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सैलरी क्‍लास पर आई आफत, पंजाब सरकार हर टैक्‍स पेयर पर लगाएगी 2400 रुपए का वि‍कास कर

इनकम टैक्‍स के दायरे में आने वाले हर शख्‍स पर 200 रुपए का डेवलपमेंट टैक्‍स लगाने का प्रस्‍ताव कि‍या गया है।

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चंडीगढ़। कांग्रेस नीत पंजाब सरकार ने शनि‍वार को राज्‍य का जो बजट पेश कि‍या है उसमें सभी टैक्‍स पेयर पर 200 रुपए का डेवलपमेंट टैक्‍स लगाने का प्रस्‍ताव कि‍या गया है। राज्‍य के वि‍त्‍तमंत्री को उम्‍मीद है कि खर्चों को सीमा में रखने और इस टैक्‍स की बदौलत अगले दो वर्षों में राज्‍य की अर्थव्‍यवस्‍था वापस पटरी पर लौट आएगी।

बजट में हर बार की तरह इस बार भी खेतीबाड़ी, कि‍सान कल्‍याण, इंडस्‍ट्री, हेल्‍थ, कर्मचारि‍यों और छात्रों पर फोकस कि‍या गया है। बजट पेश करते हुए राज्‍य के वि‍त्‍तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि हमने खर्चों को कम करने और आय के जरि‍यों को बढा़ने की कोशि‍श की है। राज्‍य सरकार ने कुल 1,29,698 करोड़ रुपए का बजट पेश कि‍या। 


हर महीने लगेगा टैक्‍स 
मनप्रीत बादल ने वि‍भि‍न्‍न रास्‍तों से 1500 करोड़ रुपए और कमाने का प्रस्‍ताव पेश कि‍या। उन्‍होंने वि‍धानसभा को बताया कि सरकार ने डेवलपमेंट टैक्‍स लगाने के लि‍ए कानून बनाने का फैसला कि‍या है। इसकी दर 200 रुपए प्रति‍व्‍यक्‍ति प्रतिमाह होगी। यह टैक्‍स केवल उन लोगों पर लगाया जाएगा जो इनकम टैक्‍स दे रहे हैं और पेशेवर, व्‍यापारी या कर्मचारी हैं। 


इस नए टैक्‍स का नाम होगा- पंजाब डेवलपमेंट टैक्‍स। सरकार का आकलन है कि इससे हर साल करीब 150 करोड रुपए जुट जाएंगे। मनप्रीत ने कहा कि हम पैसे कमाने के लि‍ए विभि‍न्‍न रास्‍ते अनाएंगे। इसकी बदौलत सरकार को एशि‍यन डेवलपमेंट बैंक जैसे संस्‍थानों से लोन मि‍ल जाएगा। 


कई राज्‍यों का हवाला दि‍या 
उन्‍होंने बताया कि महाराष्‍ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमि‍लनाडु जैसे प्रगतिशील राज्‍यों ने लंबे समय तक इस तरह का टैक्‍स लि‍या है। सरकार सामाजि‍क सुरक्षा के लि‍ए भी एक नया कानून लाना चाहती है। इसके तहत फंड जुटाया जाएगा जो समाज के कमजोर तबके के लोगों की मदद करने में इस्‍तेमाल होगा। उन्‍होंने बताया कि सरकार सरकारी स्‍कूल में पढ़ने वाले पहली कक्षा से लेकर 12वीं तक सभी छात्रों को मुफ्त में कि‍ताबें मुहैया कराएगी। इसके लि‍ए 49 करोड़ का प्रावधान कि‍या गया है। 


 मनप्रीत ने बताया कि सरकार पर इस समय कुल 1,95,978 करोड़ रुपए का कर्ज है जो कि 2017-18 के राज्‍य के सकल घरेलू उत्‍पाद (GSDP) का 41.04 फीसदी है। वर्ष 2018-19 तक कर्ज बढ़कर 2,11,523 करोड़ रुपए हो जाएगा, जो कि 18-19 की जीएसडीपी  का 40.82 फीसदी होगा। 

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