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रोटोमैक के विक्रम कोठारी और बेटा अरेस्ट, 3695 करोड़ के फ्रॉड में CBI का एक्शन

सीबीआई ने 7 बैंकों के 3,695 करोड़ रु के बकाएदार रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी और उनके बेटे को अरेस्ट कर लिया है।

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नई दिल्ली. केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने 7 बैंकों के 3,695 करोड़ रुपए के बकाएदार रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी और उनके बेटे राहुल कोठारी को अरेस्ट कर लिया। सीबीआई ने बुधवार को कोठारी के कानपुर स्थित घर पर छापेमारी की थी और उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली लाई थी। इससे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कंपनी के 14 बैंक अकाउंट अटैच कर दिए थे। यह कार्रवाई बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर की गई। 

 

 

क्या है मामला?

- सीबीआई ने बुधवार को बताया था कि रोटोमैक कंपनी के विक्रम कोठारी समेत 3 डायरेक्टर्स ने 7 बैंकों के कंसोर्शियम को धोखा दिया और बेइमानी से 2919.29 करोड़ रुपए का बैंक लोन निकाला। इसमें लोन का इंट्रेस्ट शामिल नहीं किया गया है। ब्याज जोड़कर ये रकम 3695 करोड़ रुपए हो जाती है। आरोप है कि कंपनी ने बैंक को यह रकम नहीं चुकाई है।

 

14 बैंक खाते हो चुके हैं अटैच

रोटोमैक पेन गुप के खि‍लाफ टैक्‍स चोरी की जांच भी चल रही है, जि‍समें मंगलवार को इनकम टैक्‍स डि‍पार्टमेंट ने 14 बैंक खातों को अटैच कर दि‍या है। इससे पहले सीबीआई ने रोटोमैक कंपनी और इसके डायरेक्टर्स के खिलाफ बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर केस दर्ज किया । शिकायत में रोटोमैक और विक्रम कोठारी समेत 3 डायरेक्टर्स द्वारा 7 बैंकों के 3695 करोड़ रुपए नहीं चुकाने की बात कही गई है। आरोप है कि इन लोगों ने धोखाधड़ी से यह लोन हासिल किया था।

 

 

केस दर्ज कर चुकी है सीबीआई

सीबीआई ने सोमवार को अपनी कार्रवाई तेज करते हुए रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लि. के डायरेक्टर्स विक्रम कोठारी, साधना कोठारी, राहुल कोठारी और बैंक ऑफ बड़ौदा के एक अननोन अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि रोटोमैक केस में साजिशकर्ताओं ने 7 बैंकों के कंसोर्टियम से 2,919 करोड़ रुपए (प्रिंसिपल अमाउंट) का लोन लिया। सीबीआई ने कहा कि इस धनराशि में इंटरेस्ट देनदारी जोड़ी नहीं गई है।

 

 

इन बैंकों से लिया था कर्ज

सीबीआई ने कहा कि इंटरेस्ट सहित यह देनदारी 3,695 करोड़ रुपए बनती है। लोन देने वाले बैंकों के कंसोर्टियम में बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स शामिल हैं।

 

 

कहा था भागा नहीं हूं

इससे पहले रवि‍वार को ही कोठारी ने इन खबरों का खंडन कि‍या था कि‍ वह देश छोड़कर जा चुके हैं। कोठारी ने कहा था कि मैं कानपुर का वासी हूं और शहर में ही रहूंगा। हालांकि ऐसा हो सकता है कि कारोबार के सि‍लसि‍ले में मुझे वि‍देश यात्रा करनी पड़े। बैंक ने मेरी कंपनी को एनपीए घोषि‍त कि‍या है मगर डि‍फॉल्‍टर नहीं। यह मामला अभी भी नेशनल कंपनी लॉ ट्रि‍ब्‍यूनल के वि‍चाराधीन है। मैंने लोन लि‍या है और मैं इसे जल्‍दी ही लौटा दूंगा। कोई देश भारत से अच्‍छा नहीं है। 

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