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सोनपापड़ी खाई या दूसरों को दे दी:बची हुई से बनाएं ये 3 डिश, एक हेल्दी व्यक्ति 6 चम्मच चीनी खा सकता है

3 महीने पहले
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दिवाली और भाई दूज पर आप सभी ने काजू-कतली, गुलाब जामुन, रसगुल्ला, बालूशाही, और न जाने कई तरह की खूब मिठाइयां खाई होंगी। लेकिन मिठाइयों में एक ऐसी मिठाई है जो किसी के मुंह का स्वाद बनने से ज्यादा त्योहार पर घरों के चक्कर लगाने के लिए जानी जाती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं सोनपापड़ी की। क्या आपने इस बार सोनपापड़ी खाई या फिर हर बार की तरह सोनपापड़ी का पैकेट डोर टु डोर घूमता रहा है?

आज जरूरत की खबर में बात करेंगे कि आखिर घर पर जब जरूरत से ज्यादा सोनपापड़ी आ जाए तो इसका क्या किया जाए? साथ ही यह जानेंगे कि अगर मीठा खाना मना हो तब त्योहारों के बाद शुगर कंट्रोल करने के लिए क्या कर सकते हैं।

सवाल 1 - सोनपापड़ी को कब तक स्टोर किया जा सकता है ? क्या इसकी कोई एक्सपायरी डेट नहीं है ?

जवाब - सूखी मिठाई होने के कारण सोनपापड़ी जल्दी खराब नहीं होती। एयर टाइट कंटेनर में रखने पर ये 6 हफ्तों तक चलती है। हालांकि FSSAI के मुताबिक, जिस मिठाई में घी और ड्राई फ्रूट्स हों उसे पैकेट खुलने के बाद 7 दिनों के अंदर खा लेना चाहिए।

सवाल 2 - अगर घर पर खूब सारी सोनपापड़ी हो तो इसका क्या करें ? क्या इसे किसी और तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं ?

जवाब - अगर आप भी सोनपापड़ी खाकर बोर हो चुके हैं तो ये डिशेस ट्राई कर सकते हैं -

  • सोनपापड़ी की खीर - इसकी रेसिपी भी सिंपल है। सोनपापड़ी के टुकड़े कर इसे दूध में उबाल लें। अपनी पसंद के अनुसार ड्राई फ्रूट्स डाल लें। बस इस तरह सोनपापड़ी की खीर तैयार हो जाएगी।
  • मीठी कचौरी - सोनपापड़ी को पीसकर पाउडर बना लें। इसमें ड्राई फ्रूट्स मिला लें। आटे या मैदे की लोई बनाकर इसमें सोनपापड़ी की स्टफिंग भर कर फ्राई कर लें।
  • सोनपापड़ी की पूरण पोली - सोनपापड़ी के पाउडर को दूध के साथ मिलाकर गूंथ लें। इस आटे से दो रोटियां बनाएं। इन्हें एक के ऊपर एक रखकर तवे पर घी के साथ सेंक लें।

सवाल 3 - दिवाली पर इतनी मिठाइयां खा चुके हैं तो आपके मन में भी ये सवाल जरूर आ रहा होगा कि कितना मीठा खाना सही है ?

जवाब - हमारे खाने में शामिल रोटी-चावल जैसे कार्ब्स और फ्रूट्स से हमें जरूरी नेचुरल शुगर मिल जाती है। एक हेल्दी व्यक्ति दिन भर में अपनी डाइट से 2500-3000 कैलोरी लेता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार एक हेल्दी व्यक्ति को एक दिन में 6-7 चम्मच चीनी लेनी चाहिए। ग्राम में समझें तो इसका मतलब यह है कि 25 से 30 ग्राम तक ही चीनी खाना सही है। इससे ज्यादा खाने पर बीमार होना पक्का है।

वहीं अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का कहना है कि महिलाओं को पुरुषों के अनुपात में कम चीनी खानी चाहिए. इस एसोसिएशन के अनुसार पुरुषों को एक दिन में 150 कैलोरी तक चीनी जबकि महिलाओं को 100 कैलोरी तक की चीनी ही खानी चाहिए।

यह भी याद रखें कि मिठाई में भी शुगर होती है। इसे हम एडेड शुगर कहते हैं।

सवाल 4– क्या मीठा खाना हमेशा ही नुकसानदायक है। मैं ऐसे कुछ लोगों को जानती हूं जिन्हें डॉक्टर मीठा खाने की सलाह देते हैं?

जवाब- जब भी हम भारी खाना खाते हैं उसके बाद हाइपोग्लाईसीमिया की स्थिति से शरीर को गुजरना पड़ता है। इस स्थिति में ब्लड प्रेशर काफी कम हो जाता है। इससे बचने के लिए खाने के बाद मीठा खाने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेद में साफ तौर पर कहा गया है कि मीठा खाने से अम्ल की तीव्रता कम हो जाती है जिससे पेट में जलन या एसिडिटी नहीं होती है।

नीचे दिए ग्राफिक की मदद से समझते हैं कि ज्यादा मीठा खाने से क्या नुकसान होता है और क्यों मीठा खाना जरूरी भी है ?

ये तो बात हो गई फायदे और नुकसान की। अब आते हैं शुगर कंट्रोल करने पर

सवाल 5 - दिवाली, भाई दूज के मौके पर बार-बार खूब मीठा खाया है, अब ऐसे में शुगर कंट्रोल कैसे करें ?

