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भारतीयों को स्मार्टफोन की लत:लॉक स्क्रीन कंटेंट देखने में एक साल में 200% की बढ़ोतरी, एंटरटेनमेंट बनी टॉप कैटेगरी; टियर 2 और 3 में कंटेंट कंजप्शन बढ़ा

नई दिल्ली12 दिन पहले
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भारतीयों को स्मार्टफोन की ऐसी लत लग चुकी है कि वे लॉक स्क्रीन पर भी सबसे ज्यादा वक्त बिता रहे हैं। ग्लांस की 'वॉट इंडिया कंज्यूमर ऑन लॉक स्क्रीन' रिपोर्ट 2021 के मुताबिक, फोन की लॉक स्क्रीन पर भारतीय अब पिछले साल की तुलना में 200% अधिक टाइम बिता रहे हैं। लॉक स्क्रीन कंटेंट के लिए एक यूजर औसतन 25 मिनट खर्च करता है।

ग्लांस दुनिया का पहला स्क्रीन जीरो प्लेटफॉर्म है। ये लॉक स्क्रीन डिवाइस खासकर स्मार्टफोन पर यूजर्स को लाइव कंटेट प्रोवाइड करता है। ग्लांस द्वारा दी गई रिपोर्ट में जनवरी 2020 से जनवरी 2021 तक यूजर के बिहेवियर को शामिल किया गया है। बता दें कि अब स्मार्टफोन पर लॉक स्क्रीन के दौरान पर कंटेंट पड़ा जा सकता है।

क्या है लॉक स्क्रीन कंटेंट?
स्मार्टफोन जब लॉक होता है तब स्क्रीन पर रेंडमली वॉलपेपर या फोटो आते रहते हैं। इनके नीचे उससे जुड़ी जरूरी जानकारी की लिंक दी होती है। इस लिंक को फोन बिन अनलॉक किए ही पढ़ा जा सकता है। इसी को लॉक स्क्रीन कंटेंट कहते हैं।

यूजर एक दिन में 70 बार फोन अनलॉक करता है
रिपोर्ट से पता चलता है कि कि भारत में स्मार्टफोन यूजर औसतन अपने स्मार्टफोन को दिन में कम से कम 70 बार अनलॉक करता है। इसमें से वो करीब 50 बार सिर्फ लॉक स्क्रीन पर दिए गए कंटेंट को देखता है। यूजर्स के लिए डिनर के बाद और सोने से पहले लॉक स्क्रीन कंटेंट देखने का सबसे पसंदीदा टाइम है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और गुजरात के यूजर्स लॉक लेट नाइट तक स्क्रीन पर कंटेंट देखते हैं।

लॉक स्क्रीन कंटेंट में एंटरटेनमेंट, न्यूज, नेचर/वाइ्डलाइफ की तीन कैटेगरी सबसे ज्यादा देखी जाती हैं। वहीं, अन्य कैटेगरी में हेल्थ एंड फिटनेस, पोल्स एंड क्विज, ट्रिविया के साथ पॉलिटिक्स से जुडा कंटेंट शामिल हैं।

टियर 2 और टियर 3 शहरों में कंटेंट कंजप्शन बढ़ रहा
ग्लांस में मार्केटिंग के वाइस प्रेसिडेंट, बिकास चौधरी ने कहा, "कोविड-19 महामारी ने हमारे जीवन के हर पहलू को बदल दिया है। हमारा कंटेंट कंज्यूम करने का तरीका भी बदला है। द इंडिया लॉक स्क्रीन रिपोर्ट 2021 में भारत के महानगरों और टियर 2 और टियर 3 शहरों में बड़े स्तर पर मोबाइल-फर्स्ट कंटेंट कंजप्शन का पता चलता है।

