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करंट लगने से लकवा मार सकता है:पानी की मोटर बंद करने गई 70 साल की महिला को लगा करंट, पहुंचीं अस्पताल; बरसात के मौसम में रहें अलर्ट

17 दिन पहले
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करंट लगने की घटनाएं बरसात में आए दिन सामने आ रही हैं। बीते दिनों एक के बाद एक इन 3 घटनाओं पर हमारी नजर पड़ी...

पहली घटना- उत्तर प्रदेश के बांदा में ATM से पैसे निकालने गए युवक ने जैसे ही दरवाजा खोला उसे जोर से झटका लगा। उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।

दूसरी घटना- खंभे में दौड़ रहे करंट की चपेट में एक कांवड़ यात्री आ गया और बेहोश हो गया। लोकल लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी जान बच गई।

तीसरी घटना- मध्यप्रदेश के एक गांव में 70 साल की बुजुर्ग महिला को पानी की मोटर बंद करने के दौरान पिन निकालते समय करंट लगा। वे बेहोश हो गईं, अस्पताल ले जाना पड़ा।

बारिश के मौसम में करंट लगने का खतरा घर और बाहर दोनों ही जगह रहता है। जरा-सी लापरवाही आपके जान को जोखिम में डाल सकती है। आज जरूरत की खबर में बात करेंगे कंरट से बचाव की और ये भी जानेंगे कि करंट लगते ही तुरंत बाद क्या उपाय करना चाहिए।

किसी को करंट लग जाए तो आप बचाव के लिए इन सिंपल स्टेप्स को फॉलो करें

(भले ही आप नीचे लिखे स्टेप्स को जानते हैं, लेकिन मुसीबत के वक्त कई बार भूल जाते हैं या समझ नहीं आता, इसलिए इन्हें पढ़कर अपने दिमाग में बिठा लीजिए।)

  • आसपास चेक करें कि करंट फैला है या नहीं, उस इलाके में सावधानी से जाएं।
  • स्विच बोर्ड बंद करने के लिए लकड़ी और कार्ड बोर्ड जैसी चीजों का इस्तेमाल करें।
  • कोई करंट से चिपक गया है तो उसे लकड़ी के स्टूल पर खड़े होकर सूखी लकड़ी की छड़ी से अलग करने की कोशिश करें।
  • चिपके हुए व्यक्ति को छूने से पहले रबर के दस्ताने पहन लें।

घर के बाहर इन चीजों में करंट आने का खतरा हो सकता है

  • एटीएम
  • बिजली के खंभे
  • हाईटेंशन तार
  • इलेक्ट्रिक मशीन

बारिश में घर के अंदर इन चीजों से करंट लगने का सबसे ज्यादा है खतरा

  • घर के बाहर रखे कूलर
  • स्विच बोर्ड
  • नल
  • फ्रिज
  • वाशिंग मशीन
  • घर के बाहर लगी मोटर

छोटे बच्चों को करंट लगने का डर ज्यादा

12 साल से कम उम्र के बच्चों को बिजली के झटके लगने का खतरा घर के अंदर ज्यादा रहता है। ये बच्चे जमीन पर घुटनों के बल चलते हैं, किसी भी चीज को छू देते हैं, ऐसे में बिजली की तारों के संपर्क में आने से बचाने के लिए स्विच बोर्ड के कवर रखें। बच्चों को बिजली की तारों के साथ न खेलने दें। पुराने बिजली आउटलेट की अर्थिंग कराएं। अपनी पावर कॉर्ड और एक्सटेंशन कॉर्ड का चेक करें। टूटे व कटे हुए तारों को बदलें।

घर में इन 6 बातों का भी ध्यान रखें

  1. डैमेज एक्सटेंशन कॉर्ड को यूज न करें।
  2. खराब इलेक्ट्रिक डिवाइस यूज न करें।
  3. टोस्टर में अगर ब्रेड फंस जाए तो उसे निकालने से पहले प्लग निकाल लें।
  4. लाइट या बल्ब बदलने से पहले, लाइट बंद कर दें या लैंप को अनप्लग करें।
  5. दीवार में छेद कर रहे हैं तो उससे पहले बिजली के तार वहां पर है कि नहीं यह सुनिश्चित करें।
  6. बाथरुम में गीले बदन हेयर ड्रायर का इस्तेमाल न करें।

