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जानिए, कितने साल बाद और कब निकाल सकते हैं PF का पूरा पैसा

पीएफ की राशि को इमरजेंसी की स्थिति में निकाला जा सकता है। 7 परिस्थितियों में आप पीएफ की राशि को निकाल सकते हैं।

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नई दिल्ली. ये तो सभी जानते हैं कि सैलरी पाने वाले किसी भी कर्मचारी के लिए पीएफ बेहतर सेविंग स्‍कीम होती है, लेकिन अधिकांश लोगों को नहीं मालूम कि पीएफ बैलेंस को कब निकाला जा सकता है। पीएफ निकालने पर टैक्‍स लगता है या नहीं। आज हम आपको बताएंगे कि पीएफ का पैसा कब और कैसे निकाला जा सकता है। साथ ही इसमें यह भी बताया जाएगा कि अपना पीएफ अकाउंट बैलेंस कैसे चेक किया जाए।
 
पीएफ की राशि को इमरजेंसी की स्थिति में निकाला जा सकता है। 7 परिस्थितियों में आप पीएफ की राशि को निकाल सकते हैं। कुछ परिस्थितियों में आप पीएफ का पूरा हिस्सा निकाल सकते हैं और कुछ में पीएफ के कुल पैसे का एक निश्चित हिस्सा ही निकाला जा सकता है। आइए जानते हैं कौन सी हैं ये 7 परिस्थितियां, जिनमें पीएफ की राशि को निकाला जा सकता है-
 
1- मेडिकल ट्रीटमेंट-
 
=> आप अपने, पत्‍नी के, बच्‍चों के या फिर माता-पिता के इलाज के लिए भी पीएफ विद्ड्रॉ कर सकते हैं।
 
=> इस स्थिति में आप कभी भी पीएफ विद्ड्रॉ कर सकते हैं यानी ये आवश्‍यक नहीं है कि आपकी सर्विस कितने समय की हुई है।
 
=> इसके लिए एक महीने या उससे अधिक तक अस्पताल में भर्ती होने का सबूत देना होता है।
 
=> साथ ही इस समय के लिए इंप्लॉयर के द्वारा अप्रूव लीव सर्टिफिकेट भी देना होता है।
 
=> पीएफ के पैसों से मेडिकल ट्रीटमेंट लेने के लिए व्यक्ति को अपने इंप्लॉयर या फिर ईएसआई के द्वारा अप्रूव एक सर्टिफिकेट भी देना होता है। इस सर्टिफिकेट में यह घोषणा की गई होती है कि जिसे मेडिकल ट्रीटमेंट चाहिए, उस तक ईएसआई की सुविधा नहीं पहुंचाई जा सकती या फिर उसे ईएसआई की सुविधा नहीं दी जाती है।
 
=> इसके तहत पीएफ का पैसा निकालने के लिए फॉर्म 31 के तहत आवेदन करने के साथ-साथ बीमारी का सर्टिफिकेट या की अन्य ऐसा डॉक्युमेंट देना होता है, जिससे सत्यता की जांच की जा सके।
 
=> मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए कोई भी व्यक्ति अपनी सैलरी का 6 गुना या फिर पूरा पीएफ का पैसा, जो भी कम हो, निकाल सकता है।
 
 
आगे की स्‍लाइड्स पर क्लिक करें जाने और किन परिस्थितियों में पीएफ निकाला जा सकता है-
 
नोट- तस्वीरों का प्रयोग सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
 

2- एजुकेशन/ शादी-
 
=> अपनी या भाई-बहन की या फिर अपने बच्‍चों की शादी के लिए पीएफ की राशि को निकाला जा सकता है।
 
=> आप अपनी पढ़ाई या फिर बच्‍चों की पढ़ाई के लिए भी पीएफ की राशि को निकाल सकते हैं।
 
=> इसके लिए कम से कम 7 साल की नौकरी हो जानी चाहिए।
 
=> संबंधित कारण का सबूत आपको देना होगा।
 
=> एजुकेशन के मामले में आपको अपने इंप्लायर के द्वारा फॉर्म 31 के तहत आवेदन करना होता है। आप पीएफ निकालने की तारीख तक कुल जमा का 50 प्रतिशत पीएफ ही निकाल सकते हैं।
 
