• Home
  • Inland waterways can be transportation game changer: Gadkari

गंगा पर बनेंगे 30 पोर्ट, ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट घटाने की तैयारी

Economy Team

Dec 06,2015 02:27:00 PM IST
विजयवाड़ा। सरकार गंगा नदी पर 30 बंदरगाह बनाने की तैयारी कर रही है। इसके जरिए उसकी देश में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट घटाने की योजना है। इससे एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा और गुड्स की कॉस्ट में भी कमी आएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टेशन के लिहाज से वाटरवेज गेम चेंजर साबित होंगे।
हाईवे, रेलवे से अहम है वाटरवेजः गडकरी
उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय राजमार्ग बेहद अहम हैं। लेकिन वाटरवेज (जलमार्ग) सबसे ज्यादा अहम हैं। चीन में 47 फीसदी गुड्स और पैसेंजर ट्रैफिक पानी के माध्यम से होता है। कोरिया और जापान में 43 और 44 फीसदी गुड्स और पैसेंजर ट्रैफिक पानी के माध्यम से होता है। वहीं यूरोपीय देशों में यह आंकड़ा 40 फीसदी है। हालांकि भारत में यह महज 3.5 फीसदी है।’
कई गुनी कम आती है वाटरवेज पर लॉजिस्टिक की कॉस्ट
गडकरी ने कहा कि पानी से परिवहन की कॉस्ट सड़क और ट्रेन की तुलना में खासी कम है। उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए सड़क से जाने का खर्च 1.5 रुपए (प्रति किलोमीटर) आता है, जबकि रेलवे से 1 रुपए और पानी से सिर्फ 25 पैसे आता है। हमने गंगा पर वाराणसी से हल्दिया तक के रूट पर पहले ही काम शुरू कर दिया है। हम इस रूट पर 30 बंदरगाह बना रहे हैं।’
वाटरवेज में एलएनजी के इस्तेमाल की योजना
गडकरी ने कहा कि फ्यूल के रूप में एलएनजी के इस्तेमाल से वाटरवेज पर लॉजिस्टिक की लागत खासी घट जाएगी। गडकरी के पास शिपिंग मिनिस्ट्री का पोर्टफोलियो भी है। उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि यह गेम चेंजर साबित होगा। इससे हम अपना एक्सपोर्ट बढ़ा सकते हैं, हम प्रोडक्शन कॉस्ट में कमी ला सके हैं क्योंकि इससे लॉजिस्टिक कॉस्ट खासी घट जाएगी। हमारी इसके लिए फ्यूल के तौर पर एलएनजी के इस्तेमाल की योजना है।’
अगली स्लाइड में पढ़िए-नए मोटर व्हीकल एक्ट की तैयारी कर रही है सरकार
नया मोटर व्हीकल एक्ट तैयार कर रही है सरकार गडकरी ने कहा कि सरकार एक नया मोटर व्हीकल एक्ट तैयार कर रही है और भविष्य में देश भर में ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नया कानून इस क्षेत्र में एक क्रांति लेकर आएगा, जिसके माध्यम से ड्राइविंग ट्रेनिंग इस्टीट्यूट्स में कंप्यूटराइज्ड टेस्ट शुरू करने की भी योजना है। हर साल होती हैं 5 लाख दुर्घटनाएं मंत्री ने कहा कि देश में हर साल 5 लाख दुर्घटनाएं होती हैं और लगभग तीन लाख लोग अपने अहम अंग गंवा देते हैं, वहीं 1.15 लाख लोगों की जान चली जाती है। देश में 30 लाख ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी गडकरी ने कहा, ‘देश में लगभग 30 फीसदी लाइसेंस फर्जी हैं। भारत में आप आसानी से ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर सकते हैं। इन इंस्टीट्यूट्स की स्थापना से हम लोगों को प्रशिक्षित कर सकेंगे। हमारे देश में वर्तमान में 22 फीसदी ड्राइवरों की कमी है।’;
X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.