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यूपी में जीएसटी कलेक्‍शन बढ़ा सकता है योगी सरकार की मुश्किलें, SBI रिपोर्ट

योगी सरकार ने प्रदेश के बजट 2018-19 में जीएसटी कलेक्‍शन का जो अनुमान लगाया है, उसे पूरा कर पाना संभव नहीं लगता

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नई दिल्‍ली। योगी सरकार ने प्रदेश के बजट 2018-19 में जीएसटी कलेक्‍शन का जो अनुमान लगाया है, उसे पूरा कर पाना संभव नहीं लगता। इससे सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। शुक्रवार को एसबीआई के इकोनॉमिक रिसर्च डिपार्टमेंट द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट में सरकार ने जीएसटी कलेक्‍शन के अनुमानित आंकड़ें ऑप्‍टामिस्टिक हैं। क्‍योंकि पिछले नौ महीने के दौरान जीएसटी कलेक्‍शन लगातार घट रहा है। एसबीआई इकोरैप ने अपनी स्‍टेट सीरिज के तहत यूपी के स्‍टेट फाइनेंसेज पर यह रिपोर्ट तैयार की है। इसमें यूपी के बजट 2018-19 का क्रिटिकल इवेल्‍यूएशन किया गया है। 

 

क्‍या है अनुमान 
रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्‍तर प्रदेश सरकार ने 428385 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है, इसमें से 348619 करोड़ रुपए रेवेन्‍यू का अनुमान है, जो साल 2018 के मुकाबले 14 फीसदी अधिक है, इसमें स्‍टेट और सेंटर का शेयर भी शामिल है। अनुमान जताया गया है कि वर्ष 2019 में स्‍टेट का अपना टैक्‍स रेवेन्‍यू 256248 करोड़ रुपए रहेगा, जिसमें जीएसटी का 96684 करोड़ रुपए शामिल है। रिपोर्ट में आश्‍चर्य जताया गया है कि सरकार ने साल 2018 में टैक्‍स से होने वाले राजस्‍व में 18 फीसदी ग्रोथ का अनुमान लगाया था, उसे साल 2019 में कम करके 14 फीसदी कर दिया है। 

 

जीएसटी का आंकड़ा महत्‍वाकांक्षी 
रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट से लगता है कि साल 2019 के लिए अनुमानित जीएसटी कलेक्‍शन के मामले में उत्‍तर प्रदेश सरकार काफी आशावादी है। जबकि पिछले कुछ महीनों में जीएसटी कलेक्‍शन में गिरावट रही है और अधिकतर वस्‍तुओं पर जीएसटी 28 फीसदी से कम करने के कारण कलेक्‍शन में कमी आई है। ऐसे में बजट 2019 में जीएसटी कलेक्‍शन का आंकड़ा महत्‍वाकांक्षी लग रहा है। हालांकि सरकार ने उम्‍मीद जताई है कि बेहतर कम्‍प्‍लायंस की बदौलत जीएसटी कलेक्‍शन बढ़ जाएगा। 

 

सैलरी पेंशन भी बनी चुनौती 
रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्‍तर प्रदेश सरकार के लिए कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन भी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बजट में 428325 करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान लगाया गया है। इसमें सैलरी, पेंशन, ब्‍याज का भुगतान, सब्सिडी की हिस्‍सेदारी 75 फीसदी है। अगर सैलरी और पेंशन की बात की जाए तो रेवेन्‍यू कलेक्‍शन का लगभग 75 फीसदी इन दोनों मदों पर खर्च का अनुमान लगाया गया है। 

 

इंफ्रा पर खर्च से होगा विकास 
इन सबके बावजूद इस रिपोर्ट में योगी सरकार द्वारा इंफ्रा प्रोजेक्‍ट्स के लिए किए गए प्रावधान को एक अच्‍छा कदम बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक बजट में बुंदेलखंड एक्‍सप्रेस वे 650 करोड़ रुपए, पूर्वांचल एक्‍सप्रेस वे पर 1000 करोड़ रुपए, गोरखपुर लिंक एक्‍सप्रेस वे पर 550 करोड़ रुपए, आगरा लखनऊ एक्‍सप्रेस वे पर 500 करोड़ और पावर सेक्‍टर की स्‍कीम्‍स पर 29883 करोड़ रुपए अलोकेट किए गए हैं। इस तरह के प्रोजेक्‍ट्स राज्‍य के विकास में काफी सहायक साबित होंगे। 

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