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मारुति के पूर्व MD जगदीश खट्टर का निधन:कंपनी के साथ 14 साल रहे, सालाना आय 9 हजार से 22 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाई; बैंक धोखाधड़ी का आरोप भी लगा

नई दिल्ली6 महीने पहले
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देश की सबसे बड़ी कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मारुति सुजुकी के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर जगदीश खट्टर का सोमवार को कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। वे 78 साल के थे। जगदीश खट्टर 1993 से 2007 तक मारुति के साथ जुड़े रहे। खट्टर को 1993 में पहली बार कंपनी के मार्केटिंग डायरेक्टर के रूप में शामिल किया था। 1999 में इन्होंने MD का पद संभाला। वे IAS अधिकारी भी रह चुके थे।

मारुति सुजुकी के साथ लगभग 14 साल जुड़े रहने के बाद उन्होंने खुद की कंपनी कार्नेशन ऑटो इंडिया बनाई थी। ये सभी ब्रांड की इकलौती सेल्स एंड सर्विस कंपनी थी। वे 2003 से 2005 तक सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के प्रेसिडेंट भी रहे।

खट्टर की लीडरशिप में मारुति का मुनाफा 5 गुना बढ़ा
मारुति से जुड़ने से पहले खट्टर IAS अधिकारी थे। उन्होंने इस्पात मंत्रालय और यूपी सरकार के कई अहम पदों पर भी काम किया था। वे मारुति से जुड़े तब कंपनी की सालाना आय 9 हजार करोड़ थी। खट्टर इसे 22 हजार करोड़ तक ले गए। इसका मुनाफा 5 गुना बढ़कर करीब 1730 करोड़ रुपए पहुंचा दिया।

उन दिनों मारुति को हुंडई, जनरल मोटर्स, फोर्ड, फिएट और होंडा जैसी दिग्गज विदेशी कंपनियों से चुनौती मिली, लेकिन मारुति पर बहुत फर्क नहीं पड़ा। वह कार बेचने वाली नंबर एक कंपनी बनी रही।

110 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी का आरोप लगा
CBI ने 7 अक्टूबर, 2019 को पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत के आधार पर खट्टर और उनकी कंपनी के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। कार्नेशन ऑटो इंडिया पर 110 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी का आरोप लगा था।

इन आरोपों के जवाब में खट्टर ने कहा था कि कार्नेशन एक व्यवसायिक विफलता है। कोई गलत काम नहीं है। एक बड़े फॉरेंसिक ऑडिटर ने इसका डिटेल ऑडिट किया था। इसमें कुछ भी हासिल नहीं हुआ। इसके बाद बैंक ने जांच को CBI को सौंप दिया था। CBI ने इसकी जांच की लेकिन उनके खिलाफ सबूत नहीं मिले।