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क्रिप्टोकरेंसी खरीदने वाले ध्यान दें:हैकर्स ने 905 करोड़ रुपए के बैजर क्रिप्टो उड़ाए, पुरानी वेब टेक्नोलॉजी का उठाया फायदा

नई दिल्ली5 महीने पहले
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बीते कई महीनों से लगातार सुर्खियों में रहने वाली क्रिप्टोकरेंसी भी सुरक्षित नहीं है। हैकर्स ने ब्लॉकचेन बेस्ड डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) प्लेटफॉर्म बेजरडीएओ (BadgerDAO) से 120 मिलियन डॉलर (करीब 905 करोड़ रुपए) कीमत के क्रिप्टो टोकन चुरा लिए हैं। प्लेटफॉर्म द्वारा साइबर अटैक को रोकने से पहले कई क्रिप्टो वॉलेट्स को खत्म कर दिया गया था। बैजर ने बताया कि उसे यूजर फंड से अनऑथोराइज्ड विड्रॉल की रिपोर्ट मिली है।

बैजर ने बताया जैसा कि हमारे इंजीनियर्स ने इसकी जांच शुरू कर दी है। भविष्य में इस तरह के विड्रॉल को रोकने के लिए सभी स्मार्ट कॉन्टैक्ट को रोका गया है। साथ ही अमेरिका और कनाडा के अधिकारियों को सूचित किया गया है। इस मामले में तेजी से जांच चल रही है। हम जल्द ही इससे जुड़ी दूसरी जानकारी शेयर करेंगे।

मैलेशियस स्क्रिप्ट डालकर चुराई क्रिप्टोकरेंसी
द वर्ज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ब्लॉकचेन सिक्योरिटी और डेटा एनालिस्ट पेकशील्ड के अनुसार हैकर्स द्वारा साइबर अटैक में चुराए गए सभी टोकन की कीमत 120 मिलियन डॉलर (करीब 905 करोड़ रुपए) है। रिपोर्ट के मुताबिक, किसी ने उनकी वेबसाइट के यूजर इंटरफेस (UI) पर मैलेशियस स्क्रिप्ट डाली थी।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी अब भी सुरक्षित
इस साइबर अटैक ने ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के अंदर की खामियों को उजागर नहीं किया है। इसी टेक्नोलॉजी से क्रिप्टोकरेंसी को सुरक्षित रखा जाता है। हालांकि, हैकर्स पुरानी वेब 2.0 टेक्नोलॉजी का फायदा उठाने में कामयाब रहे। ज्यादातर यूजर्स क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी को रिस्की क्यों माना जाता है?
जब आप रुपए, डॉलर, येन या पाउंड की बात करते हैं तो उस पर उसे जारी करने वाले देश के केंद्रीय बैंक का नियंत्रण होता है। यह करेंसी कितनी और कब छपेगी, वह यह देश की आर्थिक परिस्थिति को देखकर तय करते हैं। पर क्रिप्टोकरेंसी पर किसी का कंट्रोल नहीं है, यह पूरी तरह से डीसेंट्रलाइज्ड व्यवस्था है। कोई भी सरकार या कंपनी इस पर नियंत्रण नहीं कर सकती। इसी वजह से ये रिस्की भी है।

क्या यह निवेश के लिए सुरक्षित और पारदर्शी प्लेटफॉर्म है?

  • ब्लॉकचेन सबसे सुरक्षित और सबसे पारदर्शी फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी है। लोकप्रिय क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन 2008 की आर्थिक मंदी के बाद तेजी से आगे बढ़ी। तब से अब तक एक सिक्के की कीमत में 90 लाख प्रतिशत की उछाल है।
  • पर इसके साथ दिक्कत यह है कि यह बेहद अस्थिर है। अचानक ऊपर जाती है और धड़ाम से गिर भी जाती है। इस वजह से रिस्क बहुत है। 12 साल में इसने बहुत उतार-चढ़ाव देखा है। करीब 400 बार तो इसके खत्म होने की घोषणा तक हो गई होगी। इस समय भी ऐसा ही माहौल है। दुनियाभर में ज्यादातर सरकारें क्रिप्टो करेंसी को स्वीकार करने में हिचक रही हैं। इससे पहले दिसंबर 2020 में भी सभी क्रिप्टो करेंसी रसातल में पहुंच गई थीं। अब एनालिस्ट कह रहे हैं कि बिटकॉइन फिर उठेगी।

कैसे तैयार होती है क्रिप्टोकरेंसी?
क्रिप्टोकरेंसी को माइनिंग के जरिए तैयार किया जाता है। यह वर्चुअल माइनिंग होती है जिसमें क्रिप्टोकरेंसी पाने के लिए एक बेहद जटिल डिजिटल पहेली को हल करना पड़ता है। इस पहेली को हल करने के लिए अपने खुद के एल्गोरिद्म (प्रोग्रामिंग कोड) और साथ ही बहुत ज्यादा कंप्यूटिंग पावर की जरूरत पड़ती है। इसलिए सैद्धांतिक तौर पर कह सकते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी को कोई भी बना सकता है, लेकिन व्यावहारिक रूप से देखें तो इसे बनाना बहुत ही मुश्किल काम है।

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