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एपल अप्रैल-जून नतीजे:एपल की कमाई 33% बढ़कर 6 लाख करोड़ पर पहुंची, सर्विसेज से रिकॉर्ड रेवेन्यू; टिम कुक ने कहा- चिप सप्लाई की चिंता बरकरार

नई दिल्ली3 महीने पहले
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एपल ने फाइनेंशियल ईयर 2021 की अप्रैल-जून 2021 (तीसरी तिमाही) के परिणाम जारी कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू 81.4 बिलियन डॉलर (करीब 6 लाख करोड़ रुपए) रहा, यानी कंपनी को सालाना आधार पर 36% की ग्रोथ मिली। इससे पहले 2020 की तीसरी तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू 4.5 लाख करोड़ रुपए रहा था। वहीं, इस तिमाही प्रति शेयर कमाई 1.30 डॉलर (करीब 97 रुपए) रहा।

आईफोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 49.78% की ग्रोथ के साथ 39.57 बिलियन डॉलर (करीब 2.9 लाख करोड़ रुपए) रहा। वहीं, सर्विसेज रेवेन्यू 17.48 बिलियन डॉलर (करीब 1.3 लाख करोड़ रुपए) रहा। इसमें 33% की सालाना ग्रोथ रही। सर्विसेज रेवेन्यू ऑल टाइम हाई है। एपल के CEO टिम कुक ने कहा कि चिप की सप्लाई में सितंबर तिमाही में आईफोन और आईपैड की बिक्री पर असर हो सकता है।

हाईलाइट्स: एपल की कमाई

  • ओवरऑल रेवेन्यू करीब 6 लाख करोड़ रुपए, सालाना ग्रोथ 36%
  • आईफोन रेवेन्यू करीब 2.9 लाख करोड़ रुपए, सालाना ग्रोथ 49.78%
  • सर्विसेज रेवेन्यू करीब 1.3 लाख करोड़ रुपए, सालना ग्रोथ 33%
  • अन्य प्रोडक्ट रेवेन्यू करीब 65 हजार करोड़ रुपए, सालाना ग्रोथ 40%
  • मैक रेवेन्यू करीब 61 हजार करोड़ रुपए, सालाना ग्रोथ 16%
  • आईपैड रेवेन्यू करीब 54 हजार करोड़ रुपए, सालाना ग्रोथ 12%

पिछले तीन सालों की तीसरी तिमाही की बात की जाए तो, एपल के रेवेन्यू में बढ़त देखने को मिली है। कंपनी को प्रति शेयर कमाई से लेकर रेवेन्यू और सर्विसेज रेवेन्यू में जमकर मुनाफा हुआ है।

एपल को चिप सप्लाई की चिंता सता रही

एपल के सीईओ टिम कुक ने विश्लेषकों से कहा कि कंपनी कंप्यूटर चिप से संबंधित सप्लाई में आने वाली बाधाओं को देख रही है। इससे सितंबर तिमाही में आईफोन और आईपैड की बिक्री पर असर होगा। कंपनी के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे और भी बेहतर होते अगर उसे चिप की सप्लाई जूझना नहीं पड़ता। इससे मैक और आईपैड की बिक्री प्रभावित हुई है।

हर साल बढ़ रहा कंपनी का रेवेन्यू
बीते 5 सालों की बात की जाए तो कंपनी का रेवेन्यू हर साल बढ़ रहा है। कोरोना महामारी,जिसने कई कारोबार को खत्म कर दिया, वो भी एपल का कुछ नहीं बिगाड़ पाई। महामारी के दौर में कंपनी के प्रोडक्ट्स की डिमांड ज्यादा बढ़ गई। 2019 में कंपनी का रेवेन्यू 19 लाख करोड़ रुपए था, जो 2020 में बढ़कर 20 लाख करोड़ रुपए हो गया।

आईफोन 12 सीरीज की 10 करोड़ यूनिट बेचीं
काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, एपल ने आईफोन 12 सीरीज की लॉन्चिंग के 7 महीने के अंदर 10 करोड़ यूनिट बेचीं। खास बात है कि कंपनी ने आईफोन 11 की इतनी यूनिट 9 महीने में बेची थीं। दिसंबर 2020 से अप्रैल 2021 के बीच आईफोन 12 प्रो मैक्स की कुल ग्लोबल सेल में से 40 फीसदी बिक्री अमेरिका में हुई थी।

एपल का रेवेन्यू दुनियाभर में बढ़ा
एपल भले ही अमेरिकन कंपनी हो, लेकिन उसके प्रोडक्ट और सर्विसेज की डिमांड दुनियाभर में है। पिछले 5 सालों में कंपनी का रेवेन्यू अमेरिका, यूरोप, चीन, जापान और एशिया सभी जगह बढ़ा है। हालांकि, चीन और अमेरिका विवाद के चलते चीन में कंपनी का रेवेन्यू थोड़ा कम रहा।

कोरोना से बढ़ी एपल की डिमांड
महामारी की वजह से पिछले दो सालों में एपल के सभी प्रोडक्ट की डिमांड में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। 2019 में आईफोन की 18.72 करोड़ यूनिट बिकी थीं, जो 2020 में बढ़कर 19.69 करोड़ तक पहुंच गईं। इसी तरह एपल की बिक्री पिछले दो सालों में 4.52 करोड़ यूनिट से बढ़कर 7.11 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई। आईपैड, एपल वॉच, एयरपॉड, होमपॉड, एपल टीवी की बिक्री में भी ग्रोथ हुई है।

एपल प्रोडक्ट्स के पिछले दो सालों की तीसरी तिमाही के रेवेन्यू की बात करें तो कंपनी को यहां भी फायदा हुआ है। आईफोन की बिक्री से ज्यादा डिमांड आईपैड, मैक मशीन, सर्विसेज और खासकर वियरेबल्स की रही।

पिछले 2 सालों के Q3 में सर्विसेज से रेवेन्यू में इजाफा
2019 की तीसरी तिमाही में एपल का सर्विसेज से रेवेन्यू 11.4 बिलियन डॉलर (करीब 85 हजार करोड़ रुपए) रहा। वहीं, 2020 की तीसरी तिमाही में सर्विसेज से रेवेन्यू बढ़कर 13.1 बिलियन डॉलर (98 हजार करोड़ रुपए) हो गया। यानी कंपनी को 13 हजार करोड़ रुपए का ज्यादा मुनाफा हुआ।

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