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कार्रवाई /फाइनेंशियल रिजल्ट को समय पर फाइल नहीं करने पर सेबी ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया पर 7 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई

एनएचएआई सरकारी कंपनी है जिसने सेबी के नियमों का उल्लंघन किया है एनएचएआई सरकारी कंपनी है जिसने सेबी के नियमों का उल्लंघन किया है

  • लिस्टेड कंपनियों को तिमाही के अंत में 45 दिन के भीतर रिजल्ट पेश करना होता है
  • 7 लाख रुपए की पेनाल्टी की रकम नोटिस जारी होने के 45 दिनों के अंदर देनी होगी

Moneybhaskar.com

May 27,2020 08:12:00 PM IST

मुंबई. पूंजी बाजार नियामक सेबी ने बुधवार को सरकारी कंपनी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पर 7 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई है। यह पेनाल्टी सेबी द्वारा तय समय सीमा के अंदर फाइनेंशियल रिजल्ट को फाइल नहीं करने पर लगाई गई है। इस पेनाल्टी को 45 दिन के अंदर जमा करना होगा।

पांच बार एनएचएआई ने रिजल्ट देरी से पेश किया

सेबी ने बुधवार को 14 पेज के अपने ऑर्डर में यह पेनाल्टी की जानकारी दी है। सेबी ने अपने ऑर्डर में कहा कि कई बार ऐसा पाया गया है कि एनएचएआई ने तय समय के अंदर फाइनेंशियल रिजल्ट को पेश नहीं किया है। उदाहरण के तौर पर 2015-16के दौरान और 2018 -19 के दौरान ऐसा 5 बार हुआ है, जब एनएचएआई ने तय समय के अंदर रिजल्ट फाइल नहीं किया है। सेबी ने कहा कि इन दोनों समय में 4 से लेकर 78 दिन तक की देरी पर कंपनी ने रिजल्ट फाइल किया है।

2018 और 2019 में एनएचएआई ने देरी से रिजल्ट पेश किया

सेबी के आदेश के अनुसार 30 सितंबर 2018 की छमाही में 19 दिन की देरी कंपनी ने की। जबकि 2019 की मार्च तिमाही में कंपनी ने 78 दिन की देरी से फाइनेंशियल रिजल्ट पेश किया। ऐसा पांच बार कंपनी ने किया है। यह सेबी के नियमों के खिलाफ है। सेबी ने कहा कि तय समय पर अगर रिजल्ट नहीं फाइल किया जाता है तो इससे निवेशक और रेगुलेटर दोनों को मुश्किल होती है।

निवेशक और रेगुलेटर दोनों को दिक्कत होती है

सेबी ने कहा कि अगर समय पर रिजल्ट फाइल होता तो निवेशक उस शेयर में निवेश करने या नहीं करने का फैसला ले सकता था क्योंकि उसे कंपनी से जुड़ी सूचनाएं मिल जाती थीं। जबकि रेगुलेटर के लिए यह फायदा होता है कि वह कंपनी के लेन-देन पर निगरानी रख सकता था। लेकिन एनएचएआई ने कई बार ऐसा किया और इस तरह से उसे सेबी के 15 बी एक्ट के तहत पेनाल्टी की सजा सुनाई जा रही है। पेनाल्टी की राशि कंपनी एनईएफटी, डिमांड ड्राफ्ट के जरिए दे सकती है।

उच्चतम अदालत का हवाला दिया सेबी ने

सेबी ने अपने ऑर्डर में सैट और उच्चतम अदालत के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा है कि सरकारी कंपनी एनएचएआई को किसी भी तरह से छूट नहीं दी सकती है। एनएचएआई के बोर्ड मेंबर को तय समय सीमा के अंदर फाइनेंशियल रिजल्ट पेश करना चाहिए था। सेबी ने कहा कि नियमों के मुताबिक सभी लिस्टेड कंपनियों को तिमाही के अंत में 45 दिन के अंदर रिजल्ट फाइल करना होता है। यह नियम किसी के लिए छूट नहीं प्रदान करता है।

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एनएचएआई सरकारी कंपनी है जिसने सेबी के नियमों का उल्लंघन किया हैएनएचएआई सरकारी कंपनी है जिसने सेबी के नियमों का उल्लंघन किया है

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