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विराट के बाद कौन?:क्या रोहित बनेंगे तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया के कप्तान या राहुल को टेस्ट की कमान सौंपेगा BCCI

नई दिल्ली4 महीने पहले
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विराट कोहली ने शनिवार को टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़कर सभी को हैरान कर दिया। कोहली किसी भी फॉर्मेट में भारत के कप्तान नहीं होंगे। अब सवाल ये है कि टेस्ट फॉर्मेट में टीम इंडिया का अगला कप्तान कौन होगा? विराट ने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट की कमान टी-20 वर्ल्ड कप के बाद ही छोड़ दी थी, जबकि साउथ अफ्रीका दौरे से पहले उन्हें वनडे की कप्तानी के पद से हटा दिया गया था।

इसके बाद रोहित शर्मा को लिमिटेड ओवर्स के लिए देश का नया कप्तान नियुक्त किया गया। अब बहुत हद तक संभव है कि टेस्ट के नए कप्तान भी हिटमैन ही होंगे। अफ्रीका दौरे के लिए चुनी गई टेस्ट टीम में भी रोहित को उपकप्तान बनाया गया था, लेकिन चोट के चलते वह पूरे दौरे से बाहर हो गए थे। रोहित शर्मा के अलावा ओपनर केएल राहुल और विकेटकीपर ऋषभ पंत भी कप्तानी के लिए दावेदारों में से एक हैं।

रोहित को तरजीह देने की 2 मजबूत वजहें

पहली: रोहित शर्मा वनडे और टी-20 टीम के कप्तान हैं। टेस्ट के लिए भी BCCI उनपर ही दांव लगा सकता है। वह अगर लिमिटेड ओवर के अलावा टेस्ट के भी कप्तान होंगे तो उनके लिए पूरी टीम को साथ लेकर चलना आसान रहेगा।

दूसरी: मुंबई इंडियंस ने 2013 में टूर्नामेंट के बीच में रिकी पोंटिंग से कप्तानी लेकर रोहित को कमान सौंपकर एक बड़ा दांव खेला था। मुंबई का यह दांव टीम के काम आया और फ्रेंचाइजी पहली बार ट्रॉफी जीतने में सफल रही। इसके बाद रोहित ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। रोहित 5 IPL ट्रॉफी जीत चुके हैं। उन्होंने मुंबई को 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 के IPL खिताब जिताए।

इस समय टीम इंडिया भी बिखरी हुई है और हिटमैन की लीडरशिप और उनका अनुभव टीम के काम आ सकता है।

हिटमैन का दावा 3 वजहों से कमजोर
पहला: रोहित शर्मा इस समय 34 साल के हैं। ऐसे में वो इंटरनेशनल क्रिकेट ज्यादा से ज्यादा 2 साल से 3 साल खेल सकते हैं।

दूसरा: उनके पास पहले से ही वनडे और टी-20 की कप्तानी है। रोहित पर BCCI ज्यादा प्रेशर नहीं देना चाहेगा। वहीं, रोहित की फिटनेस भी पिछले कुछ दिनों से काफी खराब रही है।

तीसरा: वो साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में चोट के कारण बाहर हो गए थे। वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ भी वो चोटिल थे। लंबे फॉर्मेट में रोहित टीम से अंदर-बाहर होते रहते हैं। ऐसे में रोहित की दावेदारी यहां बहुत कमजोर साबित हो सकती है। मीडिया रिपोर्टस की माने तो BCCI रोहित को टेस्ट की कप्तानी नहीं देना चाहता है।

राहुल का दावा कमजोर
रोहित की गैरमौजूदगी में केएल राहुल को SA टेस्ट सीरीज के लिए उपकप्तान बनाया गया था और जोहान्सबर्ग में विराट के अनफिट होने के बाद वह कप्तानी भी करते नजर आए। राहुल के नेतृत्व में भारत को 7 विकेट से हार का मुंह देखना पड़ा। इस मैच में बतौर कप्तान केएल राहुल उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। कई अहम मौकों पर उन्होंने बड़ी गलतियां की।

पहली गलती: चौथे दिन जब अफ्रीकी टीम बारिश के कारण हुए एक लंबे ब्रेक के बाद मैदान पर उतरी थी, तब टीम के तेज गेंदबाजों से बड़ी उम्मीद जताई जा रही थी। SA का स्कोर 118/2 था और राहुल ने दूसरा ही ओवर आर अश्विन को थमा दिया। हालांकि, अश्विन ने दो ही ओवर डाले, लेकिन 8 रन दे दिए। बारिश के तुरंत बाद पिच तेज गेंदबाजों को मदद कर रही थी। बुमराह की गेंदबाजी से ये साफ झलक रहा था।

अगर दूसरी ओर से भी तेज गेंदबाजी होती तो ये बल्लेबाजों पर और प्रेशर डालती। अश्विन के दो ओवर के चलते अफ्रीकी बल्लेबाजों को थोड़ा सेट होने का मौका मिल गया।

दूसरी गलती: पहली पारी में 7 विकेट लेकर कई रिकॉर्ड बनाने वाले शार्दूल ठाकुर को चौथे दिन 10 ओवर बीत जाने के बाद राहुल ने गेंदबाजी सौंपी। ठाकुर बढ़िया लय में थे और दूसरी पारी में भी एक विकेट ले चुके थे। केएल ने उनका सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया।

पंत के बारे में भी सोचा जा सकता है
क्रिकेट के कई जानकार ऋषभ पंत को भविष्य का कप्तान मान रहे हैं। पंत ने पिछले साल IPL 2021 में अपनी दमदार कप्तानी से सभी को खासा प्रभावित किया था। उन्होंने 16 मैचों में कप्तानी करते हुए 10 मुकाबले जीते थे, जबकि 6 में टीम को हार का सामना करना पड़ा था। पंत तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया के अहम सदस्य है और उम्र भी कप्तानी के मामले में उनका साथ देती है। ऋषभ अभी केवल 24 साल के हैं। भविष्य के लिए अभी से ऋषभ पंत को कप्तान के तौर पर तैयार किया जा सकता है।

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