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मध्यप्रदेश बजट: 2.04 लाख करोड़ का बजट पेश, एग्रीकल्चर-इंफ्रा पर फोकस

मध्यप्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपना आखिरी बजट पेश कर दिया है।

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भोपाल. मध्यप्रदेश फाइनेंस मिनिस्टर जयंत मलैया ने चुनावों को ध्यान में रखते हुए बजट में एग्रीकल्चर, एजुकेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए  घोषणाएं की है। फाइनेंस मिनिस्टर जयंत मलैया ने 2.04 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया है, जबकि पिछला बजट 1.98 लाख करोड़ रुपए का था। यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार का चुनाव से पहले आखिरी बजट पेश किया है।

 

 

एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए की बड़ी घोषणाएं

सरकार ने बजट में किसानों की इनकम दोगुनी करने के लिए करीब 37 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया है। इस बजटीय प्रावधान से राज्य में सिंचाई व्यवस्था, नहरें, बोरवेल, खाद के साथ ही मछली उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। बजट में इस बात पर जोर दिया गया है कि सरकार कृषि सिंचाई सुविधा में लगातार विस्तार कर रही है। किसानों को उसकी उपज का उचित मूल्य मिले इसके लिए समर्थन मूल्य पर सरकार तय कर रही है।

 

- राज्य में धान का उत्पादन 8 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 32 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पर पहुंच गया है।

- 2003 में राज्य में 10 लाख कृषि सिंचाई पंप थे, जो कि 2018 में बढ़कर 27 लाख हो गए हैं।

- मुख्यमंत्री कृषि सिंचाई पंप वितरण योजना के तहत सरकार 2018 में 1.20 लाख सिंचाई पंप बांटेगी।

- राज्य में नई माइक्रो सिंचाई सुविधाएं शुरू करने के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जाएंगीं।

- फाइनेंस मिनिस्टर ने 2003 से लेकर अब तक राज्य में 1,125 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल को सिंचाई सुविधा बढाने की बात कही है।

 

इंडस्ट्री को बजट से हुई मायूसी

राज्य में लगातार इंडस्ट्री को बेहतर करने के लिए 840 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हालांकि, इंइस्‍ट्री इससे बहुत अधिक खुश नहीं है, क्योंकि वह 5 हजार करोड़ रुपए का फंड बनाए जाने की मांग कर रही थी। स्वरोजगार योजना के लिए मात्र 400 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जबकि सरकार ने बजट में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अगले फाइनेंशियल ईयर में 1,13,285 ईकाइंयों के स्थापना का टारगेट रखा है, जो कि इतने बजट में करना मुमकिन नहीं है। बजट में खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर सहित अन्य सेक्टर में स्थापित कंपनियों को निवेश राशि में छूट की बात कही गई है। वहीं बजट में फाइनेंस मिनिस्टर ने बताया कि राज्य में 2,66,746 कारोबारियों ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया है।

 

इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए की कई घोषणाएं

फाइनेंस मिनिस्टर ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र के लिए घोषणाएं की है लेकिन इसमें से ज्यादातर पुरानी योजनाएं हैं। बजट में अगले फाइनेंशियल ईयर में 3,000 किमी नई सड़क निर्माण को प्रस्तावित किया है। सरकार राज्यभर में 532 नई सड़कों का निर्माण करेगी। इंदौर-भोपाल के बीच 6 लेन के एक्सप्रेस-वे के निर्माण को सैद्धान्तिक मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा आवागमन को सुगम करने के लिए जबलपुर, ओरछा और सागर में नए बायपास बनाए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य में 38 नए पुलों का निर्माण किया जाएगा। बजट में स्मार्ट सिटी के लिए 700 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा भोपाल और इंदौर में मेट्रो ट्रेन परियोजना का काम 2018-19 में शुरू हो जाएगा।

 

शिक्षा के लिए बढ़ाया खर्च

फाइनेंस मिनिस्टर ने स्कूली शिक्षा के लिए 27, 724 करोड़ रुपए का बजट रखा है। बजट में 720 नए हाई स्कूलों का निर्माण करवाए जाने का भी जिक्र किया है। अगले फाइनेंशियल ईयर में राज्य में 17 नए सरकारी महाविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा लड़कियों की शिक्षा के लिए मप्र में 1,501 करोड़ रुपए का विशेष कोष बनाया जाएगा। वहीं मप्र में 6 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। सरकार ने 3000 करोड़ रुपए सर्व शिक्षा अभियान के तहत आवंटित किए जाने का प्रावधान किया है। आयुष शिक्षा के लिए भी 413 करोड़ रुपए का प्रावधान है। फाइनेंस मिनिस्टर ने राज्य में अध्यापक संवर्ग को समाप्त कर शिक्षक वर्ग को राज्य सरकार के अधीन लाने की बात कही है।

 

बजट हाईलाइट्स

- फाइनेंस मिनिस्टर ने बजट में जनजाति कल्याण योजनाओं के लिए 6761 करोड़ का बजट प्रावधान प्रस्तावित किया है।

- फाइनेंस मिनिस्टर ने बजट में मप्र के सभी शहरी क्षेत्र खुले में शौच से मुक्त घोषित किए जाने की बात कही।

- फाइनेंस मिनिस्टर ने 18 हजार करोड़ रुपए ऊर्जा सेक्टर के लिए प्रस्तावित किया है।

- 18,737 करोड़ रुपए अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए प्रस्तावित।

- 5 करोड़ रुपए की लागत से छिंदवाड़ा, सिवनी और अन्य स्थानों पर विशेष जनजातीय संरक्षण केन्द्र की स्थापना की जाएगी।

- मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान है। इसके अलावा सभी जिला कोर्ट में सीसीटीवी लगाए जाने की बात कही गई है।

 

 

आगे पढ़ें - बजट की प्रमुख हाईलाइट्स

 

 

बजट हाईलाइट्स

 

- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मप्र में 5 लाख 11 हजार आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाना है। लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 9 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी सरकार।

- पुलिस आवास योजना के लिए 240 करोड़ रुपए का प्रावधान। अनुसूचित कल्याण योजना के तहत 1630 करोड़ रुपए का प्रावधान।

- 3722 करोड़ रुपए पूरक पोषण आहार योजना के लिए प्रस्तावित। वहीं जबलपुर में राज्य कैंसर सेंटर का निर्माण किया जाएगा।

- ग्रामीण क्षेत्रों में 10 बिस्तरों से अधिक का अस्पताल शुरू करने पर निवेश राशि का 40 फीसदी सब्सिडी के रूप में सरकार देगी।
- ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में 1000 बिस्तरों का नया अस्पताल बनाया जाएगा। राज्य में शिशु मृत्यु दर 398 से घटकर 221 हुई है।
- 350 करोड़ का प्रावधान मुख्यमंत्री ऋण के लिए प्रस्तावित है। वहीं 1038 करोड़ रुपए पशुपालन सेक्टर में किए खर्च किए जाने का प्रावधान है।

- 1627 करोड़ रुपए सहकारिता सेक्टर के लिए दिए जाने का प्रावधान है। वहीं 3650 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि किसानों के लिए दिए जाने का प्रावधान है।

 

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