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एन. रघुरामन का कॉलम:दरवाजे पर डिलिवरी के आदि हो चुके ग्राहकों को ऐसे मशहूर प्रोडक्ट ही खींच सकते हैं, जिनके पास शानदार तस्वीरें खींचने वाला माहौल हो

2 महीने पहले
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एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु - Money Bhaskar
एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

यह पूरी तरह ट्रेन ही है। इसमें इमरजेंसी चेन, पंखे, आइने, कोच नंबर और मंज़िल की जानकारी, सामान रखने के लिए ऊपर बनी स्टील की शेल्फ, सबकुछ है। लेकिन खिड़की से बाहर देखने पर आपको चलते हुए नज़ारे दिखने लगते हैं। आप सोचेंगे कि जिस ट्रेन में आप अभी बैठे हैं वो 30 सेकेंड में ही इतनी तेज़ी से चलते हुए गांव और पहाड़ों का नज़ारा कैसे दिखाने लगी।

ऐसा इसलिए क्योंकि खिड़कियों में टीवी लगे हुए हैं और दृश्य 1960 से 2022 की फ़िल्मों के हैं। तमिलनाडु के मदुरै में, “सिने सुवई” (फ़िल्म और स्वाद के लिए तमिल शब्द) रेस्त्रां में आपका स्वागत है। यह ट्रेन कोच तमिल सिनेमा के डायलॉग से भरा हुआ है, जिसमें शिवाजी गणेशन से लेकर रजनीकांत, कमल हासन, माधवन, सूर्या तक, कई सितारों के डायलॉग को खाने से जोड़कर फिर लिखा गया है।

नीलामी में मिले इस कोच को दो टुकड़ों में काटकर मदुरै लाया गया था क्योंकि इतना बड़ा ट्रक नहीं था, जो 70 फ़ीट लंबे कोच को ला सके। इसे फिर से जोड़कर सजाया गया, छत और दीवारों को पैक कर, जमीन पर बोर्ड और पैनलिंग लगाकर, 70 लोगों के लिए एयर कंडीशंड डाइनिंग स्पेस बनाया गया।

ट्रेन ही नहीं, कबाड़ से निकालकर काली-पीली फ़िएट पद्मिनी टैक्सी को भी नया रूप दिया गया। कार का नाम ‘लक्ष्मी’ है, जिसे रजनीकांत ने दशकों पहले फ़िल्म ‘पडीकादवन’ (अनपढ़) में इस्तेमाल किया था। इसमें स्टीयरिंग, एक्सेलेटर या ब्रेक नहीं हैं। बॉडी को आधा-आधा किया गया है और छत हटा दी है ताकि लंबे ग्राहक बैठ सकें।

टैक्सी में चार लोग आमने-सामने बैठ सकते हैं। बोनट पर लिखा है- ‘लक्ष्मी स्टार्ट नहीं होगी!’ फिर यहां कैसिनो पोकर टेबल हैं, जिनके ऊपर, सीलिंग से स्पोर्ट्स बाइक लटक रही हैं। एक सेक्शन में डिस्को सीन और ऑटो वाला सेल्फी बूथ है, जहां अजीत, कमल हासन और धनुष जैसे एक्टर्स की फिल्मों के सीन बनाए गए हैं।

रेस्त्रां के सामने वाले हिस्से में पुराने ज़माने के फिल्म पोस्टरों को बोर्ड लगे हैं। इस 300 सीटर रेस्त्रां को सजाने में, इसके सीईओ विचित्र राजसिंह को 15 महीने लगे। आज यह युवाओं में दो कारणों से मशहूर है- अच्छे खाने के अलावा इस जगह पर युवाओं को सेल्फी के कई मौके मिलते हैं। ये युवा, गांव की लाइफस्टाइल का लुत्फ लेने के लिए ‘होम डिलिवरी’ के कंसेप्ट से बाहर आना चाहते हैं। यहां उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए ढेरों तस्वीरें खींचने मिलती हैं।

इसी तरह, क्या आपको याद है आपने 2022 में कभी दो रुपए का आइसक्रीम कोन खाया हो? जी हां, चेन्नई में ‘विनूज़ इगलू’ पर आइसक्रीम इतने में ही मिलती है। कोई भी चेन्नई वासी बता देगा कि दो रुपए वाली आइक्रीम की दुकान कहां है। वी. विनोथ के पिता विजयन ने 1995 में इसकी शुरुआत की थी। तब एक रुपए में कोन मिलता था, जिसे कुछ हफ्तों में ही बढ़ाकर 2 रुपए कर दिया गया।

यह कीमत 2008 तक बनी रही, फिर लेबर की समस्या के कारण दुकान बंद हो गई। फरवरी 2022 में विनोथ ने इसी कीमत में इसे फिर शुरू किया। रेस्त्रां के मिनी मील की तरह, यह मिनी कोन आइसक्रीम बच्चों में बहुत मशहूर है, जिन्हें कम पॉकेटमनी मिलती है। हालांकि विनोथ को इसमें फ़ायदा नहीं होता, लेकिन इससे दुकान में आने वाले लोग दूसरी चीजें खरीदते हैं, जिससे बिजनेस बढ़ता है।

​​​​​फंडा यह है कि दरवाजे पर डिलिवरी के आदि हो चुके ग्राहकों को ऐसे मशहूर प्रोडक्ट या रेस्त्रां ही खींच सकते हैं, जहां कीमत कम हो और जिनके पास शानदार तस्वीरें खींचने वाला माहौल हो।