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नेचुरोपैथी:पीरियड का दर्द, ज्यादा ब्लीडिंग और इर्रेगुलर पीरियड्स से हैं परेशान, तो लें मड थेरेपी, मिलेगी राहत

एक महीने पहलेलेखक: दीप्ति मिश्रा
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मौजूदा समय में लोगों का शारीरिक श्रम कम होता जा रहा है। हम में से ज्यादातर लोग घंटों कंप्यूटर के सामने बैठकर बिताते हैं, जिससे दिमाग तो थकता है, लेकिन शरीर नहीं। इसके चलते कम उम्र में ही तमाम तरह की बीमारियां लग जाती हैं। भागदौड़ और तनावपूर्ण दिनचर्या के चलते महिलाएं इर्रेगुलर पीरियड या पीरियड के दर्द से परेशान रहती हैं। अगर आप भी इस परेशानी से जूझ रही हैं, तो मड थेरेपी आपके लिए मददगार हो सकती है।

नेचुरोपैथी यानी प्राकृतिक चिकित्सा में बिना दवा के इलाज किया जाता है। नेचुरोपैथी में इलाज के लिए पंच तत्वों-आकाश, जल, अग्रि, वायु और पृथ्वी को आधार माना जाता है। नेचुरोपैथी के तहत आठ प्रकार से इलाज किया जाता है, इन्हीं में से एक है मड थेरेपी।

क्या है मड थेरेपी
आसान भाषा में मिट्टी से शरीर पर लेप कर या मिट्टी की पट्टियां रखकर जो उपचार किया जाता है, उसे मड थेरेपी कहत हैं। इसके जरिये कई रोगों का इलाज किया जाता है। इस थेरेपी के जरिये मिट्टी को शरीर के किसी एक हिस्से या पूरे शरीर में इस्तेमाल किया जाता है। स्किन रिलेटिड प्रॉब्लम हो या फिर तनाव से जूझ रहे हों। किसी जहरीले कीड़े मकौड़े ने काट लिया हो या फिर शरीर के किसी हिस्से में दर्द से बैचेन हों, इन सभी बीमारियों में मड थेरेपी कारगर है।

ऐसे मिलेगी राहत

एटा के जिला अस्पताल में सेवारत प्राकृतिक चिकित्सा​ विशेषज्ञ अरविंद धाकड़ बताते हैं कि महिलाओं में इर्रेगुलर पीरियड की समस्या के चलते यूटरेस, हाथ-पैर, कमर और ब्रेस्ट में दर्द होना। भूख कम लगना, थकान महसूस करना, वजन बढ़ना और कब्ज होने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में ऐलोपैथी के इतर प्राकृतिक चिकित्सा के तहत की जाने वाली मड थेरेपी बेहद कारगर साबित हो सकती है। पीरियड के दर्द से राहत पाने के लिए गर्म मिट्टी की पट्टी अपने पेट पर रखें, जिससे दर्द से राहत मिलेगी। वहीं जिनको पीरियड के दौरान ब्लीडिंग ज्यादा होती है, वे महिलाएं उनको पेट के निचले हिस्से पर गीली मिट्टी की पट्टी रखनी चाहिए, जिससे उनको राहत मिलेगी। इसके अलावा, इर्रेगुलर पीरियड के लिए मड बाथ थेरेपी लें।

विशेषज्ञ के मुताबिक, मड थेरेपी के लिए खास तरह की बेहद साफ-सुथरी मिट्टी का उपयोग किया जाता है, जो जमीन के चार-पांच ​फीट नीचे निकाली जाती है। मड थेरेपी के तहत मिट्टी की पट्टी रखी जाती है या मिट्टी का स्नान कराया जाता है।

चेतावनी: मड थेरेपी विशेषज्ञ की उपस्थिति में ही लें।