=> एजुकेशन के लिए पीएफ का इस्तेमाल कोई भी व्यक्ति अपने पूरे सेवाकाल में सिर्फ तीन बार कर सकता है।
3- प्‍लॉट खरीदने के लिए
 
=> प्लॉट खरीदने के लिए पीएफ का पैसा इस्तेमाल करने के लिए आपकी नौकरी का समय 5 साल पूरा हो चुका होना चाहिए।
 
=> प्‍लॉट आपके, आपकी पत्‍नी के या दोनों के नाम पर रजिस्‍टर्ड होना चाहिए।
 
=> प्लॉट या प्रॉपर्टी किसी प्रकार के विवाद में फंसी नहीं होनी चाहिए और न ही उस पर कोई कानूनी कार्रवाई चल रही होनी चाहिए।
 
=> प्लॉट खरीदने के लिए कोई भी व्यक्ति अपनी सैलरी का अधिकतम 24 गुना तक पीएफ का पैसा निकाल सकता है।
 
=> इस तरह की स्थिति में आप अपनी नौकरी के कुल समय में सिर्फ एक ही बार पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं। 
4- घर बनाने या फ्लैट
 
इस तरह की स्थिति में आपकी नौकरी के 5 साल पूरा होना आवश्‍यक है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति अपनी सैलरी का अधिकतम 36 गुना तक पीएफ का पैसा निकाल सकता है। इसके लिए अपनी नौकरी के सयम के दौरान सिर्फ एक बार ही पीएफ के पैसों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
 
 
5- रि-पेमेंट ऑफ होम लोन
 
इसके लिए आपकी नौकरी के 10 साल होना चाहिए। इसके तहत कोई भी व्यक्ति अपनी सैलरी का अधिकतम 36 गुना तक पीएफ का पैसा निकाल सकता है। इसके लिए अपनी नौकरी के सयम के दौरान सिर्फ एक बार ही पीएफ के पैसों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
 
 
6- हाउस रिनोवेशन
 
इस स्थिति में आपके की नौकरी के कम से कम 5 साल पूरे होने चाहिए। इसके तहत कोई भी व्यक्ति अपनी सैलरी का अधिकतम 12 गुना तक पीएफ का पैसा निकाल सकता है। इसके लिए अपनी नौकरी के सयम के दौरान सिर्फ एक बार ही पीएफ के पैसों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
7- प्री-रिटायरमेंट
 
इसके लिए आपकी उम्र 54 वर्ष होनी चाहिए। इस स्थिति में आप कुल पीएफ बैलेंस में से 90प्रतिशत तक की रकम निकल सकते हैं, लेकिन यह विद्ड्रॉ सिर्फ एक ही बार किया जा सकता है।
 
आगे की स्‍लाइड्स में जानें पीएफ विद्ड्रॉ टैक्‍सेबल है या नहीं-
 
यदि आप लगातार सर्विस के दौरान 5 साल से पहले पीएफ विद्ड्रॉ करते हैं तो यह टैक्‍सेबल होगा। यहां लगातार सर्विस से मतलब ये नहीं है कि एक ही संस्‍था में 5 साल तक सर्विस होना। आप सर्विस बदल सकते हैं और कोई भी संस्‍था ज्‍वाइन कर सकते हैं। आप अपने पीएफ अकांउट को नए एम्‍पलॉयर को ट्रांसफर  कर सकते हैं।
कैसे पता करें अपना पीएफ बैलेंस
 
पीएफ अकाउंट का बैलेंस जानने के लिए आपको अपने 3 जानकारियों का जरूरत होती है-
 
कंपनी का इस्टेबलिशमेंट कोड। आपका पीएफ अकाउंट नंबर। जहां आपका अकाउंट मेंटेन किया जा रहा है उसका नाम।
 
