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गैस सिलेंडर फटने से खत्म हो गया पूरा परिवार:लीकेज को हल्के में न लें, भरे हुए सिलेंडर की भी होती है एक्सपायरी डेट

13 दिन पहले
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घटना 1
हरियाणा के पानीपत में एक घर में सिलेंडर लीक होने की वजह से फट गया। इससे पूरा घर आग की चपेट में आ गया। उस वक्त घर के अंदर पति-पत्नी और 4 बच्चे मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि सभी बेड पर पड़े-पड़े ही कंकाल हो गए। उन्हें अंदर से बाहर निकलने या शोर मचाने तक का मौका नहीं मिला।

घटना 2
राजस्थान के बीकानेर में एक प्रोग्राम के दौरान सिलेंडर फट गया और आग लग गई। इसकी चपेट में आई पांच महिलाएं बुरी तरह झुलस गई। इनमें से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि आखिर सिलेंडर फट क्यों जाता है और इससे कैसे बचा जा सकता है। सिलेंडर इस्तेमाल करते हुए हम क्या लापरवाही बरतते हैं।

सवाल: घरेलू गैस इस्तेमाल करने में लोग अक्सर किस तरह की लापरवाही करते हैं?
जवाब:
किचन में सिलेंडर इस्तेमाल करते हुए ज्यादातर लोग ये 7 लापरवाही करते हैं…

  • सिलेंडर जब खत्म होने लगता है तो उसको टेढा करके इस्तेमाल करते हैं।
  • गैस सिलेंडर के पास ही कैरोसिन, कुकिंग ऑयल जैसी चीजें रखते हैं।
  • गैस चूल्हा जमीन पर रखकर इस्तेमाल करते हैं। चूल्हे को सिलेंडर से कम से कम 6 इंच ऊपर रखें।
  • लाइटर की जगह माचिस का इस्तेमाल करते हैं। इसमें कई लोग गैस ऑन करने के बाद माचिस जलाते हैं।
  • ऐसी जगह पर गैस रखकर इस्तेमाल करते हैं जहां वेंटिलेशन की सुविधा ठीक नहीं है।
  • खाना बनाते हुए सिल्क या सिंथेटिक जैसे कपड़े पहन लेते हैं जिनमें आसानी से आग लग जाती है।
  • नियमित रूप से सिलेंडर, चूल्हा, स्टोव और पाइप की जांच नहीं कराते।

सवाल: गैस सिलेंडर फटता क्यों है?
जवाब:
किचन में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी गैस के सिलेंडर दो कारणों से फट सकते हैं…

  • एक्सपायरी: हर रसोई गैस सिलेंडर पर एक एक्सपायरी डेट भी लिखी होती है। एक्सपायरी के बाद अगर बिना जांच कराए सिलेंडर इस्तेमाल किया जाए तो उसके फटने का खतरा रहता है।
  • गैस लीक: जब सिलेंडर की गैस कम हो जाए और वह लीक करने लगे, तो चूल्हे की आग पाइप के रास्ते सिलेंडर तक पहुंच जाती है। इससे सिलेंडर ब्लास्ट हो जाता है।

सवाल: गैस लीकज की बात कंफर्म हो गई है, तब हमें क्या करना चाहिए?
जवाब:
गैस अगर लीक हो रही है तो फॉलो करें ये स्टेप्स…

  • रेगुलेटर और बर्नर के सभी नॉब बंद कर दें। पैनिक न करें।
  • वेंटिलेशन के लिए सभी खिड़की-दरवाजे खोल दें।
  • सभी फ्लेम्स, कैंडल्स, लैम्प, अगरबत्ती वगैराह बंद कर दें।
  • सिलेंडर पर सेफ्टी कैप लगा दें।
  • इमरजेंसी सर्विस को मदद के लिए बुलाएं।
  • जहां गैस लीक हो रही है वहां कोई इलेक्ट्रिकल अप्लायंस और स्विच का इस्तेमाल न करें।
  • घर की मेन इलेक्ट्रिकल सप्लाई बंद कर दें।

सवाल: अगर सिलेंडर में आग लग जाए तो क्या करें?
जवाब:
अगर गैस लीक होने की वजह से सिलेंडर में आग लग गई है तो घबराएं नहीं। इससे स्थिति खतरनाक हो जाएगी। याद रखें, सिलेंडर में आग लगने के बाद भी हमारे पास करीब 10 से 15 मिनट का समय बचाव के लिए होता है। एक कंबल को गीला करके तुरंत सिलेंडर पर लपेट दें। इससे आग बुझ जाएगी।

