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हलफनामा / दिग्विजय परिवार के पास साध्वी से 855 गुना ज्यादा है दौलत

साध्वी के पास चांदी की थाली, गिलास, प्लेट, कटोरी, जैसी वस्तुएं, गहनों का भी शौक, राजा को परहेज

Digvijay family has 855 times more wealth than Sadhvi
  • साध्वी के पास न जमीन न जायदाद, बस सिर्फ 4.44 लाख रुपए की चल संपत्ति
  • कमाई के लिए भिक्षावृत्ति और दान पर आश्रित, दिग्विजय पेंशन और किराए पर निर्भर

कुलदीप सिंगोरिया. नई दिल्ली

 देश की सबसे चर्चित सीट यानी मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल। यहां लोकसभा चुनाव के लिए दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों का नामांकन फार्म जमा हो गया है। श्राप, हिंदुत्व, भगवा आतंकवाद, विजन डॉक्यूमेंट जैसे शब्दों के गर्मी के बीच भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह (ठाकुर) ने हलफनामें में बताया है कि उनके पास न तो जमीन जायदाद है और न ही गाड़ी बंगला। उनके पास कुल चल संपत्ति 4 लाख 44 हजार 224 रुपए है। यह संपत्ति कांग्रेस उम्मीदवार और दस साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह के परिवार से 855 गुना कम है। दिग्विजय के पास राघौगढ़ किला समेत कई पुश्तैनी संपत्तियां है। दिग्विजय की खुद की संपत्ति महज तीन करोड़ रुपए हैं। 

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राजा होकर भी सोने का मोह नहीं, साध्वी के पास चांदी के बर्तन

राघौगढ़ का राजा कहलाने वाले दिग्विजय के पास राजसी वस्तुएं नहीं है। उन्हें विरासत में जरूर सोना मिला है। लेकिन उनके खुद का 100 ग्राम सोना और दो किलो चांदी के आभूषण हैं। जबकि साध्वी के पास चांदी का कमंडल, चार कटोरियां, प्लेट, थाली, गिलास व ईंट तक है। उनके पास सोने की चेन, अंगूठी, सप्तधातु की सुमेरनी आदि हैं। 

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कमाई के लिए भिक्षावृत्ति और दान पर निर्भर

साध्वी ने बताया है कि उनकी आजीविका भिक्षावृत्ति और समाज से मिले दान से चलती है। जबकि दिग्विजय ने बताया कि उन्हें विधायक पेंशन, सांसद पेंशन, किराया व कृषि आदि से आय होती है। उनकी पत्नी को पत्रकारिता के पेशे व किराए से आय होती है। जबकि मुख्य आय विरासत से मिली संपत्ति से होती है। 

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जनरेटर की वजह से चर्चा में दिग्विजय 

दिग्विजय सिंह ठाकुर होने के साथ ही राघोगढ़ किले के मालिक भी हैं। फिर भी उनके या परिवार के पास एक अदद बंदूक तक नहीं है। दिग्विजय के पास खुद की कोई कार नहीं है। उनके पिता की वर्ष 1937 में खरीदी गई फोर्ड की जीप जरूर है। हालांकि उनके पत्नी के पास करोला ऑटिस कार है। दिलचस्प बात यह है कि अपने शासनकाल में बिजली गुल की समस्या से दो-चार होने वाले दिग्विजय ने तब एक जनरेटर खरीदा था। अब भी यह जनरेटर उनके पास है। 

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