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महाराष्ट्र-अमेरिका में अंडों की कमी:दाल, पनीर, राजमा से प्रोटीन की कमी को करें दूर; बेकिंग के लिए यूज करें केला, दही

6 दिन पहले
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महाराष्ट्र और अमेरिका में अंडों की कमी हो रही है। दोनों जगहों पर इसकी वजह अलग हैं।
महाराष्ट्र में डिमांड ज्यादा सप्लाई कम
यहां हर दिन 2.25 करोड़ से भी ज्यादा अंडों की मांग है। मगर राज्य में सिर्फ 1.25 करोड़ अंडे ही पैदा होते हैं। ऐसे में अंडों की डिमांड ज्यादा है और सप्लाई कम। इस वजह से राज्य में लगातार अंडों की कीमत बढ़ रही है।
अमेरिकी में बर्ड फ्लू और महंगाई
पिछले दिनों अमेरिका में बर्ड फ्लू फैला था। इसके अलावा मुर्गी को खिलाने वाले दाने, तेल और लेबर की बढ़ती कीमतों की वजह से इंडस्ट्री को नुकसान झेलना पड़ा। इसी वजह से अमेरिका में अंडों की कमी हो गई है और कीमत बढ़ गई है।
आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि अंडों की जगह खाने और कुकिंग के लिए क्या इस्तेमाल किया जा सकता है, अंडों की न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या है, एक दिन में कितने अंडे खा सकते हैं और क्या अंडे खाने से कोई नुकसान भी होता है…

सवाल: फिर महाराष्ट्र में कैसे इस कमी को पूरा किया जा रहा है?
जवाब:
महाराष्ट्र में कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु से अंडें मंगवाएं जा रहे हैं। वहीं राज्य का एनिमल हसबेंडरी डिपार्टमेंट सब्सिडी और दूसरी सुविधाएं देकर अंडों की पैदावार बढ़ाने की ओर काम कर रहा है।एक अंडे की न्यूट्रिशनल वैल्यू नीचे लिखे पॉइंट्स से समझें…

  • कैलोरीज- 75
  • प्रोटीन- 7 ग्राम
  • फैट- 5 ग्राम
  • सेचुरेटेड फैट- 1.6 ग्राम
  • आयरन, विटामिन और मिनरल्स

सवाल: अंडों की कमी अगर हमारे राज्य में भी हो जाएं तो उनकी तरह क्या-क्या दिक्कतें हो सकती हैं?
जवाब:
महाराष्ट्र में अंडे की कीमत बढ़ गई है। इससे…

  • ब्रेकफास्ट में ज्यादातर लोग अंडे और ब्रेड इसलिए खाते हैं क्योंकि वह सस्ता है और जल्दी पकने वाला ऑप्शन है। कीमत बढ़ने से परेशानी हो रही है।
  • बेकरी प्रोडक्ट्स महंगे हो सकते हैं क्योंकि उन्हें बनाने में अंडों का ही इस्तेमाल किया जाता है।
  • जिम जाने वाले लोगों को दिक्कत होगी क्योंकि प्रोटीन इन्टेक के लिए ज्यादातर लोग अंडों पर ही निर्भर हैं।

सवाल: बिस्कुट, केक और दूसरी बेकरी की चीजों में लोग अक्सर अंडे मिलाते हैं, उसकी जगह क्या डाल सकते हैं?
जवाब:
कुकिंग में आमतौर पर अलग-अलग इंग्रीडिएंट्स यानी सामग्री को एक-दूसरे के साथ बाइंड करने के लिए अंडे का इस्तेमाल किया जाता है। अंडे से सॉफ्टनेस आती है। केक और ब्रेड जैसी चीजें अंडा डालने से फूली-फूली बनती हैं।
अंडा न होने पर कुकिंग के लिए इन 10 चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं…

  1. केला
  2. चिया और फ्लैक्ससीड
  3. सिरका या बेकिंग सोडा
  4. दही या छाछ
  5. अरारोट पाऊडर
  6. कार्बोनेटेड वॉटर
  7. कद्दू
  8. आलू
  9. ऑलिव ऑयल
  10. कॉर्नस्टार्च

सवाल: बच्चें, बूढ़े, गर्भवती महिलाएं और अडल्ट्स को एक दिन में कितने अंडें खाना फायदेमंद होता है?
जवाब:
आपके शरीर को कितने प्रोटीन की जरूरत है इस बात पर निर्भर करता है कि आप एक दिन में कितने अंडे खा सकते हैं।
बच्चे: छोटे बच्चों को एक या दो अंडे खिला सकते हैं। मगर उन्हें रोजाना अंडा न दें। हफ्ते में एक या दो बार ही बच्चे को अंडे दें। प्रोटीन के कई दूसरे सोर्स जैसे दूध, दाल भी दें।
बूढ़े: 1 या 2 अंडों से ज्यादा न खाएं। ज्यादा अंडे खाने से पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ सकता है। अंडे का सफेद हिस्सा खाना बेहतर होगा।
गर्भवती महिलाएं: इन्हें अंडे का सफेद हिस्सा ही खाना चाहिए। फर्स्ट ट्राइमेस्टर के बाद इन्हें ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है। 1 से 2 अंडे से ज्यादा खाने से इंडाजेशन की समस्या हो सकती है।
अडल्ट: बॉडी बिल्डिंग करने वाले अडल्ट्स को अंडे का सफेद हिस्सा खाना चाहिए। अगर जिम नहीं जाते हैं तो दिन में 3 से 4 अंडे से ज्यादा न खाएं।
नोट: अंडा खाने का सबसे सही तरीका उसे उबाल कर खाना है।