करंट लगने से शरीर में 3 तरह की इंजरी यानी चोट आ सकती है

  • फ्लेश यानी स्किन इंजरी– करंट का असर थोड़े समय के लिए होता है, इससे शरीर के थोड़े से ही टिश्यू डैमेज होते हैं। थोड़े से भी ज्यादा एक्सपोजर होने पर कपड़े जल जाएं तब उसे फ्लेश इंजरी कहते हैं।
  • लाइट इंजरी- इसमें बहुत कम समय के लिए शॉक यानी झटका लगता है, लेकिन करंट पूरी बॉडी में चला जाता है।
  • ट्रू इंजरी– इसमें इंसान का शरीर इलेक्ट्रिक सर्किट का ही एक पार्ट बन जाता है।

ये साधारण दिक्कतें भी करंट लगने के बाद हो सकती हैं-

  • आंखों से धुंधला दिखना
  • हाथ-पैर में झुंझुनाहट
  • सिर दर्द
  • घबराहट
  • सुनने में दिक्कत
  • मुंह में छाले आना

क्यों लगता है करंट, इसके पीछे का साइंस समझिए-

हम सबने बचपन से सुना है सभी चीजें परमाणु यानी Atom से बनी हैं। परमाणु तीन चीजों से बना है - इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन। इस इलेक्ट्रॉन में निगेटिव चार्ज (Negative Charge) होता है।

  • जो चीजें अच्छी सुचालक यानी Good Conductor होती हैं, वो इलेक्ट्रॉन को आसानी से बाहर जाने नहीं देती। इसलिए इलेक्ट्रॉन Atom में दौड़ते रहते हैं और उस चीज में करंट भी दौड़ता रहता है।
  • जो चीजें बिजली की खराब सुचालक यानी Bad Conductor होती हैं, वो इलेक्ट्रॉन को बाहर जाने से रोक नहीं पाती हैं। इसलिए कई बार उसमें इलेक्ट्रॉन जमा हो जाते हैं। पॉजिटिव चार्ज निगेटिव चार्ज को अपनी ओर खींचते हैं। जैसे- कंघी अपनी तरफ कागज के टुकड़ों को खींचता है।

जब किसी चीज में इलेक्ट्रॉन की संख्या बढ़ती है तब उसमें निगेटिव चार्ज भी बढ़ता है। फिर कोई भी इंसान किसी ऐसी चीज को छूता है तो उसके शरीर के पॉजिटिव इलेक्ट्रॉन सामने वाली चीज के इलेक्ट्रॉन को अपनी तरफ खींचने लगते हैं। इन इलेक्ट्रॉनों की हाई स्पीड के कारण ही करंट लगता है।

करंट लगने से कई बार मौत क्यों हो जाती है?

दरअसल ट्रू और लाइट इंजरी इंसान के लिए खतरनाक होती हैं। इन दोनों ही सिचुएशन में तुरंत व्यक्ति को अस्पताल लेकर जाना चाहिए। करंट से मौत की वजह हार्ट यानी दिल का सही तरह से काम नहीं कर पाना होता है। ऐसे में हार्ट न तो खून पंप करता है न ही वहां खून रुकता है, इसे एट्रियल और वेंट्रिकुलर फेब्रिलेशन कहते हैं। यह मौत का भी कारण बन सकता है। कई बार पेशेंट कोमा में भी चला जाता है, उसके बाद सांस बंद हो जाती है। इसे कार्डियो पल्मोनरी अरेस्ट भी कहते हैं।

चलते–चलते याद रखें

  • बिजली का झटका वोल्ट से नहीं करंट से लगता है।
  • झटका इस पर निर्भर करता है कि शरीर के किस हिस्से पर इलेक्ट्रिक फ्लो हुआ है।
  • झटका इस पर भी निर्भर करता है कि आपका शरीर गीला है या सूखा।
  • यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि करंट कितनी देर तक बॉडी में फ्लो हुआ है। `

यह भी समझ लीजिए

  • हमारे घरों में सिंगल फेज से आने वाली बिजली 220 AC वोल्ट की होती है।
  • AC यानी ऑल्टरनेटिंग करंट।
  • AC करंट पर कूलर, पंखे, फ्रिज, मोटर, वाशिंग मशीन चलते है।
  • AC में दोनों वायर (पॉजिटिव एवं नेगेटिव) एक साथ फ्लो होता है।
  • एक वायर में अधिक और दूसरे वायर में कम मात्रा में करंट होता है।
  • इसी ऑल्टरनेटिंग करंट के संपर्क में आने से झटके लगते हैं।

कुल मिलाकर झटका कई बातों पर निर्भर करता है, बस आप बिजली के तारों से दूर रहें और बारिश के मौसम में सावधानी बरतें।