पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX59005.270.88 %
  • NIFTY175620.95 %
  • GOLD(MCX 10 GM)463320.4 %
  • SILVER(MCX 1 KG)602350.53 %
  • Business News
  • Tech auto
  • The Government Approved Its FDI Investment Of Rs 15000 Crore, Now The Company's Troubles Will Be Overcome

वोडाफोन आइडिया को मिली राहत:सरकार ने कंपनी में 15,000 करोड़ रुपए के FDI निवेश को दी मंजूरी, AGR पेमेंट में होगी आसानी

नई दिल्ली2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

सरकार ने फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) से 15,000 करोड़ रुपए तक के निवेश के लिए वोडाफोन आइडिया (V!) के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सूत्रों से पता चला है कि, सरकार ने इसे मंजूरी देने के साथ फंड जुटाने वाली डील से रोक हटा दी है।

एक सोर्स से अधिकतम 15,000 करोड़ रुपए का स्टॉक ही खरीद सकते हैं
मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा कि जब फंड जुटाने की घोषणा की गई थी, तो बोर्ड ने कहा था कि एक सोर्स से अधिकतम 15,000 करोड़ रुपए का स्टॉक ही खरीद सकते हैं। इसलिए इसके लिए मंजूरी लेनी पड़ी। आपको बता दें कि वोडाफोन आइडिया लिमिटेड आदित्य बिड़ला समूह और ब्रिटेन की वोडाफोन PLC का जॉइंट वेंचर है।

कंपनी पर 60 हजार करोड़ रुपए का कर्ज
कंपनी को पिछले फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही में 6985.1 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था जो दिसंबर तिमाही में 4540.8 करोड़ रुपए था। मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू पिछली तिमाही के मुकाबले 11.8% घटकर 9.610 करोड़ रुपए रहा।

कंपनी का कुल कर्ज बढ़कर 1.8 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया जो पिछली तिमाही में 1.17 लाख करोड़ रुपए था। कर्ज में भारी बढ़ोतरी की वजह को कंपनी ने 60 हजार करोड़ रुपए के AGR बकाये को कर्ज के रूप में दिखाया है।

कोर्ट ने किश्तों का भुगतान करने के लिए कहा था
एक महीने पहले ये कहा गया था कि, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड 7000 करोड़ रुपए तक जुटाने के लिए शेयरों का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट लाने की योजना बना रही थी जिससे वित्तीय जरूरतें पूरी की जा सके।

पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को आदेश दिया था कि वो अपने कुल AGR बकाये का 10% हिस्सा 21 मार्च 2021 तक और शेष राशि सालाना किस्तों में 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2031 तक चुकाएं। इन किस्तों का भुगतान आने वाले प्रत्येक फाइनेंशियल ईयर के 31 मार्च तक करना होगा। इसके बाद कंपनी वित्तीय संकट में फंस गई।

AGR लाइसेंसिंग और यूजेज फीस होती है
AGR की अगर बात करें तो ये एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू , टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) की ओर से टेलीकॉम कंपनियों से लिया जाने वाला लाइसेंसिंग और यूजेज फीस है। इसके अलावा इसमें स्पेक्ट्रम यूजेज चार्ज (3 से 5% के बीच) और लाइसेंसिंग फीस भी शामिल है, जबकि टोटल प्रॉफिट का 8% हिस्सा होता है, ये भी AGR का हिस्सा माना जाता है।