सवाल: अंडा सड़ा है या अच्छा है उसकी पहचान कैसे करें?
जवाब:
इन दो तरह से पता कर सकते हैं कि अंडा सड़ गया है या नहीं…

  • पानी में डुबोकर अंडे के सड़ने का पता लगा सकते हैं। इसके लिए एक बड़े गिलास का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें अंडा डालने पर अगर वह हॉरिजोन्टल होकर पानी में नीचे बैठ जाए तो फ्रेश है। अगर हॉरिजोन्टल हो जाए और तली से थोड़ा ऊपर रहे तो थोड़ा पुराना हो गया है। अगर अंडा ऊपर तैरने लगे तो सड़ गया है।
  • फोड़कर पता कर सकते हैं कि अंडा फ्रेश है या पुराना। अगर अंडा सड़ गया है तो पीला हिस्सा सफेद हिस्से में मिल चुका होगा। इन्हें आप अलग नहीं कर पाएंगे। वहीं फ्रेश अंडे में पीला और सफेद दोनों हिस्से अलग रहते हैं।

अब बात करेंगे अंडों से जुड़े मिथ्स पर…

मिथ: अंडे में कोलेस्ट्रॉल लेवल बहुत ज्यादा होता है।
फैक्ट:
अंडो में कोलेस्ट्रॉल होता है और दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को डेली अंडा नहीं खाना चाहिए। साथ ही बहुत सी दूसरी ऐसी चीजें जिनमें ट्रांसफैट और सैचुरेटेड फैट ज्यादा होते हैं, उनसे भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को अंडे का सफेद हिस्सा खाना चाहिए।

मिथ: हर अंडे के अंदर बेबी चिकन होता है।
फैक्ट:
ऐसा नहीं है। सिर्फ फर्टीलाइज्ड अंडों के अंदर बेबी चिकन होता है। ह्यूमन कंसम्पशन यानी इंसानों के खाने के लिए पैदा किए गए अंडे फर्टीलाइज्ड नहीं होते।

मिथ: पीरियड्स में अंडे नहीं खाने चाहिए।
फैक्ट:
यह बिल्कुल गलत है। पीरियड्स में अंडे खाए जा सकते हैं।

मिथ: कच्चे अंडे खाना ज्यादा फायदेमंद होता है।
फैक्ट:
नहीं, कच्चे अंडे में कई हानिकारक बैक्टीरिया हो सकते हैं। आप साल्मोनेला बैक्टीरिया की चपेट में आ सकते हैं। इसकी वजह से फूड पाइजनिंग , हो सकती है। इसके अलावा पेट में ऐंठन, डायरिया, उल्टी और बुखार की समस्या घेर सकती है।

मिथ: अंडे का पीला हिस्सा खाने से वजन बढ़ जाता है।
फैक्ट:
अंडे का पीला हिस्सा फैट होता है। इसे ज्यादा खाने से वजन बढ़ सकता है।

मिथ: रोज अंडा नहीं खा सकते।
फैक्ट:
एक लिमिट में आप रोज अंडा खा सकते हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है।

आज के हमारे एक्सपर्ट हैं डॉ बालकृष्ण, कंसल्टेंट, फिजिशियन और हार्ट स्पेशलिस्ट और डॉ रीमा हिंगोरानी, न्यूट्रिशनिस्ट।

चलते-चलते

सिर्फ मुर्गी नहीं इन जानवरों के अंडें भी खाने में इस्तेमाल किए जाते हैं…

  • क्वेल या बटेर के अंडे: ये अंडे मुर्गी के अंडों से कुछ छोटे होते हैं। इनमें विटामिन डी और बी 12 भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
  • मछली के अंडे: रोहू और हिल्सा मछली के अंडों को खाया जाता है। हिल्सा मछली के अंडे बांग्लादेश और पूर्वी भारत में खाए जाते हैं। इनमें ओमेगा 3 फैटी एसिड्स होते हैं। वहीं रोहू मछली के अंडों को कैविआर कहा जाता है और ये काफी महंगे होते हैं। इनमें बहुत से सी मिनरल्स और एंटी ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।
  • गूज या बत्तख के अंडे: बत्तख के अंडों में विटामिन बी कॉम्प्लैक्स पाया जाता है। इनका पीला हिस्सा मुर्गी के अंडों से बड़ा होता है।
  • टर्की के अंडे: ये अंडे बत्तख के अंडों जैसे दिखते हैं। मगर सफेद और पीला हिस्सा थोड़ा गाढ़ा होता है।
  • एमु के अंडे: एमु ऑस्ट्रेलिया में पाई जाने वाली एक चिड़िया है। इसका 1 अंडा करीब 1 किलो का होता है।
  • ऑस्ट्रिच के अंडे: ऑस्ट्रिच धरती की सबसे बड़ी चिड़िया है। इसका एक अंडा करीब 2 किलो का होता है। हांलाकि इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू मुर्गी के अंडे जितनी ही होती है।

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