सवाल: सिलेंडर वेंडर से लेते वक्त किस तरह की सावधानी रखनी चाहिए?
जवाब:
सिलेंडर वेंडर से लेते वक्त नीचे लिखी बातों का ध्यान रखें…

  • एक ऑथेन्टिक फ्रैंचाइजी से ही सिलेंडर खरीदें।
  • डिलीवरी के समय सिलेंडर पर कंपनी की सील और सेफ्टी कैप चेक करें।
  • अगर सील टूटी हुई है तो सिलेंडर न लें।
  • सिलेंडर पर टेस्टिंग की ड्यू डेट लिखी होती है। उसे चेक करके ही लें।
  • नया सिलेंडर इस्तेमाल करने से पहले उसके जॉइंट्स और पाइप्स पर सोप सॉल्यूशन डालकर चेक करें।

सवाल: सिलेंडर का एक्सपायरी डेट कितने दिनों का होता है इसे कैसे चेक कर सकते हैं?
जवाब:
एक सिलेंडर की लाइफ आमतौर पर 10 साल होती है। इसकी जांच आप ऐसे कर सकते हैं…

  • सिलेंडर के हैंडल के नीचे की पट्टी पर एक कोड जैसे A-23, B-23 लिखा होता है।
  • यही सिलेंडर की एक्सपायरी डेट होती है।
  • इसमें एल्फाबेट A- जनवरी से मार्च, B- अप्रैल से जून, C- जुलाई से सितंबर और D- अक्टूबर से दिसंबर का सिम्बल है।
  • एल्फाबेट के आगे लिखा नंबर उस साल को दर्शाता है जिसमें कि आपका सिलेंडर एक्सपायर हो जाएगा।
  • इस तरह आप सिलेंडर की एक्सपायरी डेट चेक कर सकते हैं।

सवाल: वेंडर अगर एक्सपायरी डेट वाला सिलेंडर दे तो क्या कर सकते हैं?
जवाब:
एक्सपायरी डेट वाला सिलेंडर प्लांट पर ही अलग कर दिया जाता है। वहां बहुत से स्कैनर्स लगे होते हैं जो एक्सपायरी डेट स्कैन करके सिलेंडर अलग कर देते हैं। इसके बावजूद अगर एक्सपायरी डेट वाला सिलेंडर आपके घर आ जाए तो डिलिवरी बॉय से कहकर एक्सचेंज कर सकते हैं।
कई बार घर में 6-7 महीनों तक सिलेंडर रखा रहता है। अगर वह एक्सपायर हो जाए तो गैस एजेंसी में एक्सचेंज कर सकते हैं।

सवाल: एक सिलेंडर यूज कर रहे हैं, दूसरा भराकर रखा है, यह कितना सेफ है?
जवाब:
अगर आप घर पर एक एक्सट्रा सिलेंडर भराकर रखना चाहते हैं तो चैक कर लें कि कहीं वह एक्सपायर हो नहीं हो गया है। साथ ही ऐसे रहें सावधान…

  • एक्सट्रा सिलेंडर से एलपीजी रेगुलेटर हटा दें और सेफ्टी कैप लगाकर रखें।
  • इसे हमेशा सीधा रखें और आसानी से आग पकड़ने वाली चीजों से दूर रखें।
  • एलपीजी सिलेंडर में किसी तरह की कोई समस्या आ रही है तो किसी एक्सपर्ट को दिखाएं। खुद छेड़छाड़ न करें।

सवाल: गैस चूल्हे से सिलेंडर को कैसे अटैच किया जाता है?
जवाब:
गैस चूल्हे को सिलेंडर से ऐसे कर सकते हैं अटैच…

  • सबसे पहले सभी बर्नर ऑफ कर दें।
  • रेगुलेटर को सिलेंडर से अलग कर दें। इसके बाद उसपर सेफ्टी कैप लगा दें।
  • स्टोव और रेगुलेटर से पाइप अलग कर दें। इसमें कोई समस्या होती है तो कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • नए पाइप को एक तरफ से स्टोव से और दूसरी तरफ से रेगुलेटर से अटैच कर दें।
  • नए सिलेंडर से सेफ्टी कैप हटाकर रेगुलेटर लगा दें।
  • रेगुलेटर सिलेंडर से अटैच कर दें।
  • इसके बाद चैक कर ले कि कहीं कोई लीकेज तो नहीं है।

