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    चीनी मिलों को झटका, हाईकोर्ट ने 1300 करोड़ के ब्याज माफी के यूपी सरकार के फैसले को किया रद्द

    नई दिल्‍ली. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गन्‍ना किसानों के बकाया मामले में यूपी सरकार को तगड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने करीब 1300 करोड़ रुपए के ब्‍याज माफी के यूपी कैबिनेट के फैसले को रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद चीनी मिलों को अब गन्‍ना किसानों का बकाया ब्‍याज भुगतान करना होगा। 
     
    हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह की याचिका पर यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने सिंह की याचिका पर फैसला 13 दिसम्बर को सुरक्षित किया था। जस्टिस वीके शुक्ला और जस्टिस एमसी त्रिपाठी की डिवीजन बेंच में यह सुनवाई हुई। 
     
    इस मामले में पिटीशनर वीएम सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट ने माना कि सरकार का फैसला गलत था। कोर्ट ने केन कमिशनर को रिअसेसमेंट के आदेश दिए हैं। इसमें केन कमिश्‍नर को संबंधित पक्षकारों के साथ मिलकर फैसला करने को कहा गया है। पक्षकारों में राष्‍ट्रीय किसान मजदूर संगठन और इंडिविजुअल में वीएम सिंह शामिल हैं। यूपी शुगरकेन रेग्‍युलेशन ऑफ सप्‍लाई एंड पर्चेज एक्‍ट 1953 के सेक्‍टर 17 (3) के तहत केन कमिश्‍नर को इस बारे में फैसला लेने का अधिकार है।  
     
    यूपी सरकार ने चीनी मिल मालिकों पर 1300 करोड़ रुपए का ब्याज माफ कर दिया था। सरकार ने इस संबंध में हलफनामा हाईकोर्ट में पेश कि‍या था। इस पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने एक जनहित याचिका कोर्ट में फाइल की थी। किसानों की तरफ से दाखिल इस जनहित याचिका पर पहले भी हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि उनके गन्ना मूल्य बकाया का भुगतान चीनी मिलों से सरकार सुनिश्चित कराए। 
     
    अब गन्ना किसानों को मिलेगा ब्याज
    हाईकोर्ट के इस फैसले पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के संयोजक अध्यक्ष वीएम सिंह ने moneybhaskar.com को बताया कि यूपी सरकार ने 2100 करोड़ के बकाये पर यह ब्याज माफ किया। किसानों का यह बकाया 2012 से 2014 की अवधि का है। सिंह ने कहा कि अब अब गन्ना किसानों को ब्याज मिलेगा। किसानों को एक एकड़ पर 10 से 20 हजार रुपए का लाभ हो सकता है।   
     
    प्राइवेट मिलों  पर ज्‍यादा ब्‍याज बकाया 
    पिछले दो वर्षों में (2012-14) गन्‍ना कि‍सानों की बकाया ब्याज की राशि बढ़कर 1306 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। इस राशि में प्राइवेट मिलों की हिस्सेदारी काफी अधिक है। सिर्फ 2012-13 के दौरान ब्याज की यह राशि 556 करोड़ रुपए से अधिक हो चुकी थी। किसानों को यह राशि दिलवाने के बदले सरकार ने मिलों को यह राशि माफ करने का फैसला किया था।
     
    शुगर कंपनियों के स्टॉक का मिला जुला प्रदर्शन 
    शुक्रवार के कारोबार में शुगर स्टॉक्स में मिले जुले संकेत देखने को मिले। मवाना शुगर्स में करीब 5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। वहीं राणा शुगर्स में 3.38 फीसदी की बढ़त है। दूसरी तरफ यूपी की शुगर कंपनियों में गुरुवार की तेजी के बाद शुक्रवार को प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल रही है। एग्जिट पोल से पहले यूपी बेस्ड शुगर कंपनियों के स्टॉक्स में तेज उछाल देखने को मिला था। इसमें बजाज हिंदुस्तान, बलरामपुर चीनी, द्वारिकेश शुगर, ऊध शुगर मिल्स, सिंभावली शुगर शामिल हैं। आज बलरामपुर चीनी में 1.33 फीसदी, द्वारिकेश शुगर में 0.69 फीसदी, ऊध शुगर मिल्स में 0.67 फीसदी और अपर गेंजेस 0.61 फीसदी की गिरावट है। वहीं बजाज हिंदुस्तान में 0.4 फीसदी की बढ़त है, वहीं श्री रेणुका में 0.32 फीसदी की गिरावट है।
     

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