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    Home »States »Uttarakhand» State Govt Ties Up With E-Commerce Companies To Sell Handicraft Product

    राज्यों ने फ्लि‍पकार्ट और स्‍नैपडील से मि‍लाया हाथ, बेच रहे हैं खादी प्रोडक्ट्स


    नई दिल्ली। राज्य सरकारें अपने खादी, आयुर्वेदिक और हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स बेचने के लिए फ्लिपकार्ट, स्नैपडील जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों का इस्तेमाल कर रही हैं। इससे न सिर्फ ई-कॉमर्स कंपनियों को कम दाम में खादी, आयुर्वेदिक, हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स मिल रहे हैं, बल्कि आर्टिजन को भी प्रोडक्ट्स बेचने के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म मिल रहा है।
     

    उत्तराखंड के 64 प्रोडक्ट्स बिक रहे हैं ऑनलाइन
     
    उत्तराखंड हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट काउंसिल (यूएचएचडीसी) और स्नैपडील के बीच हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम प्रोडक्ट्स बेचने के लिए करार हुआ है। इस करार से लोकल आर्टिस्ट, हैंडलूम वीवर और इससे जुड़े छोटे कारोबारियों के प्रोडक्ट्स स्नैपडील पर बेचे जाएंगे।
     
    इस करार के तहत ‘हिमाद्री’ ब्रांड नाम से उत्तराखंड के 100 से भी अधिक प्रोडक्ट्स स्नैपडील पर बेचे जाएंगे। स्नैपडील के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट विशाल चड्ढा ने मनीभास्करको बताया कि अभी 64 प्रोडक्ट्स ऑनलाइन बेचे जा रहे हैं। आने वाले महीनों में सभी प्रोडक्ट्स को शामिल किया जाएगा।
     
    गुजरात के 50,000 हैंडलूम आर्टिजन को फायदा
     
    गुजरात स्टेट हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जीएसएचएचसी) ने फ्लिपकार्ट और स्नैपडील के साथ हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स बेचने के लिए करार किया है। पटोला,  बांधिनी,  हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग प्रोडक्ट्स को भी ऑनलाइन बेचा जा रहा है। इससे करीब 50,000 हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट आर्टिजन को फायदा हो रहा है। जीएसएचएचसी के प्रवक्ता ने मनीभास्कर को बताया कि हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट कारोबारियों और आर्टिजन को बड़ा मार्केट और पहचान मिल रही है, जिन्हें अपने प्रोडक्ट्स के लिए पहले मार्केट नहीं मिल पाते थे।
     
    यूपी सरकार भी कर रही है ई-कॉमर्स का रुख
     
    यूपी सरकार फ्लिपकार्ट, स्नैपडील जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के शॉपिंग पोर्टल पर खादी प्रोडक्ट्स बेचेगी। उत्तर प्रदेश के खादी और ग्रामोद्योग विभाग और खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड पहले चरण में नौ खादी इकाइयों के अलग-अलग प्रोडक्ट्स को स्नैपडील और फ्लिपकार्ट पर बेचेंगे। खादी और ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारी नेमनीभास्कर को बताया कि इनमें से अभी आठ इकाइयों के प्रोडक्ट्स बिकने के लिए तैयार हैं। यूपी सरकार का मकसद खादी प्रोडक्ट्स को सही प्लेटफॉर्म दिलाना है, ताकि इन प्रोडक्ट्स की बिक्री में तेजी आए। 
     
    राजस्थान भी ऑनलाइन बेच रहा है प्रोडक्ट्स 
     
    स्नैपडील और राजस्थान स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन (आरएसआईसी) ने राज्य के हैंडीक्राफ्ट को ऑनलाइन बेचने के लिए करार किया है। आरएसआईसी के प्रवक्ता नेमनीभास्कर को बताया कि राजस्थान के ज्यादातर गांव में आर्टिजन हैं, जो हैंडमेड प्रोडक्ट बनाते हैं। इन हैंडमेड प्रोडक्ट्स को अब ऑनलाइन मार्केट भी मिल रहा है। स्नैपडील राजस्थान के प्रोडक्ट को एक्सक्लुजिव स्टोर पर बेच रहा है।
     
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