वीडियो कंटेंट में 182% तक बढ़ोतरी हुई
रिपोर्ट में पाया गया कि यूजर्स के लिए वीडियो कंटेंट प्राथमिकता पर रहा। इसके कंजप्शन में 182% की वृद्धि हुई है। शॉर्ट वीडियो ऐप्स ने भी इस अवधि के दौरान यूजर्स को आकर्षित किया। यहां पर यूजर्स के टाइम स्पेंड में 30% की वृद्धि हुई है। शॉर्ट वीडियो में कॉमेडी और म्यूजिक की दो कैटेगरी सबसे ज्यादा इंगेजिंग रहीं। वहीं, नॉन-मैट्रो और छोटे शहरों के यूजर्स ने क्षेत्रीय भाषाओं के वीडियो को पसंद किया।

फोन पर यूजर्स का टाइम स्पेंड इस तरह बढ़ रहा

  • एंटरनेटमेंट कैटेगरी में टाइम स्पेंड बढ़ा: भारतीय दर्शक हमेशा से एंटरटनमेंट जेनर पसंद रहा है। पिछले साल कोविड-19 की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के बाद से एंटरटेनमेंट के प्रति लोगों में जबरदस्त जुड़ाव आया है। भारतीयों ने लॉक स्क्रीन पर दिखने वाले कंटेंट पर ज्यादा समय बिताया। एंटरटेनमेंट पर लोगों ने 20% तो न्यूज और नेचर/वाइल्डलाइफ पर 10% तक समय बिताया।
  • वीडियो कंटेंट में 64% कंजप्शन: वीडियो हमेशा से इंगेजमेंट का सबसे इंटरैक्टिव फॉर्म रहा है। लोग जैसे-जैसे अपने स्मार्टफोन पर कंटेंट को कंज्यूम कर रहे हैं, ये तेजी से ग्रोथ कर रहा है। ग्लांस के मुताबिक, सभी तरह की वीडियो कंटेंट में 64% कंजप्शन है। वहीं, आर्टिकल (टैक्स्ट और इमेज) में ये 36% है। इंटरनेट सस्ता होने से छोटे शहरों में वीडियो कंटेंट कंजप्शन लगभग महानगरों के बराबर हो गया है। लखनऊ, पुणे और पटना जैसे शहरों में हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता की तुलना में अधिक वीडियो देखे जा रहे हैं।
  • मोबाइल गेम के इस्तेमाल में 153% की वृद्धि: कोविड-19 महामारी के बाद घर के अंदर ज्यादातर लोगों ने मोबाइल पर गेम खेलकर समय बिताया है। यही वजह है कि सभी तरह के मोबाइल गेम के यूजेस में 153% की वृद्धि देख गई है। रिपोर्ट में गेमर्स को लेकर कहा गया है कि एक दिन के दौरान यूजर ने तीन या अधिक गेम खेलने के साथ 41% नए गेम खेलने की कोशिश की गई है। हालांकि, अधिकांश फ्री-टू-प्ले गेम्स पसंद किए गए हैं। महानगरों और बड़े शहरों की तुलना में टियर 2 और टियर 3 शहरों के यूजर्स के मोबाइल गेम खेलने के समय में 26% की बढ़ोतरी हुई है।
  • शॉर्ट वीडियो पसंद कर रहे यूजर्स: 2020 में शॉर्ट वीडियो ऐप्स भी तेजी से डेवलप हुए हैं। आज, 85% यूजर्स 10 मिनट या उससे कम लंबाई वाले वीडियो सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। इनमें कॉमेडी और म्यूजिक से जुड़े 50% से अधिक की वीडियो शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही महानगरों के यूजर्स अंग्रेजी कंटेंट पसंद करते हों, लेकिन बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मराठी, ओडिया, पंजाबी, राजस्थानी, तमिल और तेलुगु भाषा बोलने वाले लोगों की पहली प्रायोरिटी रीजनल कंटेंट वीडियो है। शॉर्ट-वीडियो दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के यूजर्स के बीच ज्यादा पॉपुलर हुए हैं।