सवाल: क्या एलपीजी सिलेंडर का कोई विकल्प यानी ऑप्शन है?
जवाब:
एलपीजी सिलेंडर का एक विकल्प पीएनजी पाइपलाइन है। यह न सिर्फ सस्ती है बल्कि सेफ भी है। यह एलपीजी से हल्की होती है जिससे अगर यह लीक भी हो जाए तो हादसा होने के चांसेज न के बराबर होते हैं।

सवाल: सिलेंडर की जगह गैस पाइपलाइन यानी PNG इस्तेमाल करने से क्या फायदा होगा?
जवाब:
ये 4 फायदे मिलेंगे अगर आप PNG यूज करेंगे…

  • पाइप लाइन वाली PNG गैस 30 रुपए प्रति यूनिट मिलती है। वहीं सिलेंडर वाली एलपीजी गैस 65 रुपए से ज्यादा की प्रति किलो पड़ती है।
  • सिलेंडर में सिर्फ 14.2 किलो गैस होती है। पाइपलाइन से कितनी भी गैस इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • पाइप लाइन से गैस लीक होने के चांस बहुत कम होते हैं।
  • LPG से PNG हल्की होती है। अगर इसका लीकेज भी होता है तो वह हवा के साथ घर से बाहर निकल जाती है।

चलते-चलते

क्या कोई ऐसी टिप्स हैं जिनसे गैस बचाई जा सकती है?
जवाब:
इन 10 टिप्स को फॉलो कर कीजिए घरेलू गैस की बचत…

  • गीले बर्तन को चूल्हे पर न चढ़ाएं। इससे गैस की बर्बादी होती है। अगर बर्तन पोंछकर चढ़ाएंगे तो थोड़ी बचत होगी।
  • ज्यादातर लोग गैस पर कड़ाही चढ़ा देते हैं और फिर सब्जी-प्याज काटने से लेकर दूसरे काम शुरू करते हैं। ऐसा न करें। जो बनाना है उसका सारा सामान इकठ्ठा करने के बाद ही गैस जलाएं।
  • कोई भी सामान फ्रिज से निकालकर सीधे गैस पर न रखें। पहले 15 से 30 मिनट तक बाहर रखें, सामान्य होने पर ही गर्म करें।
  • खुले बर्तन में खाना पकाने से बचें। खाना पकाते वक्त बर्तन को ढंक दें। इससे खाना जल्दी पकेगा और गैस की बचत होगी।
  • प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करें। इससे समय और ऊर्जा दोनों कम लगती है।
  • अगर आपके घर पर बार-बार चाय बनती है या कोई गर्म पानी पीता है तो पानी को बार-बार उबालने से बचें। पानी को एक ही बार उबालकर थर्मस में रख लें।
  • लीकेज की जांच करें। हर तीन महीने में गैस या गैस पाइप लीक चेक करते रहें।
  • बर्तनों को साफ रखें। खराब या जले हुए बर्तन में खाना पकाने में ज्यादा समय लगता है।
  • गैस की आंच को कम रखें।
  • गैस की आंच के रंग को देखें। गैस का रंग अगर पीला, ऑरेंज या लाल है तो इसका मतलब गैस लीक हो रही है या उसमें कचरा फंसा है। गैस का रंग हमेशा नीला होना चाहिए। अगर रंग बदलता है तो उसकी सफाई करें।

जरूरत की खबर के कुछ और आर्टिकल भी पढ़ेंः

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थर्ड एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों ने कंबल से बदबू आने की शिकायत एक-दूसरे से की। रेलवे तक शिकायत पहुंचाने के लिए यात्रियों ने कोच अटेंडेंट को तलाशा। वो नहीं मिला तब TTE को इस बारे में बताया गया। इसके बाद कंबल बदले गए।
जैसे ही ट्रेन बादशाहनगर स्टेशन पहुंची, यात्रियों को उल्टियां होने लगीं। 3 की तबीयत इतनी बिगड़ी की मेडिकल टीम बुलानी पड़ी।
गंदे और बदबूदार बेडरोल को लेकर अक्सर ऐसी शिकायत आती रहती हैं। आपके साथ भी ऐसा हो तो भूल से इग्नोर न करें। कहां और कैसे शिकायत करनी हैं, यह हम आपको बताते हैं।(पढ़िए पूरी खबर)

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