जवाब - यहां समझने वाली बात ये है कि सिर्फ शक्कर या मिठाई खाने से ही शुगर नहीं बढ़ती। आप चाहे घर का खाना खाएं या फ्राइड समोसे हर खाने की चीज में अलग-अलग अमाउंट में कार्ब्स होते हैं। पचने के बाद हमारा शरीर इसे सिंपल शुगर के रूप में कन्वर्ट कर लेता है। शुगर कंट्रोल करने का मतलब मीठा कम खाना तो है ही, साथ ही अपनी डाइट और कार्ब्स पर कंट्रोल करना भी है।

काम की 3 बातें याद रखें

  • डायबिटीज के मरीज अगर शुगर कंट्रोल रखें तो वो मीठा भी खा सकते हैं।
  • ज्यादा मिठाई खाने से डायबिटीज नहीं होती बल्कि हाई कैलोरी डाइट में मौजूद शुगर डायबिटीज होने का कारण है। इन्सुलिन नाम का हॉर्मोन ब्लड में शुगर बैलेंस करता है। ब्लड में बहुत ज्यादा शुगर होने पर इन्सुलिन शुगर बैलेंस नहीं कर पाता। इससे टाइप 2 डायबिटीज होती है।
  • दिवाली के बाद कई हेल्थ केयर एक्सपर्ट्स 7 से 15 दिनों के लिए डीटोक्स करने की सलाह भी देते हैं। इससे शुगर भी कंट्रोल होगी और शरीर की इम्युनिटी भी बढ़ेगी।

त्योहार बीत गए अब डीटॉक्स करना चाहें तो ऐसे बनाएं डाइट प्लान -

  • सबसे बेसिक और सबसे आसान है मिठाई कम खाएं। शरीर में नेचुरल शुगर की जरूरत हेल्दी डाइट से पूरी करें।
  • एक फिक्स्ड टाइम पर खाना खाएं। ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर में कम से कम 4-6 घंटों का अंतर रखें। इस बीच भूख लगने पर नट्स, फल, सलाद या फ्रेश फ्रूट जूस लें। इसमें कैलोरी भी कम होगी और शुगर भी।
  • अपने खाने में हल्दी और काली मिर्च को शामिल करें। हल्दी वाला दूध पिएं और काली मिर्च को खाने में शामिल करें।
  • खिचड़ी, दलिया जैसा हल्का खाना खाएं।
  • सुबह उठकर 1 ग्लास पानी में नींबू का रस मिला कर लें। इसमें शक्कर की जगह शहद या गुड़ भी मिला सकते हैं।
  • हर दिन एक आंवला जरुर खाएं।
  • मैदे के साथ तला-भुना और फ्रीज में रखा हुआ खाना और बाहर का फास्ट फूड जैसे, पास्ता या बर्गर खाना कम करें। केक, पेस्ट्री जैसे बेकरी प्रोडक्ट्स भी कम खाएं।
  • इतना जानने-समझने के बाद भी मन पर किसका जोर। अपने घर पर, दोस्त-रिश्तेदारों के साथ कई बार न चाहते हुए भी मीठा खाना पड़ता है। ऐसे में ये जरुर याद रखें की क्या बिल्कुल नहीं खाना है? नीचे हम आपको ग्राफिक की मदद से बता रहे हैं कि क्या खाना बिल्कुल अवॉयड करें और साथ ही एक अल्टरनेटिव भी है यानी इसकी जगह मन भरने के लिए क्या खाना हेल्दी भी होगा और टेस्टी भी।

सवाल 6- डायबिटीज के अलावा कब मीठा बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए ?

जवाब- ये तो बिल्कुल स्वाभाविक सी बात है कि डायबिटीज में मीठा खाना मना है। इसके अलावा अगर आप प्री डायबिटिक हैं यानी कोलेस्ट्रोल और शुगर बढ़ी हुई है, थाइराइड, बीपी या दिल की बीमारी है तो मीठा कम खाएं - जहां तक संभव हो बिल्कुल भी मीठा न खाएं। हर 3 महीने में डॉक्टर के पास जाकर अपना ब्लड टेस्ट करवाएं और शुगर कंट्रोल करने की कोशिश करें।

आपकी समझ के लिए नीचे हम प्री डायबिटीज स्टेज की ब्लड टेस्ट रेंज और कुछ लक्षण बता रहे हैं :

  • नार्मल ब्लड शुगर - फास्टिंग (80-130), नार्मल कोलेस्ट्रोल - 200 से कम
  • प्री डायबिटिक ब्लड शुगर - फास्टिंग (100-125), प्री डायबिटिक कोलेस्ट्रोल - 200-239
  • डायबिटिक ब्लड शुगर - फास्टिंग (126+), डायबिटिक कोलेस्ट्रोल - 240+

प्री डायबिटीज के लक्षण

  1. बहुत प्यास लगना
  2. बार-बार यूरिन आना
  3. भूख बढ़ जाना
  4. थकान महसूस होना
  5. धुंधला दिखना
  6. हाथ-पैर सुन्न हो जाना

चलते-चलते

  • सोन पापड़ी दुनिया की कई मशहूर मिठाइयों से मिलती-जुलती है, जिसमें तुर्की का पिस्मानिए शामिल है। तुर्की में ‘पिस्मानिए’ बड़े मशहूर हैं। ये भूने हुए आटे, बटर, चीनी और पिस्ता की गार्निशिंग के साथ तैयार होता है। जबकि सोनपापड़ी को भूने हुए बेसन और खरबूज के बीजों के साथ सर्व किया जाता है।
  • भारत में हर 6 में से 1 व्यक्ति डायबिटीज का शिकार है।
  • भारत को दुनिया का डायबिटीज कैपिटल भी कहा जाता है। वहीं, चंडीगढ़ डायबिटीज सिटी के नाम से मशहूर है।

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