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जरूरत की खबर:बच्चे तो बच्चे, मम्मी-पापा को भी वैक्सीन की सुई से लगता है डर; जानिए कैसे खुद को तैयार करें इसके लिए

एक वर्ष पहलेलेखक: सुनीता सिंह
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देश में कोरोना वैक्सीन डोज का आंकड़ा 143 करोड़ के पार पहुंच गया है। फिर भी देश में ऐसे लोग हैं जो वैक्सीन लेने से कतरा रहे हैं। हाल में ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक मिडिल ऐज का व्यक्ति इंजेक्शन के डर से वैक्सीन नहीं लगवा रहा था। आखिरकार उसके परिजनों ने उसे जमीन पर लिटा कर जबरदस्ती वैक्सीन लगवाई।

ऐसा ही दूसरा मामला मध्य प्रदेश के राजगढ़ का है जहां एक शख्स वैक्सीन के डर से पेड़ पर चढ़ गया। वह तब तक नीचे नहीं उतरा जब तक वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन खत्म नहीं हो गयी। जरा सोचिए अगर वैक्सीन के डर से बड़ों का ये हाल है, तो बच्चों का क्या होगा?

कोरोना वैक्सीन का डर दो वजह से है। पहली वजह- सूई का डर जिसे ट्राइपैनोफोबिया (trypanophobia) कहते हैं। यह एक तरह का डिसऑर्डर है, जिसमें इंजेक्शन लगवाने का डर नॉर्मल से कहीं ज्यादा होता है। यह डर बड़ों से ज्यादा बच्चों में होता है। दूसरी वजह है, वैक्सीन के बुरे असर को लेकर फैली अफवाहें। इन दोनों वजहों से हमारे देश में 10 करोड़ से ज्यादा ऐसे लोग हैं जिन्होंने समय पर कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं ली। ऐसे में सूई लगवाने के डर को खत्म करना जरूरी है।

कोरोना महामारी से बचने के लिए वैक्सीन है जरूरी, न्यू ईयर पर 15 से 18 साल के बच्चों का भी वैक्सीनेशन शुरू होने जा रहा है। बच्चों में वैक्सीन के डर को इन तरीकों से कम करें ...