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जरूरत की खबर:क्या ब्रेस्ट पंप करने से इसका शेप बिगड़ता है? क्या इससे तेज दर्द होता है? खरीदने से पहले फायदे-नुकसान समझ लें

8 दिन पहले
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सुमन का बेबी पांच महीने का है और आजकल वह मैटरनिटी लीव पर हैं। दो महीने के बाद उन्हें जॉब पर लौटना है। बच्चा तो घर के दूसरे लोग संभाल लेंगे, लेकिन मदर मिल्क का क्या? बच्चा मां के दूध के बिना कैसे रह पाएगा?

अनु उनकी पुरानी सहेली है। उसने सुमन के इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन निकाल दिया। दोनों की बातचीत आप भी पढ़ें, शायद आपके भी काम की हो।

सुमन– अनु मैं बेबी को लेकर स्ट्रेस में हूं। इसे छोड़कर ऑफिस जॉइन करने का मन ही नहीं हो रहा है। अनु– थोड़े दिन की छुट्‌टी और ले लो न।

सुमन – नहीं, ऐसा नहीं कर सकती। ऐसा किया तो मुझे नौकरी से रिजाइन करना पड़ सकता है। अनु– तो जॉब से ब्रेक ले लो, जब तक बेबी बड़ा नहीं हो जाता।

सुमन– यह भी नहीं कर सकती, अब तो इसके फ्यूचर के लिए मुझे और सिद्धांत दोनों को कमाना होगा। लेकिन…
अनु–
लेकिन क्या?

सुमन– मम्मी-पापा, दीदी ये लोग बेबी को तो संभाल लेंगे, लेकिन मेरे दूध के बिना यह कैसे रहेगा? डिब्बे और गाय का दूध इसे अब तक दिया ही नहीं।

सुमन– ब्रेस्ट पंप कितने तरह के होते हैं?

अनु– ब्रेस्ट पंप पांच तरह के होते हैं।

  • मैनुअल ब्रेस्ट पंप मैनुअल ब्रेस्ट पंप हाथों से ऑपरेट किये जाते हैं। अगर कोई महिला मैनुअल इस्तेमाल करती है तो उसमें बने हुए ट्रिगर को दबाकर या पंप में लगे बटन आगे पीछे करके दूध को बोतल में ट्रांसफर करना होता है।
  • बैटरी ऑपरेटेड ब्रेस्ट पंप बैटरी ऑपरेटेड ब्रेस्ट पंप में हाथों का इस्तेमाल नहीं करना होता। ये दिन में एक बार मिल्क पंप करने के लिए बेहतर ऑप्शन है। हालांकि, यह पंप इतना मजबूत नहीं होता कि ब्रेस्ट में दूध के बनने और उसकी सप्लाई को मेंटेन कर पाए।
  • इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप इलेक्ट्रिक पंप की क्षमता बाकी पंप से कही ज्यादा होती है। अगर आपको अक्सर मिल्क पंप करने की जरूरत होती है तो इलेक्ट्रिक पंप इसके लिए अच्छा ऑप्शन साबित होगा।
  • बल्ब स्टाइल ब्रेस्ट पंप बल्ब स्टाइल ब्रेस्ट पंप को साइकिल हॉर्न पंप भी कहा जाता है। इन पंप को साफ रख पाना थोड़ा मुश्किल होता है। साथ ही ऐसे पंप ब्रेस्ट को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। इसीलिए इन्हें इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती।
  • यूज्ड ब्रेस्ट पंप यूज्ड ब्रेस्ट पंप कुछ इस तरह से डिजाइन किए जाते हैं, जिसे डिसइंफेक्ट करके कोई दूसरी महिला भी इस्तेमाल कर सकती है। ऐसे ब्रेस्ट पंप अधिकतर किराये पर दिए जाते हैं।

सुमन– ब्रेस्ट मिल्क पंप से जितने भी फायदे हैं, वो मुझे बता सकती हो?
अनु–
हां, बिलकुल। ये देखो...

  • बच्चे को दूध पिलाने के समय को आसानी से मैनेज किया जा सकता है।
  • कामकाजी महिलाओं को इससे सहूलियत होती है।
  • ब्रेस्ट मिल्क अगर ज्यादा बन रहा है तो पंप कर रखा जा सकता है।
  • नई मां को किसी तरह की मेडिकल परेशानी होने पर बच्चे को वक्त पर दूध मिल जाता है।
  • कुछ महिलाओं के स्तनों से दूध ठीक प्रकार से नहीं निकल पाता है, जिस कारण स्तनों में गांठ बन सकती है, इस केस में फायदेमंद है।

सुमन– क्या इसके इस्तेमाल से कुछ नुकसान भी है?
अनु–

  • मां के दूध को फ्रिज में स्टोर करने से पोषक तत्व कम हो जाते हैं।
  • ब्रेस्ट पंप के इस्तेमाल से निप्पल और ब्रेस्ट टिश्यू डैमेज होते हैं।
  • बच्चे को ब्रेस्ट और बोतल दोनों से दूध पिलाने से बच्चा कन्फ्यूज हो सकता है।
  • ब्रेस्ट पंप के इस्तेमाल के बाद कुछ महिलाओं ने दर्द की समस्या भी बताई हैं।
  • दूध खराब होने का खतरा भी रहता है।

चलते-चलते ब्रेस्ट पंप से जुड़े 2 मिथ का जवाब जानते हैं

पंपिंग से तेज दर्द होता है
डॉ. विशाल मकवाना-
जब तक आप इसे गलत तरीके से यूज नहीं करती हैं तब तक पंपिंग से ब्रेस्ट में दर्द नहीं हो सकता। पहली बार यूज करने वाली महिलाओं को शैलो पंपिग करनी चाहिए। 30 सेकंड से शुरुआत करें, धीरे-धीरे इसकी टाइम बढ़ाएं। क्रैकेड या सोर निपल्स वाली महिलाओं को ज्यादा दर्द हो सकता है।

ब्रेस्ट ढीले होते हैं डॉ. विशाल मकवाना- ऐसा सिर्फ पंप की वजह से नहीं प्रेग्नेंसी की वजह से भी होता है। प्रेग्नेंसी हार्मोन ब्रेस्ट को ढीला करते है। एक बार जब आपका बच्चा पूरी तरह से दूध पीना बंद कर देता है तब मालिश से उन्हें पहले जैसी शेप में ला सकती है।