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फीचर आर्टिकल:एयरटेल 5G पर क्लाउड गेमिंग के अनुभव से चकित हैं भारत के शीर्ष गेमर्स माम्बा और मोर्टल

नई दिल्लीएक महीने पहले
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वायरलेस मोबाइल टेक्नोलॉजी की पांचवीं पीढ़ी यानी 5G जल्द ही आपके हाथों में होगी। भारत में इन दिनों मोबाइल नेटवर्क पर 5G सेवा की टेस्टिंग चल रही है। एयरटेल इस मामले में अन्य सभी सर्विस प्रोवाइडर्स से आगे है। कुछ महीने पहले यह कंपनी कॉमर्शियल नेटवर्क पर 5G सेवा को सफलतापूर्वक शूरू करने वाली पहली टेलीकॉम कंपनी बन चुकी है।

देश का पहला क्लाउड गेमिंग डेमो

भारत में आगामी दिनों में 5G टेक्नोलॉजी हमारी ज़िन्दगी के कई पहलुओं को बेहतर बनाने में सक्षम रहेगी, साथ ही गेमिंग की दुनिया को भी पूरी तरह बदल देगी। देश में सबसे पहले 5G टेस्टिंग शुरू करने वाले एयरटेल ने लाइव 5G टेस्ट नेटवर्क पर देश का पहला क्लाउड गेमिंग डेमो मानेसर में किया। एयरटेल ने भारत के शीर्ष गेमर्स सलमान अहमद (माम्बा) और नमन माथुर (मोर्टल) को अपने साथ जोड़ा और खास तरह की पहली और अनोखी 5G क्लाउड गेमिंग इवेंट को अंजाम दिया।

इस इवेंट में खास तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया। माम्बा और मोर्टल के स्मार्टफोन को 3500 MHz के हाई केपिसिटी स्पैक्ट्रम बैंड से जोड़ा गया। इस तेज नेटवर्क से उन्हें 1 Gbps से ऊपर स्पीड मिली, जिसकी लेटेंसी महज 10 मिलीसेकंड थी। यह तेज रफ्तार गेमिंग की दुनिया के परिदृश्य को पूरी तरह बदलने में सक्षम है।

गेमिंग की दुनिया में क्रांति

इस लाइव डेमो में मिली रफ्तार से दोनों गेमर्स भी चकित थे। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि यह किसी स्मार्टफोन पर हाई एंड पीसी या कॉन्सोल की क्वालिटी का अनुभव है। उन्हें लगा ही नहीं कि वे किसी स्मार्टफोन पर गेम खेल रहे हैं। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि 5G तकनीक भारत में गेमिंग की दुनिया में क्रांति लाएगी। इससे देश में गेमिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा तथा छोटे शहरों से बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली गेमर्स मुख्यधारा में नजर आएंगे। उन्होंने उन्हें 5G का शानदार अवसर देने के लिाए एयरटेल का आभार भी जताया।

उन्होंने यह भी कहा कहा कि बिना किसी लैग, लेटेंसी और पिंग के, 5G हर गेमर का सपना बन जाएगा और वे इसके भारत में व्यावसायिक रूप से लॉन्च होने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।​​​​​​

क्या है क्लाउड गेमिंग?

क्लाउड गेमिंग एक तरह की ऑनलाइन गेमिंग है, जिसमें वीडियो गेम रिमोट सर्वर पर चलते हैं और वे सीधे ही उपयोगकर्ता के डिवाइस पर स्ट्रीम किए जाते हैं। यानी ये गेम सीधे ही क्लाउड पर खेले जाते हैं। यह गेमिंग के परंपरागत तरीके से अलग है, जिसमें गेम उपयोगकर्ता के कंप्यूटर या स्मार्टफोन पर स्थानीय रूप से चलते हैं। स्लो नेटवर्क पर क्लाउड गेमिंग इसलिए सफल नहीं है, क्योंकि कई बार इसमें कुछ मिलीसेकंड का अंतर आ जाता है या यह बफर करने लगता है। तेज रफ्तार की वजह से 5G तकनीक में यह समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाती है। इस तकनीक के लॉन्च होने के बाद भविष्य के गेम बदल जाएंगे, इसमें किसी तरह के गेमिंग हार्डवेयर की जरूरत नहीं होगी तथा गेम्स को डाउनलोड किए बिना रियल टाइम खेला जा सकेगा।​​​​​​​

भारत में क्लाउड गेमिंग का भविष्य

5G तकनीक के आने के बाद गेमिंग इंडस्ट्री का परिदृश्य पूरी तरह बदल जाने की उम्मीद है। अभी तक गेमिंग का पूरा मजा लेने के लिए हाइ—एंड पीसी या किसी अच्छे गेमिंग कॉन्सोल की जरूरत होती है, लेकिन 5G तकनीक की रफ्तार अब इस जरूरत को खत्म करने वाली है। 5G पर चलने वाले किसी भी स्मार्टफोन पर गेम का पूरा मजा आसानी से लिया जा सकेगा।

बल्कि, एयरटेल 5G टेस्ट नेटवर्क का अनुभव करने के बाद, इस विषय पर बात करते हुए, मॉर्टल और माम्बा ने यह भी बताया कि यह पहल भारत में गेमिंग के विकास को बढ़ावा दे सकती है, और छोटे शहरों के खिलाड़ियों के लिए गेमिंग में नए अवसर खोल सकती है। उन्होंने यह भी नोट किया कि जहां कई देशों में गेमिंग को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में मान्यता मिली है, वहीं भारत में यह अभी नहीं हुआ है। लेकिन एयरटेल 5G जैसे सही इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ, देश में भी गेमिंग एक करियर ऑप्शन के रूप में उभर के आ सकता है।

क्लाउड गेमिंग निश्चित रूप से गेमिंग में सबको एक स्तर पर ले आता है - यह अपनी जेब में हजारों गेम ले कर घूमने और बिना डाउनलोड किए स्ट्रीमिंग करने जैसा है। गेमर्स अभी शुरुवात कर रहे हैं उन्हें कंसोल गेम्स खेलने का और महंगे हार्डवेयर में पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। यह गेमप्ले को बेहतर बनाने में भी मदद करेगा। एक बजट 5G फोन पर भी आप हाई एंड गेमिंग को एक्सपीरियंस कर पाएंगे। उल्लेखनीय है कि एयरटेल ने इस साल की शुरुआत में अपने मौजूदा स्पैक्ट्रम पर 5G नेटवर्क का सफलतापूर्वक टेस्ट किया था। कंपनी ने कॉमर्शियल नेटवर्क पर 5G सेवा का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। कंपनी ने हैदराबाद में किए गए लाइव डेमो का वीडियो साझा करते हुए बताया था कि उसने नॉन-स्टैंडअलोन नेटवर्क टेक्नोलॉजी के जरिए मौजूदा स्पेक्ट्रम पर 5G और 4G को एक-साथ ऑपरेट किया।

इससे पहले, टेलीकॉम ब्रांड ने कई भारतीय शहरों में 5G परीक्षण करने के लिए अन्य शीर्ष खिलाड़ियों - नोकिआ और एरिकसन के साथ भागीदारी की थी। एयरटेल O-RAN एलायंस पहल के अंतर्गत 5G सोलूशन्स भी बना रहा है और इसके लिए इंटेल, टाटा ग्रुप, क्वालकॉम, एलटीओस्टार और मावेनीर के साथ साझेदारी की है।

अस्वीकरण: 5G टेस्ट नेटवर्क डीओटी द्वारा स्वीकृत स्थानों पर निर्धारित ट्रायल स्पेक्ट्रम पर आधारित है।

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