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बोर्ड के साथ JEE का चैलेंज:पहली बार 2 महीने का एक्स्ट्रा टाइम, लेकिन इस बार बोर्ड के साथ कॉम्पिटिटिव एग्जाम भी, जानें कैसे करें तैयारी?

नई दल्ली8 दिन पहलेलेखक: आदित्य सिंह
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CBSE बोर्ड की परीक्षाएं इस बार 4 मई से शुरू हो रही हैं, जो 10 जून तक चलेंगी। हर साल बोर्ड एग्जाम फरवरी-मार्च में होते थे, लेकिन इस बार कोरोना के चलते तारीखें आगे बढ़ा दी गई हैं। ऐसे में बच्चों को तैयारी के लिए 2 महीने का एक्स्ट्रा टाइम मिल रहा है।

अब सवाल है कि बच्चे इसका कैसे सही इस्तेमाल करें? कुछ बच्चे इस असमंजस में हैं कि वे बोर्ड और JEE या NEET की तैयारी एक साथ कैसे करें? क्योंकि ये परीक्षाएं बोर्ड के साथ, आसपास हो रही हैं। JEE के चौथे राउंड केएग्जाम तो बोर्ड के दौरान होंगे। आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि बच्चे बोर्ड और कंप्टीशन एग्जाम की तैयारी में कैसे बैलेंस बनाएं।

मुंबई स्थित CBSE स्कूल में लेक्चरर तारा मिश्रा कहती हैं कि 2 महीने का ये एक्स्ट्रा टाइम ग्रामीण इलाकों के बच्चों के लिए काफी उपयोगी है। यहां बच्चे इंटरनेट, मोबाइल, लैपटॉप और जरूरी संसाधनों के अभाव में पढ़ाई में पीछे छूट गए हैं, अब उनकी तैयारी भी बेहतर हो जाएगी।

एक्स्ट्रा टाइम का 5 तरीकों से करें बेहतर इस्तेमाल

1- लिखकर पढ़ें: लिखकर पढ़ना ज्यादा कारगर तरीका है। इसके कई फायदे हैं जैसे- चीजें ज्यादा जल्दी मेमोराइज हो जाती हैं और लंबे समय तक याद रहती हैं। आंसर फ्रेमिंग बेहतर होती है और स्पीड बढ़ जाती है। ये बातें बेहतर स्कोर के लिए सबसे अहम हैं।

2- रिवीजन: इंपॉर्टेंट सेक्शन का मल्टीपल टाइम रिवीजन भी अच्छा स्कोर करने के लिए जरूरी है। अगर आप फ्रीक्वंटली पूछे जाने वाले सवालों और इंपॉर्टेंट सेक्शन को हाइलाइट कर उसे कई बार रिवाइज कर रहे हैं, तो आप अपने स्कोर को 10 से 15% तक बढ़ा सकते हैं।

3- वीक सेक्शन को मजबूत करें: आमतौर पर बच्चे वीक सेक्शन पर ज्यादा माथापच्ची नहीं करते। सामान्य रणनीति यही होती है कि स्ट्रॉन्ग सेक्शन को और मजबूत किया जाए। लेकिन जब आपको 2 महीने ज्यादा मिल जाएं, वो भी तब जब आप एग्जाम को लेकर लगभग तैयार हो चुके हों, तो यह मौका है कि आप वीक सेक्शन को भी स्ट्रॉन्ग सेक्शन में बदल लें।

4- मॉक टेस्ट: मॉक टेस्ट देते रहें, इससे आपको कॉन्फिडेंस आएगा और आप अपने 3 घंटे को बेहतर मैनेज करना सीखेंगे।

5- की-नोट्स: एक्स्ट्रा टाइम मिल रहा है तो की नोट्स जरूर बनाएं। इसमें इंपॉर्टेंट लॉज, प्रिंसिपल्स और फॉर्मुलाज शामिल करें और इसे रोज रिवाइज करें।

कॉम्पिटिटिव एग्जाम और बोर्ड्स में बैलेंस कैसे बनाएं?

एक्सपर्ट तारा मिश्रा कहती हैं कि NCERT की टेक्स्ट बुक्स से बेहतर कुछ नहीं। ये किसी भी स्टडी मैटेरियल को रिप्लेस कर सकती हैं, यानी वही टेक्स्ट बुक बेस्ट है जो आप पढ़ रहे हैं। अगर आप कॉम्पिटिटिव एग्जाम के बारे में सोच रहे हैं तो आप टेक्स्ट बुक पर फोकस करें, यह आपकी दोनों तैयारियों में बेहतर साबित होगी। इस बार एग्जाम पैटर्न भी बदल गया है, पहली बार आपको मल्टीपल टाइप क्वेश्चन मिलने वाले हैं। मल्टीपल टाइप क्वेश्चन के लिए भी टेक्स्ट बुक्स ही बेहतर हैं।

इस दो महीने में कैसा हो आपका टाइम-टेबल?

बेहतर टाइम मैनेजमेंट के लिए एक अच्छा टाइम-टेबल जरूरी है। लेकिन आपका टाइम-टेबल ऐसा होना चाहिए, जो मानसिक तौर पर आपके लिए फायदेमंद हो। शुरुआत ऐसे सब्जेक्ट या टॉपिक से करें, जो आपको टफ या मुश्किल लगता हो। अपने टाइम-टेबल को हमेशा टफ से इजी सब्जेक्ट के ऑर्डर में रखें, यानी सबसे पहले टफ सब्जेक्ट उसके बाद एक इजी सब्जेक्ट। इससे आप पढ़ाई के दौरान मानसिक तौर पर दबाव महसूस नहीं करेंगे और न ही मानसिक तौर पर थका हुआ महसूस करेंगे।

राज्यों के बोर्ड एग्जाम का क्या है स्टेटस?

  • मध्यप्रदेश बोर्ड के एग्जाम - इस बार दो फेज में हो सकते हैं, लेकिन अभी कोई डेट तय नहीं हैं।
  • हरियाणा बोर्ड के एग्जाम- मई के तीसरे हफ्ते से शुरू हो रहे हैं।
  • राजस्थान बोर्ड के एग्जाम- मई के दूसरे हफ्ते से शुरू हो रहे हैं।
  • पंजाब बोर्ड के एग्जाम- 22 मार्च से शुरू हो रहे हैं।
  • बिहार बोर्ड के एग्जाम- 1 फरवरी शुरू हो रहे हैं।
  • उत्तर प्रदेश बोर्ड के एग्जाम- 15 जनवरी को मीटिंग है।
  • गुजरात बोर्ड के एग्जाम- अभी तय नहीं है।
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