पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX57684.791.09 %
  • NIFTY17166.91.08 %
  • GOLD(MCX 10 GM)47590-0.92 %
  • SILVER(MCX 1 KG)61821-0.24 %

नवरात्रि में व्रत:प्रेगनेंट महिलाएं व्रत रखते समय किन बातों का रखें ध्यान, गायनोकॉलोजिस्ट और न्यूट्रीशनिस्ट की जानें राय

2 महीने पहलेलेखक: मीना
  • कॉपी लिंक

नवरात्रि में बहुत सी महिलाएं पूरे नौ दिन व्रत रखती हैं। व्रत रखना या न रखना एक निजी फैसला है, लेकिन वे महिलाओं जो प्रेग्नेंट हैं, उनके लिए स्थिति असमंजस भरी होती है। प्रेगनेंट महिलाओं में ये सवाल रहता है कि वे व्रत रखें या न रखें और अगर रख रही हैं तो किन बातों का ध्यान रखें? इन सवालों के जवाब जानते हैं एक्सपर्ट्स से।

क्या है एक्सपर्ट की राय?
न्यूट्रीशनिस्ट शैली तोमर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन भटनागर का कहना है कि प्रेग्नेंसी में फास्टिंग नहीं करनी चाहिए। गर्भावस्था में महिलाओं को 500-800 अतिरिक्त कैलोरीज की जरूरत पड़ती है और शिशु के विकास के लिए हर 2-3 घंटे में कुछ खाते रहना जरूरी है। ज्यादा देर तक भूखे रहने से मां और बच्चे दोनों की हेल्थ पर नेगेटिव असर पड़ सकता है।
प्रेगनेंसी के दौरान अगर आप डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉइड डिसऑर्डर्स, एनिमिया या वजन कम होने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं तो व्रत बिल्कुल न रखें।

पहली और तीसरी तिमाही
पहली और तीसरी तिमाही बेबी की ग्रोथ और डेवलपमेंट के लिए जरूरी होती है, इसलिए इस दौरान व्रत न रखें। अगर प्रेग्नेंसी हेल्दी है तो आप डॉक्टर की सलाह और डाइट को ध्यान में रखकर नवरात्रि में व्रत रख सकती हैं।

दूसरी तिमाही (चौथा, पांचवा और छठा महीना)
न्यूट्रीशनिस्ट शैली तोमर का कहना है कि दूसरी तिमाही व्रत के लिए थोड़ा सेफ पीरियड है। पर ध्यान रखें कि अगर आप पूरे दिन भूखे रहते हैं तो उसका बच्चे और मां दोनों पर नेगेटिव असर पड़ता है। इसलिए शरीर को डिहाइड्रेट होने से बचाएं। पानी, छाछ, नारियल पानी पीएं। हर 2-3 घंटे में कुछ न कुछ खाते रहें। प्रेगनेंसी में व्रत के दौरान इन बातों का रखें ध्यान-

ऐसा करें ब्रेकफास्ट
ब्रेकफास्ट में अमरंथ (चौलाई) का दलिया या डोसा ले सकते हैं। इसके अलावा ड्राय फ्रूट्स जैसे बादाम, अखरोट, खजूर ले सकती हैं। दोपहर का फलाहार लेने से पहले अनार का जूस या केला खा सकती हैं।

लंच में डाइट
खुद को कार्बोहाइड्रेट्स की सही मात्रा दें। कुट्टू कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। इसमें पाया जाने वाला प्रोटीन सभी जरूरी 9 एमिनो एसिड्स की पूर्ति करता है। पर ध्यान रहे कि कुट्टू का आटा सही जगह से खरीदा हो और उसे लंबे समय तक स्टोर न किया गया हो। प्रेगनेंसी में डीप फ्राइड आटम्स न खाएं। इसकी जगह आलू से भरी कुट्टू की रोटी या देसी घी लगा हुआ पराठा खा सकती हैं। आप 2-3 कुट्टू-आलू की रोटी, रायता और टमाटर की चटनी भी ले सकती हैं।

इवनिंग मील
शाम में घी में बना सिंघाड़े के आटे का हलवा लें। सिंघाड़े का आटा विटामिन्स और मिनरल्स से रिच होता है। साथ ही ऊर्जा का अच्छा स्रोत होता है। इसे सीमित मात्रा में ही खाएं।

रात का खाना
डिनर में घी में बने सामक के चावल की खिचड़ी खा सकते हैं। सामक चावल बाजरा का एक टाइप होता है। यह चावल एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर और जरूरी विटामिन्स से भरपूर होते हैं। सामक चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लो होता है, जिसका मतलब है कि यह आपके ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन रखता है। सामक चावल आयरन से भी भरपूर रहता है।

हर दिन 15-20 मिनट तक वॉक करें ताकि आपका शरीर एक्टिव और हेल्दी रहे। अगर आप ऊपर बताए टिप्स को फॉलो करती हैं तो नवरात्रि में एक दिन का व्रत रख सकती हैं। पर ध्यान रखें कि एक दिन से ज्यादा फास्टिंग न करें। व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

खबरें और भी हैं...