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यूपी सरकार ने 5 चीनी मिलों की काटी आरसी, बकाया गन्ना भुगतान पर एक्शन

उत्तर प्रदेश सरकार ने होली के मद्देनजर किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को लेकर चीनी मिलों पर कार्रवाई तेज कर दी है।

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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश सरकार ने होली के मद्देनजर किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को लेकर चीनी मिलों पर कार्रवाई तेज कर दी है। राज्य सरकार ने बजाज हिंदुस्थान शुगर और सिंभावली शुगर मिल्स सहित 5 मिलों की आरसी काट दी है। राज्य के गन्ना विभाग ने एक बयान में कहा कि किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान नहीं करने पर यह कार्रवाई की गई है।


 


शुगर मिल्स पर कुल 5039 करोड़ रु का बकाया

एक अधिकारी ने कहा, 'गन्ना सीजन 2017-18 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए मोदी ग्रुप के स्वामित्व वाली मलकपुर स्थित एक मिल की आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी की गई है।'

कोजेन्सिस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी ने बताया कि राज्य में मिलों पर गन्ना किसानों का लगभग 5,039 करोड़ रुपए का बकाया है।


 

पिछले साल का भी है बकाया

राज्य सरकार ने गन्ना सीजन 2016-17 के गन्ना बकाये का भुगतान नहीं करने पर चार अन्य मिलों की भी आरसी जारी की है। उन्होंने कहा, 'इन चार मिलों में बजाज हिंदुस्थान शुगर, सिंभावली शुगर मिल्स की चिलवरिया यूनिट, गोविंदनगर शुगर लिमिटेड और बस्ती शुगर मिल्स शामिल हैं।' 22 फरवरी तक इन चार मिलों पर बीते सीजन का गन्ना किसानों का 122 करोड़ रु बकाया था।


 

45 शुगर मिल्स को नोटिस

अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार ने इन 5 शुगर मिल्स के अलावा 45 शुगर मिल्स को नोटिस जारी किए हैं और गन्ना किसानों का समय से पेमेंट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश गन्ना और चीनी का सबसे बड़ा उत्पाद राज्य है।


 

चीनी उत्पादन 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ने का अनुमान

राज्य में इस साल 1.03 करोड़ टन चीनी पैदा होने का अनुमान है, जबकि बीते सीजन में यह आंकड़ा 88 लाख टन रहा था।

उत्तर प्रदेश की मिलों ने 1 अक्टूबर-15 फरवरी के बीच 19.4 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ 64.5 लाख टन चीनी पैदा की, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 54 लाख टन रहा था।

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