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महिंद्रा की प्लानिंग:चिप की कमी से कंपनी के प्रोडक्शन को ज्यादा फर्क नहीं पहुंचेगा, फेस्टिव सीजन के लिए स्टॉक तैयार करने पर नजर

नई दिल्ली2 महीने पहले
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सेमीकंडक्टर और चिप की कमी का असर एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज पर दिखने लगा है। सैमसंग जैसी कंपनी ने तो अपनी सप्लाई 70 प्रतिशत तक कम होने की बात भी कह दी दी है। वहीं, कई ऑटोमोबाइल कंपनियों पर एक बार फिर चिप की कमी की मार दिखने वाली है। हालांकि, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कहा है कि उस पर चिप की कमी का असर नहीं होगा।

कंपनी ने कहा कि चिप की कमी से प्रोडक्शन पर ज्यादा असर होने की संभावना नहीं है, लेकिन ये बात सही है कि चिप की वजह से ग्लोबल प्रोडक्शन बाधित हो सकता है। कंपनी बिना चिपसेट वाली कारों का प्रोडक्शन कर रही है।

चिप की कमी का असर होगा, लेकिन ज्यादा नहीं
महिंद्रा एंड महिंद्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, अनीश शाह ने कहा कि चिप की कमी दुनियाभर की कंपनियों के लिए चुनौती है। सब कुछ फिर से ठीक होने के लिए महीनों लग सकते हैं। हमें भी चिप की कमी के चलते अगले कुछ महीनों में प्रोडक्शन में व्यवधान आने की उम्मीद है। हालांकि, इसका बहुत ज्यादा असर होगा, ऐसा नहीं लगता।

डिमांड और सप्लाई में आ सकती है अंतर
कंपनी आने वाले दिनों में अपनी मोस्ट अवेटेड XUV700 और न्यू स्कॉर्पियो के साथ दूसरी गाड़ियां भी लॉन्च कर सकती है। वहीं, मौजूदा मॉडल की डिमांड भी हाई है। ऐसे में कंपनी के सामने डिमांड की तुलना में सप्लाई करना मुश्किल चुनौती बन सकता है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि वो चिप सप्लायर्स से लगातार संपर्क कर रही है और इसकी कमी के मुद्दे को सुलझाने की कोशिश में लगी हुई है।

कोविड ने ट्रैक्टर की डिमांड बढ़ाई
ऐसा नहीं कि महिंद्रा की सिर्फ कारों की डिमांड में तेजी आई हो, बल्कि ट्रैक्टर की बिक्री में दूसरी कंपनियों की तुलना में जमकर ग्रोथ हुई है। देश में जब कोविड-19 की दूसरी लहर का असर शुरू हुआ तब जून में ट्रैक्टरों की बिक्री सालाना आधार पर 30% बढ़ गई। इससे साफ होता है कि गांवों में ट्रैक्टर की मांग बनी हुई है।

अनीश ने बताया कि वर्तमान में गांवों में ट्रैक्टर की मांग बहुत मजबूत बनी हुई है। ऐसे में कंपनी आने वाले फेस्टिव सीजन के लिए तैयार है। वे स्टॉक को तैयार रखने की योजना बना रहे हैं। इस बार नए मॉडल की लॉन्चिंग के साथ सभी की बिक्री में भी तेजी होने की पूरी उम्मीद है।

1 जुलाई से महंगी हुईं महिंद्रा की गाड़ियां
कोविड महामारी की वजह से गाड़ी में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इसका असर महिंद्रा के फोर-व्हीलर पर भी हुआ है। कंपनी की गाड़ियां 3,356 से लेकर 92,000 रुपए तक महंगी हुई हैं। सबसे ज्यादा महंगी महिंद्रा की मोस्ट डिमांडिंग ऑफ रोड SUV थार की बढ़ी हैं। ये दूसरी कंपनियों की कारों की तुलना में भी सबसे ज्यादा महंगी होने वाली गाड़ी है।

32,000 से 92,000 तक महंगी हुई थार
महिंद्रा थार अलग-अलग वैरिएंट के हिसाब से 32,000 से 92,000 रुपए तक महंगी हुई है। यानी कंपनी ने इसे लॉन्चिंग के बाद से 2 से 7% तक महंगा कर दिया है। थार महिंद्रा की पॉपुलर SUV बन गई है। इसकी डिलिवरी में 3 महीने से ज्यादा का वक्त लग रहा है, इसके बाद भी इसे 50,000 से ज्यादा बुकिंग मिल चुकी हैं। कंपनी लगातार इसका प्रोडक्शन बढ़ाने की कोशिश कर रही है, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है।

महिंद्रा की न्यू 2021 मॉडल
महिंद्रा की लगभग सभी गाड़ियां 1 जुलाई से महंगी हो चुकी हैं। महिंद्रा अल्टुरस G4 में सबसे कम 3,356 की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, इसकी कीमत ही करीब 29 लाख से शुरू है। दूसरी तरफ, बोलेरो 22,508 रुपए तक, KUV100 2,672 रुपए तक, मराजो 30,867 रुपए तक, स्कॉर्पियो 37,395 रुपए तक, XUV300 24,029 रुपए तक, XUV500 3,068 रुपए तक महंगी हुई हैं।

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