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पतंजलि के फूड पार्क प्रस्‍ताव को UP सरकार ने नहीं दी इजाजत, दूसरे राज्‍य में शिफ्ट करने की घोषणा

पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को UP सरकार ने ग्रेटर नोएडा में फूड एंड हर्बल पार्क बनाने की इजाजत देने से मना कर दिया है।

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नई दिल्‍ली. बाबा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को UP सरकार ने ग्रेटर नोएडा में फूड एंड हर्बल पार्क बनाने की इजाजत देने से मना कर दिया है। इसके बाद कंपनी ने इसे किसी दूसरी राज्‍य में शिफ्ट करने की घोषणा की है। इस बात की जानकारी कंपनी के को-फाउंडर आचार्य बाल‍कृष्‍ण ने ट्वीट के माध्‍यम से दी है। उन्होंने इसके पीछे योगी सरकार की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है। पतंजलि इस प्रोजेक्‍ट पर 6000 करोड़ रुपए का निवेश करने वाली थी।

 

 

 

10 हजार लोगों को मिलता रोजगार

आचार्य बालकृष्‍ण के अनुसार इस प्रोजेक्‍ट से 10 हजार लोगों को सीधा रोजगार मिलता और 25 हजार करोड़ रुपए का वार्षि उत्‍पादन होता। यह प्रोजेक्‍ट 30 माह के अंदर बन कर तैयार हो जाता। उनके अनुसार इसके लिए वित्‍तीय संस्‍थानों का सहयोग भी प्राप्‍त कर लिया गया था।

 

 

एक माह का मिला था एक्‍सटेंशन

पतंजलि को मिनिस्‍ट्री ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्‍ट्रीज की तरफ से एक माह का अतिरिक्‍त समय दिया गया था, जो जून के अंत में खत्‍म हो रहा था। इस दौरान कंपनी को प्रोजेक्‍ट को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी करनी थीं। उधर उत्‍तर प्रदेश सरकार के फूड प्रोसेसिंग सेक्रेट्री जेपी मीना का कहना है कि कंपनी को चार माह का समय दिया गया था, जिससे वह अपनी औपचारिकताएं पूरी कर सके, जिससे उसे फाइनल अप्रूवल दिया जा सके। इसमें लैंड और लोन जैसी चार या 5 औपचारिकताएं थीं, जिन्‍हें मेगा फूड पार्क के लिए पूरा करना जरूरी है। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने इस प्रोजेक्‍ट को कैंसिल नहीं किया है। हम लोगों ने इस प्रोजेक्‍ट के लिए बाद में एक माह का एक्‍सटेंशन और दिया था। अगर कंपनी औपचारिकता पूरी नहीं करती है तो हमारे पास इसे कैंसिल करने के अलावा कोई रास्‍ता नहीं बचता है। इससे पहले ऐसा कई अन्‍य प्रोजेक्‍ट के साथ किया गया है।

 

 

 

अखिलेश यादव ने रखी थी आधारशिला

वर्ष 2016 में तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने ग्रेटर नोएडा में फूड पार्क की आधारशिला रखी थी। यह फूड पार्क 425 एकड़ जमीन पर तैयार किया जाना था, जिस पर 6000 करोड़ रुपए की लागत आनी थी।

 

 

 

UP सरकार का पक्ष

उत्तर प्रदेश सरकार ने बयान के मुताबिक, पतंजलि को नोटिस भेजकर फूड पार्क के संबंध में कुछ डॉक्युमेंट मांगे गए थे। इस संबंध में दो रिमाइंडर भी भेजे गए थे। इसके बावजूद पतंजलि की तरफ से डॉक्युमेंट उपलब्ध नहीं कराए गए। इसीलिए मेगा फूड पार्क को निरस्त करने का फैसला लेना पड़ा।

 

बालकृष्‍ण का ट्वीट

आज ग्रेटर नोएडा में केन्द्रीय सरकार से स्वीकृत मेगा फूड पार्क को निरस्त करने की सूचना मिली, श्रीराम व कृष्ण की पवित्र भूमि के किसानों के जीवन में समृद्धि लाने का संकल्प प्रांतीय सरकार की उदासीनता के चलते अधूरा ही रह गया #पतंजलि ने प्रोजेक्ट को अन्यत्र शिफ्ट करने का निर्णय लिया।

 

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