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गुजरात में महिला शक्ति:इंग्लिश टीचर मनीषा वकील और इंजीनियर निमिषा सुथार बनीं मंत्री, महिला विकास और मेडिकल क्षेत्र पर होगा फोकस

नई दिल्ली2 महीने पहले
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नए कैबिनेट में दो महिलाएं

गुजरात के नवनियुक्त मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नए मंत्रिमंडल का गठन हो गया है। उनकी नई टीम में एक भी पुराना चेहरा शामिल नहीं है। नई कैबिनेट के गठन से पहले महिला सशक्तिकरण की बात की जा रही थी। लेकिन सिर्फ 2 महिलाओं को ही जगह मिली है। हालांकि विजय रूपाणी की कैबिनेट में एक महिला मंत्री थीं।

विभावरीबेन दवे पिछली रूपाणी सरकार की कैबिनेट में अकेली महिला मंत्री थीं, लेकिन सीएम भूपेंद्र पटेल की कैबिनेट में दो महिलाएं हैं। नए मंत्रिमंडल में मनीषा वकील और निमिषा सुथार दो महिला चेहरों को लिया गया है। मनीषा वकील को महिला और बाल कल्याण का काम सौंपा गया है। वहीं निमीषा सुथार को आदिवासी विकास, स्‍वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री का जिम्मा सौंपा गया है। निमिषा पिछले उपचुनाव में मोरवा हड़फ सीट से चुनाव जीती हैं। मनीषा वकील और निमीषा माथुर के अलावा निमा आचार्य को नई विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया है।

मनीषा वकील का महिला विकास पर होगा फोकस

44 साल की मनीषा वकील वडोदरा सिटी से विधायक हैं। उन्होंने साल 2017 में यहां से चुनाव लड़ा और जीता। वह 2012 में भी वडोदरा सिटी से गुजरात विधान सभा की सदस्य चुनी गई थीं। मनीषा वकील को महिला एवं बाल कल्याण विभाग के साथ-साथ राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है।

मनीषा वकील
मनीषा वकील

25 मार्च 1975 को वडोदरा में जन्मीं मनीषा वकील ने इंग्लिश लिटरेचर में एमए और बीएड किया है। वह ब्राइट डे स्कूल की सुवरवाइजर रहीं और सोल्स फाउंडेशन के अध्यक्ष के तौर पर भी काम किया है। निर्वाचन आयोग को दिए हलफनामा के मुताबिक उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन उन पर 22 लाख रुपये की वित्तीय देनदारी है। मनीषा वकील के पास 4,913,965 रुपये की संपत्ति है।

निमिषा सुथार को मिली ये जिम्मेदारी

सीएम भूपेंद्र पटेल की कैबिनेट में निमिषा सुथार को आदिवासी विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। 1982 में जन्मी निमिषा सुथार ने मोरवा हड़फ सीट से 2021 में विधानसभा सीट से हुए उपचुनाव में जीत हासिल की है। उन्होंने इससे पहले वर्ष 2013-2017 के गुजरात विधानसभा में मोरवा हड़फ का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर कम प्रोग्रामिंग में डिप्लोमा तक की पढ़ाई की है।

निमिषा सुथार
निमिषा सुथार

13 महिला चुनी गई थीं विधायक

विधानसभा चुनाव 2017 में 13 सीटों पर महिलाएं जीती थीं। हालांकि मैदान में 126 महिला उम्मीदवार उतरी थीं। कांग्रेस और बीजेपी ने मिलकर 22 महिलाओं को मैदान में उतारा था, जिनमें से 13 जीतीं। इससे विधानसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व पिछले सदन में 8.7% से घटकर 7.1% हो गया। इन 22 महिला उम्मीदवारों में से सात मौजूदा विधायक थीं जबकि 13 पहली बार मैदान में उतरीं थीं। डॉ. निमाबेन आचार्य भुज से चार बार की विधायक रही हैं।

पहली महिला सीएम बनी थीं आनंदीबेन पटेल

आनंदी बेन पटेल गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। 1987 में बीजेपी से जुड़ने के बाद वह 2002 से 2007 तक शिक्षा मंत्री रहीं। आनंदीबेन पटेल 2007 से 2014 तक गुजरात सरकार में सड़क और भवन, राजस्व, शहरी विकास और शहरी आवास, आपदा प्रबंधन और पूंजी परियोजनाओं की कैबिनेट मंत्री थीं। 19 जनवरी 2018 को, वह ओम प्रकाश कोहली की जगह मध्य प्रदेश की राज्यपाल बनीं। आनंदी बेन पटेल अभी उत्तर प्रदेश के राज्यपाल का कार्यभार संभाल रही हैं।

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