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30 अरब डॉलर के टैक्स चोरी मामले में फंसा एप्पल

Agency

May 24,2013 09:57:00 AM IST

एप्पल ने अमेरिकी उपभोक्ताओं को आईफोन, आईपॉड और आईपैड बेचे। इससे एप्पल ने अरबों डॉलर कमाए। एप्पल की ओर से टैक्स न भरने के मामला अमेरिकी संसद में उठा है। एप्पल ने अपना टैक्स सही से नहीं भरा है। एप्पल को हर डॉलर कमाई पर 35 फीसदी टैक्स देना होगा।

लेकिन इसने अपना टैक्स सही तरीके से नहीं चुकाया है। 2009-12 तक एप्पल ने दुनिया भर से जितनी भी कमाई हुई उस पर अपना टैक्स सही तरीके से नहीं चुकाया है। यह लगभग 30 अरब डॉलर का मामला है।

अमेरिकी सीनेट में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एप्पल ने टैक्स कोड का सही तरीके से पालन नहीं किया है। दरअसल टैक्स से संबंधित इसकी आयरिश सब्सिडियरी का मामला है। जानकारों का कहना है कि इस मामले में एप्पल अमेरिकी और आयरिश दोनों ही देशों के टैक्स कानून के अंतर्गत आता है।

अमेरिका में केवल एप्पल ही ऐसा एकमात्र मल्टीनेशनल कंपनी नहीं है जिसने टैक्स कानून को इस तरह से अपने पक्ष में तोड़ा मरोड़ा है। अमेरिका की ज्यादातर मल्टीनेशनल कंपनियां ऐसा कर रही हैं। दरअसल कंपनियों का कहना है कि अमेरिका में टैक्स रेट की दर बहुत ऊंची है।

जिसके कारण कंपनियों को ऐसा करने पर मजबूत होना पड़ता है। हालांकि सीनेट की कमेटी का कहना है कि चाहे एप्पल हो या कोई दूसरी कंपनी, टैक्स ना देने की कीमत सभी चुकानी पड़ती है। कमेटी का कहना है कि अगर कंपनियां टैक्स में चोरी करती हैं तो इसकी कीमत आम आदमी को भी चुकानी पड़ती है।

इसका यह भी कहना है कि अगर ये कंपनियां सरकार को टैक्स देती तो इससे यहां नौकरियां पैदा हो सकती थी लेकिन एप्पल के पास ही इस पैसे के रह जाने से अमेरिका में नौकरियों को इसका कोई फायदा नहीं हुआ है। जानकारों का कहना है कि अब समय आ गया है जब टैक्स कानूनों में पूरी तरह से सुधार किया जाए और इसमें मौजूद कमियों को दूर किया जाए।

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