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मैन्यू के हिसाब से बिल जारी करें होटल, कस्टमर की मर्जी बगैर सर्विस चार्ज वसूलना गलत

कंज्‍यूमर अफेयर्स मिनिस्‍ट्री ने कहा है कि कस्टमर्स से बिल मैन्यू के हिसाब से लिया जाए। कंज्‍यूमर अफेयर्स मिनिस्‍ट्री ने कहा है कि कस्टमर्स से बिल मैन्यू के हिसाब से लिया जाए।
गाइडलाइन के मुताबिक बिल में सर्विस चार्ज का कॉलम कस्टमर के लिए खाली छोड़ना होगा। (सिम्बॉलिक इमेज) गाइडलाइन के मुताबिक बिल में सर्विस चार्ज का कॉलम कस्टमर के लिए खाली छोड़ना होगा। (सिम्बॉलिक इमेज)

MONEYBHASKAR

Apr 23,2017 07:59:00 PM IST
नई दिल्‍ली. कंज्‍यूमर अफेयर्स मिनिस्‍ट्री ने कहा है कि कस्टमर्स से बिल मैन्यू के हिसाब से लिया जाए, इसमें सिर्फ टैक्स जुड़ता है और कुछ नहीं। मिनिस्ट्री के मुताबिक, "होटल या रेस्‍टोरेंट कस्टमर की मर्जी के बिना किसी तरह का चार्ज लेते हैं, तो यह यह अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस माना जाएगा।' कंज्‍यूमर अफेयर्स मिनिस्‍टर रामविलास पासवान ने एक बार फिर कहा है कि सर्विस चार्ज मैनेडेटरी नहीं है। अगर होटल सर्विस चार्ज लेकर स्टाफ में बांटते हैं, तो उन्हें इसका हिसाब रखना होगा। 21 अप्रैल को जारी की थी गाइडलाइन...
- पासवान ने कहा, "सरकार ने इसीलिए 21 अप्रैल को गाइड लाइन जारी कर दी है। इसमें साफ है कि सर्विस चार्ज पूरी तरह से कस्टमर की मर्जी पर है, इसे होटल और रेस्‍टोरेंट बिना कस्टमर की मर्जी के नहीं ले सकते हैं। कस्टमर ही तय करेगा कि वो सर्विस चार्ज दे, या न दे।"
टिप के तौर पर हो सकता है सर्विस चार्ज
- "जो लोग सर्विस चार्ज देना चाहते हैं, तो वह टिप के तौर पर हो सकता है। वैसे यह ग्राहक पर छोड़ दिया जाना चाहिए कि वह कुछ देना चाहते हैं, या नहीं। यह गैरकानूनी है कि कस्टमर्स से सर्विस टैक्‍स के नाम पर जबरन वसूली हो।"
कस्टमर्स की शिकायतें मिली थीं
- कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के मुताबिक, "लोगों की तरफ से शिकायतें मिली थीं कि होटल्स और रेस्टोरेंट में टिप के नाम पर 5 से 10% तक सर्विस चार्ज वसूला जा रहा है। कई होटल और रेस्टोरेंट्स में सर्विस बेहतर ना होने के बावजूद कस्टमर्स को यह चार्ज देना पड़ रहा है।'
- इस पर सरकार ने एडवाइजरी जारी कर दी है। इसे राज्‍यों को भेज दिया गया है।
क्या है गाइडलाइन
- इस गाइडलाइन के मुताबिक, बिल में सर्विस चार्ज का कॉलम कस्टमर के लिए खाली छोड़ना होगा, वो फाइनल पेमेंट के वक्त इसे भरेगा। अगर वह इसे न देना चाहे, तो उसे मजबूर नहीं‍ किया जा सकता है।
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कंज्‍यूमर अफेयर्स मिनिस्‍ट्री ने कहा है कि कस्टमर्स से बिल मैन्यू के हिसाब से लिया जाए।कंज्‍यूमर अफेयर्स मिनिस्‍ट्री ने कहा है कि कस्टमर्स से बिल मैन्यू के हिसाब से लिया जाए।
गाइडलाइन के मुताबिक बिल में सर्विस चार्ज का कॉलम कस्टमर के लिए खाली छोड़ना होगा। (सिम्बॉलिक इमेज)गाइडलाइन के मुताबिक बिल में सर्विस चार्ज का कॉलम कस्टमर के लिए खाली छोड़ना होगा। (सिम्बॉलिक इमेज)

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