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धरे रह गए हजारों करोड़, इस काम पर एक पैसा नहीं खर्च कर पाया यह अरबपति

क्या आप इस बात पर यकीन करेंगे कि कोई अरबपति किसी खास पर एक भी पैसा खर्च नहीं करने को मजबूर हो जाए।

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मुंबई. क्या आप इस बात पर यकीन करेंगे कि हजारों करोड़ रुपए होने के बावजूद कोई शख्स इतना मजबूर हो जाए कि किसी खास काम पर एक भी पैसा नहीं कर सके। हां भारत में एक अरबपति के साथ ऐसा ही हुआ। हम यहां जिंदल ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल की बात कर रहे हैं। यह बात हाल में उन्होंने खुद स्वीकार की।

 

क्या है मामला
दिवालिया हो चुकी एस्सार स्टील की सरकार नीलामी कर रही है। इस कंपनी के लिए जिंदल ग्रुप की जिंदल स्टील ने भी बिड दाखिल की थी, लेकिन प्रमोटर शेयरहोल्डिंग के कुछ रूल्स के कारण जिंदल स्टील को अपात्र ठहरा दिया है। ऐसे में कंपनी हजारों करोड़ रुपए होने के बावजूद इस काम पर एक भी पैसा नहीं खर्च कर सकेगी।

 

52 हजार करोड़ है ग्रुप की नेटवर्थ
फोर्ब्स के मुताबिक जिंदल फैमिली की नेटवर्थ कुल 7.9 अरब डॉलर यानी लगभग 52 हजार करोड़ रुपए है। जिंदल ग्रुप स्टील, पावर, सीमेंट और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सक्रिय है। कंपनी की सबसे बड़ी एसेट जेएसडब्ल्यू स्टील है, जिसे सज्जन जिंदल चलाते हैं। ग्रुप की चेयरपर्सन उनकी मां सावित्री जिंदल हैं।


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कहां फंसा पेंच
जिंदल स्टील की बोली के आगे सरकार का एक नियम आड़े आ गया। जिंदल ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने कहा कि जेएसडब्ल्यू स्टील, बैंकरप्ट एस्सार स्टील के री-बिडिंग प्रोसेस में भाग लेने के पात्र नहीं हैं, क्योंकि बैंकर्स ने सिर्फ उन्हीं लोगों को इसकी अनुमति दी है जिन्होंने बिडिंग के पहले राउंड में एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) दाखिल किया था।

 

दूसरे राउंड में भाग नहीं ले सकेगी जिंदल स्टील
जिंदल ने कहा, ‘हम इसमें फिर से भाग लेना चाहते थे और अच्छा कॉम्पिटीशन देना चाहते थे। इससे बैंकर्स को भी अच्छी रकम जुटाने में मदद मिलती। ऐसे में हम अब बिडिंग नहीं कर पाएंगे।’
देश के प्राइवेट सेक्टर की सबसे बड़ी अलॉय मेकर ने कहा, ‘क्रेडिटर्स की कमेटी ने हमें बताया कि हम दूसरे राउंड में एस्सार स्टील के लिए बिडिंग के पात्र नहीं हैं, क्योंकि हम उन 6 कंपनियों में शामिल नहीं थे जिन्होंने पहले राउंड में ईओआई दाखिल किया था।’

 

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एस्सार स्टील पर है 45 हजार करोड़ रुपए का कर्ज
1 करोड़ टन क्षमता वाली एस्सार स्टील पर 30 लेंडर्स का 45 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा कर्ज है, जो इस क्षेत्र की सबसे बड़ी एसेट है और टेक्निकल ग्राउंड पर आर्सेलरमित्तल और न्यूमेटल को 23 मार्च को अपात्र ठहराए जाने के बाद इसके लिए रीबिडंग शुरू हो गई है।
एस्सार स्टील के लिए री-बिडिंग अब 2 अप्रैल तक खुलेगी और मूल रूप से 6 बिडर ही इसमें भाग लेने के पात्र हैं।

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