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काम की बात:होम लोन पर मिलती हैं कई तरह के इनकम टैक्स छूट, इसकी जानकरी से आप बचा सकते हैं लाखों रुपए

नई दिल्ली10 महीने पहले
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  • सेक्शन 80C के तहत मूलधन चुकाने पर 1.5 लाख रुपए तक का इनकम टैक्स में डिडक्शन मिलता है
  • सेक्शन 24b के तहत 2 लाख रुपए तक का टैक्स डिडक्शन मिलता है

इन दिनों अगर आप घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं और उसके लिए आप लोन लेने का सोच रहे हैं तो आपका होम लोन पर मिलने वाली टैक्स छूट के बारे में जानना बहुत जरूरी है। आप सेक्शन 80C और 24(b) सहित कई अन्य सेक्शन के तहत अपने लोन पर टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं। सीए अभय शर्मा (पूर्व अध्यक्ष इंदौर चार्टर्ड अकाउंटेंट शाखा) आपको होम लोन पर मिलने वाले टैक्स छूट के बारे में बता रहे हैं।

सेक्शन 80C
होम लोन लेते वक्त शुरुआत में मूलधन चुकाना पड़ता है। किसी भी वित्त वर्ष में सेक्शन 80C के तहत मूलधन चुकाने पर 1.5 लाख रुपए तक का इनकम टैक्स में डिडक्शन मिलता है। इसके अलावा इस सेक्शन के तहत आप स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन चार्ज और दूसरे खर्च जो प्रॉपर्टी खरीदने के दौरान किए गए हैं, उन पर टैक्स बेनीफिट के लिए क्लेम कर सकते हैं। इसके लिए सेक्शन 80C के भीतर 1.5 लाख रुपए तक की सीमा का क्लेम कर सकते हैं। यह उसी साल में किया जा सकता है जिसमें आपके खर्च हुए हों।

सेक्शन 24(b)
होम लोन पर ब्याज को दो कैटेगरीज में बांटा जाता है-निर्माण पूरा होने के पहले का ब्याज और निर्माण पूरा होने के बाद की अवधि के बाद का ब्याज। निर्माण पूरा होने के बाद की अवधि में भुगतान किए गए ब्याज के लिए इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24b के तहत 2 लाख रुपए तक का टैक्स डिडक्शन मिलता है। किराए की प्रॉपर्टी पर ब्याज कटौती के लिए क्लेम करने की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। यह डिडक्शन केवल उसी साल से क्लेम किया जा सकता है, जिसमें घर का निर्माण पूरा हुआ है।

कई बार लोग निर्माणाधीन प्रॉपर्टी के लिए होम लोन लेते हैं और बाद में उसका पजेशन मिलता है, लेकिन होम लोन का भुगतान लोन लेने के तुरंत बाद शुरू हो जाता है। ऐसे लोगों के लिए सेक्शन 24b के भीतर निर्माण पूरा होने से पहले की अवधि के लिए 5 साल तक की अवधि में ब्याज पर 5 साल तक (5 समान किस्तों में) टैक्स डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। इस बात का ध्यान रखें कि इसमें अधिकतम सेक्शन 24b के ही तहत 2 लाख रुपए तक की ऊपरी सीमा है, जिस पर क्लेम किया जा सकता है।

सेक्शन 80EE
सेक्शन 80 EE मकान मालिक को होम लोन ईएमआई के ब्याज पर 50 हजार रुपए (धारा 24) की अतिरिक्त कटौती का दावा करने की अनुमति देता है। बशर्ते लोन 35 लाख रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए और संपत्ति का मूल्य 50 लाख रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, किसी व्यक्ति के पास लोन स्वीकृत होने के समय उसके नाम पर पंजीकृत कोई अन्य संपत्ति नहीं होनी चाहिए।

सेक्शन 80EEA
पिछले साल के बजट में 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 के बीच लिए गए होम लोन की ब्याज के भुगतान पर 1.5 लाख रुपए की अतिरिक्त टैक्स छूट का एलान किया गया था। सेक्शन 80EEA के तहत टैक्स छूट के लिए प्रॉपर्टी की स्टाम्प ड्यूटी वैल्यू 45 लाख रुपए तक होनी चाहिए। यह छूट केवल पहली बार घर खरीदने वाला व्यक्ति ही ले सकता है। कुछ ही दिनों पहले अनाउंस हुए बजट 2020 में इस सेक्शन का फायदा एक और साल के लिए बढ़ा दिया गया है, और अब इस सेक्शन के तहत टैक्स छूट का फायदा 31 मार्च 2021 तक मिलेगा।

ज्वॉइंट होम लोन पर टैक्स कटौती
लोन लेने वाले दोनों व्यक्ति सेक्शन 24b के तहत ब्याज को हर साल 2 लाख रुपए तक डिडक्शन की तरह ले सकता है जबकि प्रिंसिपल अमाउंट पर सेक्शन 80C के भीतर साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक का डिडक्शन मिलता है। ज्वाइंट होम लोन के लिए आवेदन करने से दोनों कर्ज ले रहे व्यक्ति अलग-अलग इनकम टैक्स बेनीफिट का फायदा ले सकेंगे। हालांकि दोनों साथ में एप्लीकेंट के साथ मालिक भी हों, तभी वे टैक्स बेनीफिट अलग से ले सकेंगे।

अधिकतम ले सकते हैं 3.5 लाख रुपए की छूट
सेक्शन 80E और 80EEA के तहत ब्याज भुगतान के लिए कटौती इनकम टैक्स सेक्शन 24b के तहत उपलब्ध 2 लाख रुपए की कटौती के अतिरिक्त है। इन कटौती का अधिकतम लाभ उठाने के लिए, धारा 24 के तहत 2 लाख रुपए की कटौती का लाभ पहले लेना चाहिए। करदाता होम लोन पर ब्याज के लिए कुल 3.5 लाख रुपए की कटौती का दावा कर सकते हैं।

जॉइंट होम लोन के मामले में, दोनों लोन लेने वाले व्यक्तियों को 80C के तहत 2 लाख रुपए तक के ब्याज भुगतान पर टैक्स कटौती लेने का अधिकार है। 80EE / 80EEA के तहत टैक्स छूट भी लेना भी इसके तहत लिया जा सकता है।