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भारत में इसलिए मास्क जरूरी:वैक्सीन लगवाने के बाद अमेरिका में मास्क से छुटकारा, जानिए भारत में यह छूट क्यों खतरनाक साबित हो सकती है

5 महीने पहले
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अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने पिछले दिनों वैक्सीन की सभी डोज लगवा चुके लोगों (fully vaccinated) को अमेरिका में मास्क न लगाने की छूट दे दी। वहां fully vaccinated उन लोगों को माना जाता है जिन्हें डबल डोज वैक्सीन की दोनों डोज और सिंगल डोज वैक्सीन की एक डोज लगने के बाद दो हफ्ते गुजर चुके हों। अमेरिका में CDC उसी तरह काम करती है जैसे भारत में ICMR करती है। CDC का कहना है कि उसकी यह नई गाइडलाइन उन स्टडीज पर आधारित है जिनके मुताबिक वैक्सीन की सभी डोज लगने के बाद बहुत ही कम लोगों को कोरोना होता है। ऐसे लोगों में दूसरों को कोरोना फैलाने की क्षमता भी बेहद कम होती है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या भारत में भी कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके लोगों को मास्क न लगाने की छूट दी जा सकती है? ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के हालात अमेरिका से काफी अलग हैं। भारत में मास्क न लगाने की छूट देने का फैसला खतरनाक साबित हो सकता है।

तो आइए जानते हैं कि वो कौन से तर्क हैं, जिनके आधार पर कहा जा सकता है कि भारत में फिलहाल अमेरिका जैसी छूट नहीं दी जा सकती...

1. वैक्सीनेशन के बावजूद कोरोना होने के मामलों पर डेटा स्पष्ट नहीं

डेटा से साफ है कि अमेरिका में वैक्सीन की पूरी डोज लेने के बावजूद कोरोना होने के बहुत कम मामले सामने आए हैं। इन्हें ब्रेकथ्रू (breakthrough cases) केस कहते हैं। CDC के अनुसार 26 अप्रैल तक अमेरिका में 9.5 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन की सभी डोज लगा दी गई थीं, इनमें से केवल 9,045 लोगों को वैक्सीनेशन के बाद कोरोना हुआ। इधर, भारत के स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और ICMR के डीजी बलराम भार्गव ने 21 अप्रैल को दावा किया था कि भारत में 10 हजार में से सिर्फ 2 से 4 लोगों को कोरोना होने के मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञ इस दावे को सटीक नहीं मानते क्योंकि देश में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू होने के बावजूद कोरोना जांच केंद्रों पर वैक्सीनेशन के बारे में पूछा ही नहीं जाता।

2. mRNA वैक्सीन को नए वैरिएंट्स पर ज्यादा कारगर मानते हैं विशेषज्ञ
अमेरिका में मुख्य रूप से फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्ना की mRNA वैक्सीन लगाई जा रही हैं। जबकि भारत में कोवीशील्ड एक वायरल वेक्टर वैक्सीन है और कोवैक्सिन इनएक्टिवेटेड वायरस वैक्सीन। कई विशेषज्ञ mRNA वैक्सीन को वायरस के नए वैरिएंट्स पर ज्यादा कारगर मानते हैं।

3. भारत में अब तक सिर्फ 3% आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज

अमेरिका में 37% आबादी को वैक्सीन की फुल डोज ( फाइजर और मॉडर्ना वैक्सीन की दोनों और सिंगल डोज जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन की एक डोज) दी जा चुकी है, जबकि भारत में सिर्फ 3% लोगों को दोनों डोज लगे हैं, इतनी कम आबादी को मास्क हटाने की छूट देने से कोई समस्या हल होने वाली नहीं।

4. कोरोना वायरस के नए वैरिएंट्स के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल

भारत में लग रहीं कोवीशील्ड और कोवैक्सिन अब तक सामने आए वायरस वैरिएंट पर कारगर हैं, मगर भविष्य के वैरिएंट्स को लेकर कुछ भी पुख्ता नहीं। ऐसे में वैक्सीनेशन के बाद भी मास्क जरूरी है। विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिंता यही है।

5. भारत में कोरोना की दूसरी लहर जारी, अमेरिका में महीनों से घट रहे केस

अमेरिका में कई महीनों से लगातार कोरोना के नए केसेज और मौत का आंकड़ा कम हो रहा है। हालांकि अभी वहां रोज करीब 30 हजार नए मामले और 600 लोगों की मौत हो रही है। वहीं, भारत में अभी दूसरी लहर चल रही है। पिछले चार दिनों से नए मामले मिलना कम हुए हैं, मगर रोज जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में भारत में मास्क लगाने की छूट देने का जोखिम नहीं लिया जा सकता।

6. भारत में मास्क न लगाने की सलाह का उल्टा हो सकता है असर

भारत में अमेरिका की तरह पूरी तरह वैक्सिनेटेड लोगों को मास्क न लगाने की सलाह का उल्टा असर भी हो सकता है। वैक्सीन न लगवाने वाले भी मास्क लगाना बंद कर सकते हैं। बड़ी संख्या में लोगों को दोबारा मास्क लगाने के लिए प्रेरित करना मुश्किल हो जाएगा।

7. अमेरिका में भीड़ वाली जगहों पर मास्क जरूरी, भारत में भीड़ ही भीड़

सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की सलाह केवल अमेरिकी लोगों के लिए है, वह भी कई शर्तों के साथ। जैसे स्कूलों में टीचर और स्टूडेंट्स को मास्क पहनने को कहा गया है। हवाई सफर, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, हेल्थ केयर सेंटर यानी अस्पतालों और बंद जगहों पर वैक्सीन की सभी डोज लगा चुके लोगों को भी मास्क पहनने की सलाह दी गई है। दूसरी तरफ भारत में ज्यादातर जगहें और आयोजन भीड़ भरे होते हैं। ऐसे में जरा सी छूट भी महामारी फैलने की बड़ी वजह बन सकती है।

8. अमेरिका के पास भी वैक्सीन से जुड़े 3 बड़े सवालों के जवाब नहीं

अमेरिका में CDC ने वैक्सीन लगवा चुके लोगों को मास्क न लगाने की छूट तो दे दी है, मगर खुद उसके विशेषज्ञों का कहना है कि तीन बातों के बारे में वह भी सीख रहे हैं...

  • नए वैरिएंट्स पर मौजूदा वैक्सीन कितनी कारगर होंगी? शुरुआती डेटा बताता है कि वैक्सीन कुछ वैरिएंट्स के खिलाफ कारगर रहेंगी, मगर इनका असर कम हो सकता है।
  • मौजूदा वैक्सीन कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता और इम्यूनोसप्रेसिव दवा लेने वाले लोगों को किस हद तक बचा सकेंगी?
  • कोरोना की मौजूदा वैक्सीन कितने दिनों तक लोगों को कोरोना वायरस से बचाएंगी?

इन्हीं सवालों के आधार पर विशेषज्ञ भारत में मास्क न लगाने की छूट देने के पक्ष में नहीं।

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