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औद्योगिक जमीन के कारोबार पर सख्‍त हुए राज्‍य, राजस्‍थान ने बढ़ाई लैंड ट्रांसफर फीस

 
नई दि‍ल्ली। जमीन की किल्लत के कारण औद्योगिक निवेश में पिछड़ रही राज्‍य सरकारों ने सख्‍त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राजस्‍थान में सरकार ने सस्ती औद्योगिक जमीन हासिल कर ऊंची दरों पर बेचने के कारोबार पर रोक लगाने के लिए पहल कर दी है। सरकार ने इंडस्ट्रियल लैंड की ट्रांसफर फीस बढ़ा दी है।
 
राजस्‍थान की तरह छत्तीसगढ में भी इंडस्ट्रियल लैंड के ट्रांसफर पर रोक लगाने के उपाय किए हैं। हरियाणा में भी इंडस्ट्रियल लैंड का कारोबार रोकने के लिए 10 साल की बंदिश लगाई गई है। 
 
दूसरी ओर, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ की सरकारों ने भी औद्योगिक जमीनों का सर्वे शुरू कर दिया है। इसके तहत औद्योगिक प्रयोग के लिए आवंटित की गई जमीनों पर एक समय सीमा के भीतर उद्योग स्थापित नहीं होता है। तो सरकार उस आवंटन को निरस्त कर सकती है।
 
कवायद का मकसद जमीन के धंधे पर रोक लगाना
 
औद्योगिक क्षेत्रों में सरकार से ली गई जमीनों को खरीदने-बेचने का धंधा पिछले सालों में जोरों पर रहा है। कारोबारी ऐसी जमीनों पर उद्योग लगाने के बाद लाभ कमाने के लिए दूसरों को बेच देते हैं। वहीं बिहार, राजस्‍थान, पंजाब, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश में राज्‍य सरकारें औद्योगिक उपयोग की जमीनों की किल्लत झेल रही हैं। रियायती जमीन बेचने के लिए उद्योगों को नाममात्र की राशि चुकानी पड़ती है।
 
राजस्‍थान में बढ़ी ट्रांसफर फीस
 
सरकारसे जमीन लेकर इंडस्ट्री लगाने के बाद कारोबारियों द्वारा दूसरों को बेच देने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने नियमों में बदलाव कर दिया है। अब आवंटित जमीन पर उद्योग लगाने के बाद उसे बेचने पर उद्यमियों को ज्यादा ट्रांसफर शुल्क चुकाना होगा। सरकार नियमों में बदलाव कर ऐसे धंधे रोकने के साथ ट्रांसफर शुल्क में बढ़ोतरी कर खुद का राजस्व बढ़ाना चाहती है। ये नियम 19 नवंबर को नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही प्रभाव में गए हैं।
  • ऐसे मामलों में पहले से लागू नियम के हिसाब से ट्रांसफर शुल्क तो उद्योगपति को देना होगा ही अतिरिक्त शुल्क भी चुकाना होगा।
  • नए लगाए गए शुल्क की गणना मौजूदा डीएलसी के 50 प्रतिशत के आधार पर होगी।
  • सरकार से जमीन आवंटन करवाकर लगाई गई इंडस्ट्री का ट्रांसफर करने पर अभी शुल्क की वसूली उसकी लीज राशि में पचास प्रतिशत बढ़ोतरी करके की जाती है।
  • अब जमीन आवंटन की शुरुआती राशि और मौजूदा डीएलसी के पचास प्रतिशत की राशि के अंतर के रूप में भी सरकार ट्रांसफर शुल्क वसूलेंगी।
हरियाणा में 10 साल की बंदिश 
 
हरियाणा में औद्योगिक जमीन की किल्‍लत के चलते राज्‍य सरकार ने जमीन के कारोबार पर रोक लगा दी है। राज्‍य की औद्योगिक नीति के अनुसार कोई भी इं‍डस्‍ट्री जमीन के आवंटन के 10 साल तक किसी अन्‍य को नहीं बेच सकता। वहीं इसके बाद भी औद्योगिक जमीन को बचने पर ट्रांसफर फीस के प्रावधान किए गए हैं। 
 
आगे पढ़ें, उद्योग न शुरू करने पर सख्‍त एमपी और छत्‍तीसगढ़..

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