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पैसे डबल करने के 5 रास्‍ते, नहीं है किसी तरह का रिस्‍क

सरकार इन योजनाओं पर एक तय रिटर्न देती है। इसके चलते पैसे डबल होने की 100 फीसदी गारंटी होती है...

5 ways to double your money Here are some options to double your money

नई दिल्‍ली। सुरक्षित भविष्‍य के लिए यह जरूरी है कि आप अपनी आय का एक हिस्सा रेग्युलर बचत करें और उसे कहीं निवेश करें। आपकी इस खास जरूरत को पूरा करने के लिए कई विकल्प हो सकते हैं। लेकिन, आपके लिए यह जरूरी है कि अपनी गाढ़ी कमाई ऐसी जगह निवेश करें, जहां दूसरे विकल्प की तुलना में आपका निवेश ज्यादा सुरक्षित हो। साथ ही इस बात का भी ध्‍यान रखें कि निवेश करने पर आपको बेहतर रिटर्न मिल रहा है कि नहीं। निवेश विकल्प का चयन करते समय उसपर लगने वाले टैक्स का भी ध्यान रखें।

 
आज के दौर में यह और जरूरी हो जाता है क्योंकि बैंक अपनी ब्याज दरें घटा रहे हैं, वहीं स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। हम आपको रिपोर्ट के जरिए बता रहे हैं कि किन 5 जगहों पर आपके निवेश में रिस्क कम है और आपके पैसे जल्दी दोगुने हो जाएंगे।


 नंबर-1: पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट
रिटर्न: 7.9 फीसदी 

 

बैंक तो डिपॉजिट रेट घटाने में लगे हुए हैं,  लेकिन फिलहाल डाकघर की बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कमी नहीं की गई है। इनवेस्टर्स को बैंक डिपॉजिट पर अभी मैक्सिमम 6  से 7 फीसदी के बीच ब्याज मिल रहा है। जबकि, डाकघर की जमा योजनाओं पर 7.9  फीसदी ब्याज मिल रहा है।  इस लिहाज से आपकी रकम इस स्कीम में 9 साल में दोगुनी हो जाएगी। 

 

 

 

नंबर-2: सरकारी ब्रॉन्ड्स
रिटर्न: 7.8 फीसदी 

बैंक तो डिपॉजिट रेट घटाने में लगे हुए हैं,  लेकिन सरकारी बॉन्ड्स में पैसा लगाना आपके लिए बैंक से बेहतर विकल्प हो सकता है। जहां बैंकों में 6 से 7 फीसदी के बीच ब्याज मिल रहा है, वहीं, सरकारी बॉन्ड्स पर अभी 7.8 फीसदी ब्याज दर है। इस लिहाज से आपकी रकम को दोगुनी होने में करीब 9.2 साल लगेंगे। 
 

 
नंबर-3: फिक्स्ड डिपॉजिट

फिक्सड डिपॉजिट भारत में सबसे सरल और प्रचलित निवेश विकल्प है। कई बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट की अवधि 7 दिनों से लेकर 10 वर्षों तक की होती है। कई बैंक एफडी पर चक्रवर्ती ब्याज की गणना तिमाही आधार पर करते हैं। हर बैंक का इंअरेस्ट रेट अलग-अलग होता है। अगर एसबीआई की बात करें तो एक साल की अवधि के लिए रेग्युलर डिपॉजिट पर 7 फीसदी और सीनियर सिटीजंस के लिए 7.50 फीसदी ब्याज दर है। वहीं, 2 साल से 5 साल के लिए ये दरें 6.85 फीसदी से 7.35 फीसदी है। वहीं, 3 साल से 10 साल की बात करें तो रेग्युलर डिपॉजिट पर ब्याज दर 6.50 फीसदी और सीनियर सिटीजंस के लिए 7 फीसदी है। इनके बीच में और भी कुछ स्लैब हैं। 
 
फि‍क्‍स्‍ड डिपॉजिट के लिए अलग-अलग बैंकों के अलग-अलग नियम हो सकते हैं, उनके ब्याज दरों में भी अंतर संभव है, फिर भी निवेशकों द्वारा बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट सबसे अच्छे विकल्प के रूप में स्वीकार किए जाते हैं। क्‍योंकि यह बचत का सबसे अच्छा विकल्प है। अलग-अलग बैंकों की स्कीम के अनुसार आपकी रकम 98 महीने से 105 महीने (सीनियर सिटीजन और जनरल) के दौरान दोगुनी हो जाएगी। 
 

 

नंबर-4: इनकम फंड्स
रिटर्न: 8 से 9 फीसदी
 
अगर आपको अगले एक साल तक एकमुश्‍त कैश की जरूरत न हो तो इनकम फंड (एक तरह का म्युचुअल फंड) में निवेश करना बेहतर विकल्प होगा। इसके तहत आप शॉर्ट टर्म,  मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म विकल्‍प में निवेश कर सकते हैं। जिस पर आपको 9 फीसदी तक रिटर्न आसानी से मिल सकता है। 9 फीसदी के सालाना रिटर्न के लिहाज से आपकी रकम डबल होने में 8 साल लगेंगे। हालांकि एक तय समय से पहले अगर आप इन्वेस्टमेंट भुनाने की कोशिश करते हैं तो आपसे 1 फीसदी तक पेनल्टी ली जा सकती है। इसलिए शॉर्ट टर्म,  मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म स्कीम के बारे में पहले पता करना ठीक रहेगा। 
 

नंबर-5: राष्ट्रीय बचत पत्र
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80सी के अंतर्गत आयकर से मुक्त राष्ट्रीय बचत पत्र भारत सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं। इसे भारतीय डाक सेवा के किसी भी स्थानीय केंद्र (पोस्ट ऑफिस) से प्राप्त किया जा सकता है। यह 5 अथवा 10 वर्ष की अवधि के लिए होते हैं और आवश्यकता पड़ने पर इन्हें किसी भी बैंक के पास गिरवी रख कर कर्जा भी लिया जा सकता है।

 

 

 

 

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