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पीएनबी ने लुटेरों को बुलाकर थमाए पासवर्ड, खुद दुनिया को करता रहा अलर्ट

बैंक कस्टमर्स को एटीएम पिन जैसी अहम डिटेल को लेकर अकसर अलर्ट जारी करते हैं, लेकिन इस बार खुद ही इस पर अमल नहीं किया।

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नई दिल्ली. यूं तो बैंक गाहे बगाहे अपने कस्टमर्स को मैसेज और मेल भेजकर किसी को भी एटीएम पिन, सीवीवी नंबर या डेट ऑफ बर्थ जैसी अहम डिटेल नहीं देने को लेकर अलर्ट करते रहते हैं। इन्हें आपके बैंक में जमा पैसे की सुरक्षा के लिहाज से बेहद सेंसिटिव डिटेल माना जाता है। हालांकि हाल में ऐसा मामला हुआ, जिसमें देश के दूसरे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने लुटेरों को खुद ही हजारों करोड़ रुपए लूटने का मौका दे दिया। ऐसी चर्चा है कि बैंक के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से बैंक से जुड़े अहम पासवर्ड लुटेरों के हवाले कर दिए गए।

 

 

अकेले डिप्टी मैनेजर ने कैसे फ्रॉड को दिया अंजाम?

पीएनबी एग्जीक्यूटिव्स और सरकारी जांच एजेंसियों के मुताबिक एक डिप्टी मैनेजर ने 2011 से 2017 के बीच 11,400 करोड़ रुपए के फ्रॉड को अंजाम दिया। हालांकि सवाल उठता है कि डिप्टी मैनेजर जैसा इम्प्लॉई कैसे अकेले ही इतने बड़े घोटाले को अंजाम दे सकता है।

रॉयटर्स के मुताबिक, इस फ्रॉड को अंजाम देने के लिए स्विफ्ट इंटरबैंक मैसेजिंग सिस्टम का कथित तौर पर मिसयूज किया गया और साथ ही अवरोधों और बैलेंसेस और स्टैंडर्ड बैंकिंग प्रैक्टिसेस से पार पाने के लिए लेजर एंट्रीज नहीं की गईं।

 

इस पासवर्ड से दिया फ्रॉड को अंजाम

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में आरोपी पीएनबी के डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी ने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्होंने अनाधिकृत तौर पर स्विफ्ट सिस्टम का लेवल-5 का पासवर्ड हासिल कर लिया था, जिससे लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) और फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट (एफएलसी) के माध्यम से पैसे के रिलीज को ऑथराइज करने के लिए जरूरी है।

 

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नीरव मोदी को मिल गई थी यह डिटेल

शेट्टी ने बताया कि उन्होंने नीरव मोदी की कंपनी के डायरेक्टर्स के साथ ही कर्मचारियों और अन्य लोगों को भी यह पासवर्ड दे दिया था।

स्विफ्ट सिस्टम के माध्यम से नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप की कंपनियों को पैसा रिलीज करने के कई बैंकों तक पहुंच बनाने के लिए लेवल-5 पासवर्ड अहम था।

 

क्‍या होता है SWIFT
स्‍विफ्ट की फुल फॉर्म होती है Society for Worldwide Interbank Financial Telecommunications. यह एक तरह का संदेश भेजने और प्राप्‍त करने वाला नेटवर्क है जि‍सका इस्‍तेमाल दुनि‍याभर के बैंक और फाइनेंशि‍यल सेवाएं देने वाली अन्‍य संस्‍थाएं करती हैं। इनके माध्‍यम से पेमेंट बहुत तेज हो जाती है। हर बैंक को उसका एक SWIFT कोड़ मि‍लता है, जि‍ससे उसकी पहचान होती है। 

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