पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX57858.150.64 %
  • NIFTY17277.950.75 %
  • GOLD(MCX 10 GM)486870.08 %
  • SILVER(MCX 1 KG)63687-1.21 %

टेक गुरु अभिषेक तैलंग के साथ Tech Talk:गेमिंग PC या कंसोल, दोनों में कौन ज्यादा बेहतर? सेटअप से कीमत तक, सबकुछ जानिए

नई दिल्ली3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

गेमिंग के लिए गेमिंग PC बेहतर होता है या गेमिंग कंसोल? ये सवाल सालों से पूछा जाता रहा है पर कन्फ्यूजन हमेशा से बना ही रहा है। तो आज आपके इसी कन्फ्यूजन को दूर करते हैं।

सेटअप की प्रोसेस

  • आप किस तरह के यूजर हैं उसके हिसाब से ये तय होता है कि आपको गेमिंग PC पसंद आएगा या गेमिंग कंसोल। गेमिंग कंसोल को सेटअप करना किसी भी गेमिंग PC के हिसाब से ज्यादा आसान होता है। बस प्लग एंड प्ले। वहीं गेमिंग PC को असेंबल करना किसी सिरदर्द से कम नहीं, लेकिन गेमिंग PC को डिजाइन करना किसी भी गेमर के लिए एक बड़ा और गर्व करने लायक अचीवमेंट होता है।
  • एक बढ़िया गेमिंग PC में क्या-क्या कंपोनेंट्स डलेंगे, ये पता करना नए लोगों के लिए बहुत मुश्किल काम होता है और ज्यादातर कंज्यूमर इसी चीज में ठगे जाते हैं। इससे बचने के लिए आप इंटरनेट की मदद ले सकते हैं। PCPartPicker.com जैसी Websites बहुत काम आएंगी। इस वेबसाइट पर आपको ढेरों गेमिंग PC के कंप्लीटेड बिल्ड देखने को मिल जाएंगे। लेकिन यहां सब दाम यूएस डॉलर में लिखे हुए हैं, तो यहां से ऑर्डर करने के बजाय आप अपने पसंद के कस्टम बिल्ड के कंपोनेंट्स की लिस्ट देख कर, अपने शहर के PC मार्केट या ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते है। एक बार सही कंपोनेट्स आ गए, फिर गेमिंग PC को असेंबल करना तो बहुत ही आसान हो जाता है। आप खुद या किसी IT इंजीनियर की मदद लेकर ये कर सकते हैं।

फ्रीडम कितना

  • कोई भी गेमिंग कंसोल एक सिंगल कॉन्फिगरेशन के साथ आता है। उसकी रैम, प्रोसेसर, ग्राफिक्स कार्ड को आप अपग्रेड नहीं कर सकते (और वैसे जरूरत भी नहीं पड़ती)।
  • वहीं पर गेमिंग PC को आप कभी भी अपग्रेड कर सकते हैं। वक्त के साथ आप ग्राफिक्स कार्ड, स्टोरेज, प्रोसेसर, रैम बढ़वा सकते हैं। मल्टी मॉनीटर सेटअप कर सकते हैं। जो गेमिंग कंसोल के लिए कई बार मुमकिन नहीं हो पाता।

ईकोसिस्टम और सेल्फ लाइफ

  • गेमिंग कंसोल के इर्द-गिर्द गेमिंग इंडस्ट्री घूमती है। सिंगल कॉन्फिगरेशन होने के कारण गेमिंग कंसोल के हिसाब से गेम्स डेवलप किए जाते हैं। माइक्रोसॉफ्ट और सोनी जैसी बड़ी दिग्गज कंपनियां अपने-अपने गेमिंग कंसोल्स पर कई एक्सक्लूसिव गेम टाइटल लाती हैं, जो PC पर कभी लॉन्च भी नहीं होते। जैसे God of War, Halo।
  • दूसरा गेमिंग कंसोल की सेल्फ लाइफ करीब 7 साल की होती है, गेमिंग PC को आपको लेटेस्ट गेम्स के हिसाब से 3-4 साल में अपग्रेड करना ही पड़ेगा।

कौन सस्ता, कौन महंगा

  • सस्ते-महंगे के हिसाब से दोनों की अपनी-अपनी खूबियां-कमियां हैं। गेमिंग कंसोल की रिपेयरिंग महंगी पड़ती है, वहीं गेमिंग PC की रिपेयरिंग आसान और सस्ती होती है।
  • बेहतरीन GFX वाले गेम्स के लिए गेमिंग PC काफी महंगा आता है, जो एक से 2 लाख तक हो सकता है, वहीं गेमिंग कंसोल 40-50 हजार में आ जाता है। PC गेम्स के दाम कम होते हैं। करीब 500 से 1500 रुपए में नए गेम आपको मिलने लगेंगे। वहीं, कंसोल के गेम्स शुरू ही 3000 से 4000 रुपए से होते हैं।

कुल मिलाकर, आप यूजर कैसे हैं उस पर ये निर्भर करता है कि आपके लिए क्या बेहतर होगा। स्टूडेंट्स के लिए गेमिंग PC काफी बढ़िया रहता है, क्योंकि गेमिंग PC पर स्कूल-कॉलेज के प्रोजेक्ट्स भी किए जा सकते हैं। कैजुअल गेमर्स के लिए गेमिंग कंसोल से बेहतर कुछ नहीं। बस प्लग एंड प्ले।

खबरें और भी हैं...