्रदेश के बदायूं में शौचालय न होने के कारण महिलाओं को खेत में शौच के लिए जाना पड़ता था। 26 मई की शाम को गांव की दो लड़कियां जब शौच को निकली तो सीधे अगले दिन आम के पेड़ पर लटकी हुई मिली, इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। दरिंदगी का यह खौफनाक मंजर हर कोई देख रहा था। गांव की दो नाबालिग लड़कियां, जिनकी उम्र मात्र 14 और 15 साल रही होगी, उन्हें खेत से अगवा कर लिया गया, जहां उनका कई लोगों ने रेप किया और हत्या कर पेड़ पर लटका दिया। इस मुद्दे पर 2019 में 'आर्टिकल 15' फिल्म बनाई गई थी। बच्चियों का कसूर सिर्फ इतना कि वह दैनिक कार्य के लिए गई थी।

उन्नाव रेप केस
दिन - 4 जून, 2017
समय - रात करीब 8 बजे
नौकरी की तलाश में भटकती 17 वर्षीय लड़की का पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर के घर में अपहरण कर दुष्कर्म किया गया। इस मामले में दोषी कुलदीप सेंगर को उम्र कैद की सजा सुनाई गई। जिस वक्त यह घटना हुई थी तब लड़की नाबालिग थी और उसे विधायक के घर में कैद कर कई बार अलग-अलग लोगों ने रेप किया। कसूर सिर्फ इतना कि वह पेट पालने के लिए नौकरी ढूंढ रही थी।

शक्ति मिल्स रेप केस
दिन - 22 अगस्त, 2013
समय - शाम करीब 6ः54 बजे
22 वर्षीय महिला फोटो-जर्नलिस्ट एक साथी पत्रकार के साथ किसी रिपोर्ट के सिलसिले में मुंबई के शक्ति मिल कंपाउंड पहुंची थी। वहां उसके साथ एक घिनौनी घटना हुई, जिसे पूरे देश ने देखा। महिला पत्रकार के साथ पांच पुरुषों ने छह बार दुष्कर्म किया और रेलवे ट्रैक पर फेक दिया। महिला की फोटो खीच उसे ब्लैकमेल भी किया गया। गुनाह सिर्फ इतना कि महिला अपनी ड्यूटी निभा रही थी।

गुड़िया रेप केस
दिन - 4 जुलाई, 2017
समय - दोपहर करीब 3 बजे
हिमाचल प्रदेश के शिमला में स्कूल से घर वापस आती 16 वर्षीय नाबालिग लड़की का रास्ते में अपहरण कर रेप किया गया। दोषी ने बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया और बेरहमी से हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे हिमाचल को हिलाकर रख दिया था। मासूम बच्ची का कसूर सिर्फ इतना कि वो सुरक्षित घर पहुंचना चाहती थी।

खबरें और भी हैं...