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आंकड़े /भारत में बहिष्कार के बीच बढ़ी चीनी कंपनियों की कमाई और इलेक्टॉनिक सामानों की खपत

  • शाओमी का रेवेन्यू 50 फीसदी बढ़कर करीब 35,427 करोड़ रुपए हो गया।  
  • भारत के 87% मोबाइल मार्केट पर शाओमी, सैमसंग, वीवो, रियलमी और ओप्पो जैसे ब्रांड का रहा दबदबा

Moneybhaskar.com

Nov 30,2019 05:32:02 PM IST

नई दिल्ली. भारत में चीनी वस्तुओं का बहिष्कार उस वक्त शुरू हो जाता है, जब भारत और चीन के बॉर्डर तनाव होता है या फिर चीन, पाकिस्तान के पक्ष में खड़ा नजर आता है। हालांकि इस विरोध के बावजूद भारत में बड़े पैमाने पर चीनी इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की खपत बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2019 में भारतीयों ने चीनी और कोरियाई मोबाइल फोन और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर करीब 1.70 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं। भारत में चीनी और कोरियाई इलेक्ट्रानिक समानों की खपत पिछले साल के मुकाबले इस साल 35 फीसदी बढ़ गई है।

भारत के बड़े मार्केट पर चीनी सामानों का कब्जा

यूएस बेस्ड मार्केट ट्रैकर इंटरनेशनल डाटा कॉर्पोरेशन (आईडीसी) के मुताबिक शाओमी, सैमसंग, वीवो, रियलमी और ओप्पो जैसे पांच ब्राड का भारत के 87.3 फीसदी भारतीय मार्केट पर कब्जा रहा, जबकि पिछले साल सितंबर माह में यह आंकड़ा 70 फीसदी था। सैमसंग, शाओमी और एलजी का भारतीय टेलीविजन के 70 फीसदी मार्केट में कब्जा है। जबकि इन्हीं कंपनियों का रेफ्रिजरेटर के 45 फीसदी और वाशिंग मशीन के 50 फीसदी मार्केट है।

चीनी कंपनियों की बढ़ी कमाई

ईटी की खबर के मुताबिक वित्त वर्ष 2019 में सैमसंग इंडिया का रेवेन्यू 20 फीसदी बढ़कर 10 मिलियन माइस्टोन को पार करके 73,086 करोड़ रुपए हो गया। वहीं शाओमी का रेवेन्यू 50 फीसदी बढ़कर करीब 35,427 करोड़ रुपए हो गया। रियरमी को शामिल कर लें, तो ओप्पो इंडिया की सेल 80 फीसदी होकर 21,524 करोड़ रुपए हो गई, जबकि वीवो का रेवेन्यू 54 फीसदी बढ़कर 17,202 हो गया।

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