• Home
  • Tech
  • pilot test of indoor solar cooking system at Leh

इनोवेशन /सूरज की गर्मी से घर के अंदर बन सकेगा खाना

  • देशभर के गांव और कसबों के लिए सरकार लाने जा रही नया सौर चूल्हा
  • इंडियन ऑयल ने लद्दाख के लेह में शुरू किया पायलट टेस्ट
  • सूरज की गर्मी स्टोर होगी, इससे मनचाहे समय पर बन सकेगा खाना

Moneybhaskar.com

Sep 11,2019 07:28:00 PM IST

नई दिल्ली. सरकार देशभर के गांव और कसबों के लिए एक नए तरह का सौर चूल्हा लाने जा रही है। इसके तहत इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम के एक पायलट टेस्ट का काम शुरू किया है। इसके तहत सूरज की गर्मी को स्टोर कर लिया जाएगा और जब जरूरत होगी उस गर्मी का इस्तेमाल कर खाना पकाया जा सकेगा। यह पायलट टेस्ट परियोजना लेह में शुरू की गई है। परियोजना की शुरुआत इंडियन ऑयल के आरएंडडी निदेशक एसएसवी रामकुमार ने की।

इंडियन ऑयल ने परियोजना के लिए अमेरिकी स्टार्टअप से किया करार

कम कीमत वाले सोलर कुकिंग समाधान का विकास करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील से प्रेरणा लेते हुए इंडियन ऑयल ने अमेरिकी स्टार्टअप सन बकेट सिस्टम के साथ एक करार किया है। अमेरिकी कंपनी सोलर एनर्जी आधारित उत्पादों पर काम करती है। करार के तहत एक आसान कुकिंग सिस्टम की डिजाइन तैयार की जाएगी। सिस्टम का विकास किया जाएगा और उसे बाजार में बेचा जाएगा। प्रस्तावित प्रणाली के तहत सोलर एनर्जी को हीट एनर्जी में स्टोर कर लिया जाएगा। इसके लिए एक पोर्टेबल सन बकेट का इस्तेमाल होगा। सन बकेट से घर के अंदर खाना बनाया जा सकेगा। एक सन बकेट चार लोगों के परिवार के खाने की जरूरत के लिए पर्याप्त होगा।

गांव और कसबों के लिए उपयुक्त होगा सिस्टम

सन बकेट को घर के बाहर स्थित पाराबोलिक सोलर कंसंट्रेटर से चार्ज किया जा सकेगा। इससे बकेट में थर्मल एनर्जी (ताप ऊर्जा) स्टोर हो जाएगी। जब भी जरूरत हो, घर के अंदर इस ऊर्जा का उपयोग कर खाना बनाया जा सकेगा। इससे आप ब्वॉयलिंग, स्टीमिंग, फ्राइंग और रोटी बनाने तक का काम कर सकेंगे। सन बकेट में इतनी ऊर्जा होगी कि इससे दिन और रात दोनों समय का खाना बन जाएगा। सोलर पीवी-इंडक्सन कुकटॉप के मुकाबले यह प्रणाली सस्ती होगी। गांव और कसबों के लिए यह सिस्टम उपयुक्त होगा।

लेह में इस पायलट टेस्ट के लिए सूरज की पर्याप्त रोशनी है उपलब्ध

इंडियन ऑयल के लेह स्थित इंडेन एलपीजी बॉटलिंग प्लांट को इस पायलट टेस्ट अध्ययन की जिम्मेदारी दी गई है। यह प्लांट समुद्र तल से 11,800 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। लद्दाख के लेह में सूखे रेगिस्तान जैसा माहौल है। इसके कारण यहां साल भर सूरज की रोशनी बनी रहती है। गौरतलब है कि लद्दाख अब एक केंद्रशासित प्रदेश बन चुका है। पिछले महीने केंद्र सरकार ने संविधान की धारा 370 को प्रभावहीन कर दिया। इस धारा में जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने का प्रावधान था। विशेष दर्जा खत्म करने के साथ ही सरकार ने राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया। इसमें एक जम्मू एवं कश्मीर है और दूसरा लद्दाख है।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.