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निवेश पर टैक्स का गणित:सोने और प्रॉपर्टी में निवेश से होने वाले प्रॉफिट पर भी देना होता है 21% तक का टैक्स

नई दिल्ली5 महीने पहले
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हमारे देश में रियल एस्टेट, सोना और फिक्स्ड डिपॉजिट में लोग ज्यादा निवेश करते हैं। हालांकि लंबे समय के लिए निवेश पर सोना आकर्षक रिटर्न नहीं देता है। वहीं पिछले कुछ सालों में रियल एस्टेट सेक्टर में भी नेगेटिव रिटर्न ही मिला है। ऐसी स्थिति में एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेश के लिहाज से सोना या प्रॉपर्टी में पैसा लगाना सही नहीं है। लेकिन अगर आप इनमें निवेश करना चाहते हैं तो आपको इन दोनों जगह निवेश पर लगने वाले टैक्स की जानकारी होना जरूरी है।

सोने से हुए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर देना होगा 20.8% टैक्स
इसमें सोने से बनी ज्वेलरी और सिक्कों के साथ अन्य सोने की चीजें शामिल होती हैं। अगर आपने सोना खरीदने के 3 साल के अंदर बेचा है तो इसे शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन माना जाता है। इस बिक्री से होने वाले फायदे पर आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। वहीं अगर सोने को 3 साल के बाद बेचा है तो इसे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाता है। इस पर 20.8% टैक्स देना होता है।

गोल्ड बॉन्ड का मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर नहीं देना होता टैक्स
बॉन्ड का मैच्योरिटी पीरियड 8 साल का है। इस अवधि पर अगर आप पैसा निकालते हैं तो इससे हुए प्रॉफिट पर कोई टैक्स नहीं देना होता है। लेकिन निवेशकों को 5 साल के बाद बाहर निकलने का मौका मिलता है। यानी अगर आप पैसा निकालना चाहते हैं तो 5 साल के बाद निकाल सकते हैं। हालांकि अगर आप रिडेम्पशन विंडो (खुलने के 5 साल बाद) पर बाहर निकलते हैं तो सोने पर लगने वाले कैपिटल गेन की तरह ही इस पर टैक्स लगेगा। यानी इसे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाएगा और आपको इस पर 20.8% टैक्स देना होगा।

गोल्ड बॉन्ड 2.50% की दर से ब्याज का भुगतान करते हैं और यह ब्याज आपके टैक्स स्लैब के अनुसार पूरी तरह से टैक्सेबल है। इसमें होने वाले शार्ट टर्म कैपिटल गेन (3 साल के कम समय में बेचना) पर टैक्स भी सोने की तरह ही लगता है।

2 साल बाद प्रॉपर्टी बेचने पर माना जाता है लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन
प्रॉपर्टी (अचल संपत्ति) के मामले में अगर आप किसी प्रॉपर्टी को खरीदने के 2 साल बाद बेचते हैं तो इसे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाता है और 2 साल से पहले इसे बेचने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन माना जाता है। रियल एस्टेट से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स आपके इनकम स्लैब के हिसाब से लगता है जबकि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर इंडेक्सेशन (महंगाई दर के हिसाब से प्रॉपर्टी की कीमत का आंकलन करना ) के बाद 20.8% टैक्स लगता है।