• Home
  • Ramdev's Pantajali plays spoilsport for MNCs

रामदेव ने बिगाड़ा मल्टी नेशनल कंपनियों का खेल, स्ट्रैटजी बदलने को हुईं मजबूर

States Team

Jan 03,2016 02:07:00 AM IST
नई दिल्ली। बाबा रामदेव की पतंजलि ने भारतीय बाजार में पैठ जमाने के लिए वर्ष 2015 में आक्रामक शुरुआत की है। इसका सीधा असर देश के एफएमसीजी सेक्टर पर कब्जा जमाए बैठीं बड़ी कंपनियों पर पड़ेगा। इस चैलेंज को देखते हुए एचयूएल, आईटीसी, पीएंडजी, नेस्ले, ब्रिटानिया और डाबर जैसी मल्टीनेशनल कंपनियां अपनी स्ट्रैटजी में बदलाव को मजबूर हुई हैं। उनकी कोशिश है कि पतंजलि उनके कारोबार में कम से कम सेंध लगा सके।
एचयूएल, आईटीसी और नेस्ले हैं मार्केट लीडर
एफएमसीजी सेक्टर में एचयूएल, आईटीसी, पीएंडजी, नेस्ले मार्केट लीडर हैं। साल 2014 के सर्वे के मुताबिक एचयूएल का मार्केट शेयर 13 फीसदी, नेस्ले 15 फीसदी, आईटीसी 22 फीसदी और प्रोक्टर एंड गैबल 23 फीसदी हिस्सेदारी है। अर्न्स्ट एंड यंग के रिटेल और कंज्यूमर प्रोडक्ट के नेशनल लीडर और पार्टनर पिनाकरंजन मिश्रा ने मनीभास्कर से कहा कि साल 2016 में पतंजलि मौजूदा एफएमसीजी सेक्टर में अहम बाजार हिस्सेदारी हासिल करेगी।
कंपनियों ने बनाई स्ट्रैटजी
डाबर, नेस्ले, एचयूएल जैसी तमाम कंपनियों ने नए साल के लिए विज्ञापनों की स्ट्रैटजी बनाई है। डाबर इंडिया के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर ललित मलिक ने कहा कि कंपनी ई-कॉमर्स पर फोकस करेगी क्योंकि यह तेजी से बढ़ रहा है। सरकार के सातवें पे कमिशन से लोगों की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ेगी और एफएमसीजी कंपनियों का फोकस इन पर अधिक रहेगा। नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी मैगी के विज्ञापन पर अधिक फोकस करेगी।
पतंजलि का टारगेट
बाबा रामदेव की पतंजलि के नूडल्स, बिस्किट, शैंपू, टूथपेस्ट, शहद जैसे 350 से अधिक प्रोडक्ट हैं। कंपनियों को समझ में आने लगा है कि वे पतंजलि से मिल रही प्रतियोगिता को नकार नहीं सकतीं। पतंजलि ने वि‍त्‍त वर्ष 2015-16 में 5,000 करोड़ रुपए का टर्नओवर हासिल करने का टारगेट रखा है, जो ‍2014-15 में 2,000 करोड़ रुपए था। पतंजलि आयुर्वेद के देश भर में 15,000 से अधिक आउटलेट हैं। पतंजलि के मुताबिक उसके सभी प्रोडक्ट की कीमतों एमएनसी ब्रांड की तुलना में 10-40 फीसदी कम है।
कम कीमतों का पड़ा असर
केलोग अपने फ्लेक्स 91 रुपए से 159 रुपए (250 ग्राम से 475 ग्राम का मूल्य) में बेच रहा है। पतंजलि यही फ्लेक्स 85 रुपए से 145 रुपए में बेच रही है। पतंजलि और अन्य कंपनियों के प्रोडक्ट की कीमतों में यह फर्क लगभग सभी प्रोडक्ट पर है।
अगली स्लाइड में पढ़िए-पतंजलि मॉडल की क्या है खासियत
रामदेव का पतंजलि मॉडल है सस्ता अर्न्स्ट एंड यंग के रिटेल और कंज्यूमर प्रोडक्ट के नेशनल लीडर और पार्टनर पिनाकरंजन मिश्रा ने कहा कि रामदेव का रिटेल मॉडल बहुत सस्ता है। महंगे मॉल्स या हाई स्ट्रीट मार्केट में रामदेव को अपना आउटलेट खोलना जरूरी नहीं है। ब्रांड गुरु हरीश बिजूर ने मनीभास्कर को बताया कि पतंजलि को ब्रांडिग या ब्रांड ऐम्बेस्डर पर कोई खर्च नहीं है। रामदेव अपने आप में एक ब्रांड है और उन्हें कोई ब्रांड ऐम्बेस्डर रखने की जरूरत नहीं है। छोटे शहरों और गांवों तक रामदेव के ब्रांड की पहचान है और वहां उन्हें मार्केटिंग और ब्रांडिंग में अधिक मेहनत करने की जरूरत नहीं है। फ्यूचर ग्रुप से हाथ मिलाने का हुआ फायदा बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद और फ्यूचर ग्रुप ने हाथ मिला लिया है। अब पतंजलि के प्रोडक्ट बिग बाजार पर भी बिक रहे हैं। फ्यूचर ग्रुप की 20 महीने में पतंजलि आयुर्वेद के प्रोडक्ट्स बेचकर 1,000 करोड़ रुपए का कारोबार करने की प्लानिंग की है। पतंजलि का कस्टमर बेस भी काफी बड़ा है, जिसका फायदा दोनों को मिल रहा है। फ्यूचर ग्रुप के 240 स्टोर में 65 करोड़ लोग शॉपिंग करते हैं। विज्ञापनों पर पतंजलि ने बढ़ाया खर्च पतंजलि अयुर्वेद 360 करोड़ रुपए विज्ञापनों पर खर्च कर रही है। बाबा रामदेव की कंपनी देश के FMCG मार्केट में अगले वित्त वर्ष तक अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहती हैं। पतंजलि आयुर्वेद का बिज्ञापन बजट उसकी प्रतिस्पर्धी कंपनियों इमामी, ग्लैक्सो स्मिथलाइन, मैरिको, नेस्ले इंडिया और गोदरेज से ज्यादा है। पतंजलि इस बजट में से 300 करोड़ रुपए टेलीविजन, रेडियो, प्रिंट और डिजिटल मीडिया पर और 60 करोड़ रुपए आउटडोर एडवरटाइजिंग पर खर्च करेगी।
X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.