आइए जानते हैं कैसे जानें अपना पीएफ अकाउंट बैलेंस-
 
ईपीएफइंडिया की वेबसाइट पर जाएं
 
पीएफ बैलेंस जानने के लिए सबसे पहले आप अपनी सैलरी स्लिप से अपना ईपीफओ नंबर निकाल लीजिए और इस वेबसाइट पर क्लिक कीजिए- http://www.epfindia.gov.in
 
बैलेंस की जानकारी वाले लिंक पर क्लिक करें
 
वेबसाइट पर जाकर अपने पीएफ की स्थिति जांचने के लिए तस्वीर में दिखाए गए लिकं पर क्लिक करें
 
 
आगे की स्लाइड में जानें अन्य स्टेप्स-
पीएफ को लेकर कुछ जानकारियां
 
अगले पेज पर कर्मचारी भविष्य निधि शेष को लेकर कुछ जानकारियां दी गई होती हैं। इन जानकारियों के अन्त में नीचे की तरफ एक लिंक दिया होता है, उस पर क्लिक करें, जैसा कि तस्वीर में दिखाया गया है।
अपना पीएफ ऑफिस स्टेट सिलेक्ट करें
 
अगली विंडो में आपको अपना पीएफ ऑफिस स्टेट सिलेक्ट करना होगा, जहां पर आपका पीएफ अकाउंट खुला है। यदि आपको नहीं पता है कि आपका पीएफ अकाउंट कहां खुला है, तो इसके बारे में अपनी कंपनी के एचआर से इस बारे में बात कर सकते हैं।
अपनी सिटी सिलेक्ट करें
 
पीएफ ऑफिस स्टेट की जिस सिटी में है, उसे सिलेक्ट करें।
ऑनलाइन फॉर्म भरें
 
अब आपको एक ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा, जिसमें आपको अपना नाम, मोबाइल नंबर और पीएफ नंबर डालना होता है। पीएफ नंबर के कॉलम में इस्टेबलिशमेंट कोड, एक्सटेंशन और अकाउंट नंबर डालना होता है, जैसा कि तस्वीर में दिखाया गया है। यदि आपको एक्सटेंशन नंबर न पता हो, तो इसे खाली भी छोड़ा जा सकता है।
मैसेज से मिल जाएगी बैलेंस की जनकारी
 
सबमिट बटन पर क्लिक करने के तुरंत बाद आपके पास एसएमएस आ जाएगा। इसमें आपके पीएफ बैलेंस की जानकारी होगी।
जानें पीएफ कोड में किसका क्या है मतलब
 
यदि आपका पीएफ कोड UP/12345/123 है, तो इसमें UP से मतलब है कि आपका अकाउंट उत्तर प्रदेश (UP) में मेंटेन किया जाता है। इसके बाद का नंबर (12345) इस्टेबलिशमेंट कोड कहा जाता है, जो अधिकतर 7 अंकों का हो सकता है। अन्त का कोड (123) अकाउंट नंबर होता है।
 
इस्टेबलिशमेंट कोड
 
अगर कंपनी द्वारा इस्टेबलिशमेंट कोड नहीं मिला है, तो आप ईपीएफओ की वेबसाइट से भी कंपनी का इस्टेबलिशमेंट कोड जान सकते हैं।
 
 
आगे की स्लाइड्स में जानें कैसे पता करें कंपनी का इस्टेबलिशमेंट कोड-
यदि आपको कंपनी का इस्टेबलिशमेंट कोड न पता हो तो इसके लिए वेबसाइट पर Establishment search लिंक पर क्लिक करें।
ऊपर दिखाए गए स्थान में उस एरिए का पिनकोड डालें, जहां आपका पीएफ अकाउंट मेंटेन किया जा रहा है। इसके बाद सर्च पर क्लिक करें।
क्लिक करने के बाद आपके सामने दिखाई गई तस्वीर की तरह कंपनियों की एक लिस्ट खुल जाएगी। इस लिस्ट में से कंपनी का नाम खोजें और उसका इस्टेबलिशमेंट कोड देख लें।
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